March 17, 2026
Sevoke Road, Siliguri
प्रमुख हेडलाइंस और अपडेट्स

In complete…सावधान सिलीगुड़ी! क्या एक और ‘काल बैसाखी’ दस्तक देने वाली है?

सिलीगुड़ी के लोग 16 मार्च 2026 की रात को शायद ही भुला पाएंगे, जब चुपके से काल बनकर आया तूफान घरों, प्रतिष्ठानों, दुकानों और सार्वजनिक स्थानों में घुस गया और मिनट में ही तबाही मचा कर निकल गया. केवल 5 से 7 मिनट में ही सब कुछ खत्म हो गया. किसी के मकान की छत उड़ गई तो किसी की दुकान पेड़ के नीचे दब गई तो कहीं बरगद का विशाल पेड़ उखड़ गया तो कहीं सालों पुराना गाछ गिर गया!

सिलीगुड़ी में शक्ति इतनी ज्यादा हुई की प्रशासनिक हर काम पर मच गया चुनाव का समय है और उम्मीदवार जनसंपर्क में जुटे हुए हैं जैसे ही काल बैसाखी द्वारा विनाश लीला शुरू हुई उसके कुछ ही देर बाद टीएमसी उम्मीदवार गौतम देव के साथ ही भाजपा और दूसरे दलों के के नेता लोगों का दुख दर्द जानने पहुंच गए और जितना संभव हो सकता था उन्होंने उनके लिए किया भी सिलीगुड़ी में ऐसा कोई मकान या दुकान नहीं जो काल बनकर आए तूफान से प्रभावित रहा हो

लोगों का कहना है कि भगवान ना करें अब ऐसी मुसीबत दोबारा आए परंतु दूसरी तरफ भारतीय मौसम विभाग ने बताया है कि यह मत समझ लीजिए की खतरा टल गया है या फिर ऐसा खतरा जल्द नहीं लौटेगा भारतीय मौसम विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि अभी यह खतरा टला नहीं है आगामी 21 मार्च तक सिलीगुड़ी समेत पूरे बंगाल के लोगों को संभलकर रहने की जरूरत है

यह तूफान बंगाल की खाड़ी से उठा है और इसका असर 21 मार्च तक बंगाल में देखा जा सकता है हालांकि मंगलवार को दिन में अच्छी खासी धूप भी नजर आई परंतु सिलीगुड़ी का मौसम कब बदल जाए कुछ कहा नहीं जा सकता है भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी जारी किया है कि आगामी 21 मार्च तक हल्की से लेकर माध्यम वर्षा बिजली चमकना तेज हवाएं मेघ गर्जन आदि जारी जा सकते हैं

भारतीय मौसम विभाग की रिपोर्ट में कहा गया है कि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर चला जाना चाहिए उन्हें पैरों के आसपास नहीं रहना चाहिए राज्य में खासकर उत्तरबंगा बैंग क्षेत्र में बंगाल क्षेत्र में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती है जबकि पश्चिम वर्तमान वीर भूमि मुर्शिदाबाद और नदिया जिले में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती है

भारतीय मौसम विभाग की चेतावनी में कहा गया है कि अचानक मौसम में बदलाव के चलते खेत में खड़ी फसलों को व्यापक नुकसान पहुंच सकता है इसलिए किसानों को अपनी फसल की सुरक्षा के लिए उपाय करना चाहिए इसके अलावा बिजली पोल का गिरना पैरों का उखड़ना कमजोर मकान का धराशाई होना बिजली कितना होली गर ना आदि घटनाएं देखी जा सकती हैं दक्षिण बंगाल से ज्यादा उत्तर बंगाल में या खतरा मंडरा रहा है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *