सिलीगुड़ी समेत पूरे बंगाल के मौसम में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है. यह बदलाव किस रूप में सामने आएगा, इसका असर लोगों पर क्या होगा, आम जनजीवन कितना प्रभावित होगा, मौसम विभाग भी अभी से इस पर कुछ बताने की स्थिति में नहीं है. लेकिन मौसम में एक बड़ा बदलाव या उलटफेर देखने को मिल सकता है.
जब सुबह में हरी-हरी घास पर ओस की नन्हीं- नन्हीं बूंदे सफेद मोतियों की तरह चमकने लगे, जब धरती पर शीतलता की चादर बिछने लगे तो यह समझ लेना चाहिए कि मौसम बदलने लगा है और सर्दी दस्तक देने लगी है. अक्टूबर का महीना शेष होने वाला है. इसी समय मानसून की विदाई के साथ ही बारिश का अवसान और ठंड का आगाज होता है.
पिछले कई दिनों से धूप में नरमी देखी जा रही है. सुबह में हल्के कोहरे के साथ ही रंग बिरंगे पक्षियों का कलरव इस बात का संकेत है कि मौसम बदलने लगा है. मौसम विभाग भी इस बात की पुष्टि कर रहा है. मौसम विभाग के अनुसार मौसम में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. लेकिन यह बदलाव केवल सर्दी के पैटर्न पर ही नहीं बल्कि वायुमंडल और परिवेश को भी प्रभावित करने वाला है.
बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र बन गया है अथवा बनने वाला है. अरब सागर में भी यह देखा जा रहा है. साफ संकेत है कि चक्रवात किसी भी समय दस्तक दे सकता है. हालांकि लक्ष्मी पूजा तक इसकी कोई संभावना नहीं है. सिलीगुड़ी के लोगों को अभी कुछ दिनों तक इसी तरह से शुष्क मौसम का सामना करना पड़ सकता है.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार भी बंगाल की खाड़ी में चक्रवात कब बनेगा, इसको लेकर अभी से कोई भविष्यवाणी नहीं की जा सकती है. क्योंकि मौसम में बदलाव से अनिश्चितता बनी रहती है. मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी और तमिलनाडु के नजदीक बना एक अन्य परिसंचरण अगले 24 घंटे में निम्न दबाव में बदल सकता है. इसकी दिशा और दशा क्या होगी, वैज्ञानिक इसका अध्ययन कर रहे हैं.
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि थाइलैंड और म्यांमार के तटीय क्षेत्र से आया चक्रवाती तूफान अंडमान सागर पहुंच गया है और इसके पश्चिम और उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ने, पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी में प्रवेश करने और वहां निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना नजर आ रही है. एक-दो दिन में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी कि यह कितना शक्तिशाली होता है.
हालांकि मोटे तौर पर अगले कुछ दिनों तक सिलीगुड़ी समेत पूरे उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है. मौसम विभाग ने बताया है कि दिन के तापमान में गिरावट होने की संभावना है. अधिकतम तापमान 31 डिग्री और 23 डिग्री के बीच रह सकता है.
मौसम में बड़ा बदलाव सिलीगुड़ी को कितना प्रभावित करेगा, अभी से इस पर कुछ कहना ठीक नहीं होगा. लेकिन 26 अक्टूबर से मौसम में बदलाव का असर पड़ना शुरू हो जाएगा. 27 अक्टूबर से बंगाल के कुछ जिलों में, कुछ स्थानों पर हल्की-फुल्की बारिश हो सकती है. बारिश के बाद मौसम में सर्दी की धमक बढ़ सकती है.
लेकिन सिलीगुड़ी, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार, अलीपुरद्वार, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर, मालदा यानी पूरा उत्तर बंगाल वर्तमान में शुष्क ही बना रहेगा. तापमान में लगातार गिरावट भी देखी जा सकती है. तेज सर्दी से पहले सुबह और शाम मौसम काफी खुशगवार बना रह सकता है. सिलीगुड़ी भी इसी तरह के खुशनुमा मौसम का दीदार कर सकता है.
