January 27, 2026
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‘अनिश्चितकाल के लिए भी बैंक बंद हो सकते हैं’ सिलीगुड़ी में बैंक हड़ताल से कारोबार पर व्यापक असर!

'Banks could remain closed indefinitely': Bank strike in Siliguri has a widespread impact on businesses!

शनिवार से बैंक बंद है. जिसका प्रभाव न केवल आम लोगों पर पड़ रहा है, बल्कि कारोबारी भी परेशान हैं. चेक अथवा लेनदेन का समाधान नहीं होने से व्यापार प्रभावित हुआ है. कई लोगों का शुक्रवार को लेनदेन अधूरा रह गया था. उसकी वजह से ट्रांसपोर्ट पर भी प्रभाव पड़ा है. आज बैंक हड़ताल के कारण सिलीगुड़ी के सभी सरकारी और गैर सरकारी बैंक बंद रहे. एटीएम सेवाओं पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ा है.

आज की बैंक हड़ताल से उन लोगों को ज्यादा परेशान होना पड़ा, जो दैनिक लेनदेन करते हैं. इसके अलावा पेंशनधारी लोगों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. हड़ताल में शामिल बैंक कर्मियों तथा अधिकारियों का मानना है कि अगर सरकार उनके साथ सहानुभूति पूर्वक विचार करे तो उन्हें भविष्य में हड़ताल बुलाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी. उनका पांच दिवसीय कार्य व्यापार की मांग पूरी तरह जायज है.

2024 के समझौते को त्वरित तरीके से लागू करने की मांग को लेकर बैंक कर्मियों की यह हड़ताल बुलाई गई थी. हालांकि यह एक दिवसीय हड़ताल थी. लेकिन यदि इंडियन बैंकर्स एसोसिएशन ने उनकी मांगों को नहीं माना तो भविष्य में अनिश्चितकालीन बैंक हड़ताल की धमकी दी गई है. आज सिलीगुड़ी और जलपाईगुड़ी के विभिन्न बैंकों के आगे बैंक कर्मियों के द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले बैंक कर्मचारियों तथा अधिकारियों ने हड़ताल बुलाई थी. हड़ताल के दौरान सिलीगुड़ी में कई बैंकों के आगे धरना प्रदर्शन चलता रहा.

बैंक कर्मचारी और अधिकारी पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग कर रहे हैं. मिली जानकारी के अनुसार इंडियन बैंकर्स एसोसिएशन तथा यूनाइटेड फोरम बैंक यूनियन के बीच साल 2024 में एक समझौता हुआ था. इसके तहत बैंक की कार्य अवधि सप्ताह में 5 दिन रखने का निश्चय किया गया था. उस समय से अभी तक यह समझौता लागू नहीं हुआ, जिसके कारण बैंक कर्मचारियों को हड़ताल के लिए विवश होना पड़ा.

भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारी यूनियन के पदाधिकारी सप्त ऋषि मुखर्जी ने कहा है कि वर्ष 2025 के मार्च महीने में भी हड़ताल बुलाई गई थी. लेकिन तब आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला था. तब से बैंक कर्मचारी अपनी आवाज उठाते आ रहे हैं. पिछले हफ्ते यूनियन फोरम बैंक यूनियन के महासचिव रूपम राय के साथ इंडियन बैंकर्स एसोसिएशन की दो बार बैठक हुई थी. लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला.

हड़ताल में शामिल बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की अपनी शिकायत अपनी जगह पर सही भी है. उन्हें ग्राहकों के कार्य के अलावा अन्य कार्यों के निपटारे के लिए बैंक कार्य बंद होने के बाद भी उन्हें काम करना पड़ता है. बैंक कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि जो फैसला हुआ है, उसे तुरंत लागू किया जाए और एक निर्धारित तारीख की घोषणा की जाए.

सिलीगुड़ी और जलपाईगुड़ी में आज की बैंक हड़ताल शत प्रतिशत सफल रही है. बैंक शाखाओं से जुड़े एटीएम भी बंद देखे गए, जिसके कारण ग्राहकों को एटीएम से निकासी में समस्या उत्पन्न हुई. बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो भविष्य में अनिश्चितकालीन बैंक हड़ताल की जा सकती है. बैंक हड़ताल के कारण अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ता है. ऐसे में सरकार को आगे आना चाहिए और बैंक कर्मियों की मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करना चाहिए.

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