भाजपा आपके सारे अधिकार छीन लेना चाहती है. एस आई आर चल रहा है. लाइन में कौन लग रहा है? आप और साधारण लोग? क्या बीजेपी के लोग लाइन में लग रहे हैं? भाजपा देश का संविधान बदलना चाहती है. इस बार आप वादा करें कि भाजपा को वोट नहीं देना है और केवल टीएमसी के उम्मीदवार को ही जीताना है. अगर टीएमसी उम्मीदवार आपकी कसौटी पर खरा नहीं उतरे तो 2029 के चुनाव में उसे भी बदल दें. लेकिन भाजपा के झांसे में कभी नहीं आएं…
आज अभिषेक बनर्जी अलीपुरद्वार में चाय बागान श्रमिकों से सीधे मुखातिब थे. वह चाय बागान श्रमिकों की समस्याएं सुन रहे थे और उसका जवाब भी दे रहे थे. अभिषेक बनर्जी ने अपनी इस सभा में राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा पर जमकर प्रहार किया और और उसे सांप बताया. उन्होंने कहा कि सांप को चाहे जितना भी दूध पिला लें, लेकिन वह मौका पड़ने पर डंस ही लेगा. इसलिए भाजपा से सावधान रहना है. उन्होंने चाय बागान के श्रमिकों से भाजपा के किसी भी प्रलोभन या झांसे में नहीं आने की सलाह दी. उन्होंने चाय श्रमिकों से संवाद करते हुए बताया कि उन्हें भाजपा से क्यों दूरी बनाकर रहनी है.
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी राज्य की यात्रा पर हैं. उन्होंने राज्य में चुनाव से पूर्व बंगाल फिर जीतेगा के नारे के साथ दक्षिण 24 परगना के बरूईपुर से अपनी यात्रा शुरू की है. वह अगले एक महीने तक प्रदेश के विभिन्न इलाकों में जनसभा और रोड शो करेंगे.
उन्होंने इससे पहले सितंबर 2023 के पंचायत चुनाव के पूर्व फरवरी मार्च में नबो जोर यात्रा शुरू की थी और इसका पार्टी को काफी लाभ मिला था. तृणमूल कांग्रेस ने न केवल उन चुनावों में जीत हासिल की थी, बल्कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भी भारी जीत दर्ज की थी. टीएमसी के सूत्रों ने बताया कि अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा चुनाव में कई उम्मीदवारों को खुद चुना था और उन उम्मीदवारों ने लोकसभा में जीत दर्ज की थी.
उन्होंने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी के खिलाफ भारतीय क्रिकेटर यूसुफ पठान को मैदान में उतारा था. यूसुफ पठान की जीत हुई थी. इसी तरह से कूचबिहार से उन्होंने जगदीश चंद्र वर्मा वसुनिया को टिकट दिलाने में मदद की थी. वसुनिया ने भाजपा के निशित प्रमाणिक को चुनाव में हराया था.
उत्तर बंगाल में टीएमसी को जीत दिलाने के लिए यह जरूरी है कि यहां के चाय बागान श्रमिकों में पार्टी की पैठ बने. अभिषेक बनर्जी ने इसे एक मिशन के रूप में लिया है और यही कारण है कि उनका पूरा फोकस उत्तर बंगाल के चाय बागानों के श्रमिकों पर केंद्रित है.
अपने इसी खास मकसद को लेकर आज अभिषेक बनर्जी अलीपुरद्वार में चाय श्रमिकों से संवाद कर रहे थे. अभिषेक बनर्जी का यह अभियान मतदाताओं तक पहुंचने, पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने और ममता बनर्जी सरकार की उपलब्धियों को उजागर करने के लिए है. अभिषेक बनर्जी अपनी यात्रा के दौरान ममता बनर्जी सरकार के अलग-अलग मोर्चो पर उपलब्धियों को बताएंगे. इसके साथ ही उनकी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ बंगाल की संस्कृति, भाषा और पहचान को बनाए रखने में ममता बनर्जी की भूमिका के बारे में भी बात करेंगे.
सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार अभिषेक बनर्जी आज अपनी यात्रा के क्रम में उत्तर बंगाल के एकदिवसीय दौरे पर अलीपुरद्वार पहुंचे हैं. इससे पहले वह आज बागडोगरा हवाई अड्डे पर उतरे और वहां से अलीपुरद्वार के लिए रवाना हो गए. उनका कार्यक्रम अलीपुरद्वार के माझे डाबरी चाय बागान में आयोजित था. वह मुख्य रूप से चाय बागान के श्रमिकों के साथ संवाद कर रहे थे. सूत्रों ने बताया कि अभिषेक बनर्जी 9 जनवरी को उत्तर 24 परगना जिले के ठाकुर नगर में स्थित मतुआ मंदिर में पूजा करेंगे.
ममता बनर्जी का संदेश लेकर अभिषेक बनर्जी जो तोई कोरो हमला, आबार जितबे बांग्ला के मिशन पर काम करने वाले हैं. उनकी इस यात्रा का एक मकसद यह भी है कि विधानसभा चुनाव में सही उम्मीदवार को चुनने में स्थानीय नेताओं से उन्हें फीडबैक भी मिल जाएगा.
अभिषेक बनर्जी की इस यात्रा पर भाजपा की टिप्पणी भी आई है. प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा है कि अभिषेक बनर्जी चाहे जितना भी जोर लगा ले, इस बार बंगाल की जनता टीएमसी का विसर्जन करके रहेगी. उन्होंने कहा कि इस बार बंगाल विधानसभा का चुनाव टीएमसी बनाम बीजेपी के बीच नहीं होगा बल्कि टीएमसी बनाम राज्य की जनता के बीच होने वाला है.

