नए साल में लोग पिकनिक मनाने के लिए या फिर कहीं पहाड़ और वादियों में घूमना ज्यादा पसंद करते हैं. इस कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच नया साल मनाने के लिए काफी संख्या में दूर-दूर से पर्यटक आ रहे हैं. एनजेपी से सालूगाड़ा जाने वाली सिटी ऑटो गाड़ियों में उनकी अच्छी खासी तादाद देखी जा सकती है.
वर्तमान में हर दूसरी गाड़ी में पर्यटक मिल ही जाएंगे, जो एनजेपी से चेक पोस्ट या पीसी मित्तल बस टर्मिनस तक जाते हैं और वहां से निजी टैक्सी अथवा बस से पहाड़ की ओर यात्रा करते हैं. सिलीगुड़ी और आसपास के कई लोग भी नए साल का जश्न पहाड़ों में मनाना चाहते हैं. अगर आप भी कुछ इसी तरह की प्लानिंग कर रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है.
मिली जानकारी के अनुसार इन दिनों दार्जिलिंग से लेकर गंगटोक तक होटल फूल चल रहे हैं. इसलिए घर से चलने से पहले अगर पहाड़ में होटल में रुकना है, तो होटल में कमरे का पता लगा कर चलें और संभव हो तो पहले से बुक कर ले. क्योंकि सूत्रों ने बताया कि इस समय पहाड़ में बड़े होटल से लेकर छोटे होटल, होम स्टे इत्यादि खाली नहीं है. मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि पहाड़ में बर्फबारी हो सकती है.
इसलिए अपने साथ गरम कपड़ों की पूरी तैयारी करके निकलें. दार्जिलिंग अथवा गंगटोक जाने के लिए टैक्सी वाले मनमाना किराया ले रहे हैं , इसलिए बेहतर होगा कि आप अपने बजट के अनुसार सरकारी अथवा निजी बस अथवा पैसेंजर जीप या सुमो से ही यात्रा करें. टैक्सी वालों का मनमाना किराया आपको परेशान कर सकता है.
सिलीगुड़ी से बाहर दूर दराज के पर्यटकों को सिलीगुड़ी से गंगटोक का टैक्सी किराया पता जरूर होता है, लेकिन जब वे सिलीगुड़ी जंक्शन पर टैक्सी वाले से बात करते हैं तो निर्धारित किराया और और टैक्सी वाले द्वारा मांगे जाने वाले किराये में जमीन आसमान का अंतर होता है. यह आपके पर्यटन बजट को असंतुलित कर सकता है.
आमतौर पर सिलीगुड़ी जंक्शन से गंगटोक जाने के लिए टैक्सी का किराया प्रति यात्री लगभग ₹400 आता है. अगर आप रिजर्व में जाना चाहते हैं तो लगभग ₹4000 का किराया होता है. इन दिनों टैक्सी वाले बाहर से आने वाले पर्यटकों से प्रति यात्री 700 से लेकर ₹800 और यदि आप टैक्सी बुक करते हैं तो 8000 से ₹10000 तक देना पड़ सकता है.
ऐसा नहीं है कि सरकार या यूनियन की ओर से टैक्सी किराया बढ़ाया गया है, बल्कि कुछ टैक्सी चालकों ने पर्यटकों से मनमाना किराया वसूल करना शुरू कर दिया है. इसके बारे में यूनियन को भी पता नहीं होता. अब जो बाहर से पर्यटक आया है, वह तो घूमने के लिए ही आया है. ऐसे में उसके पास टैक्सी वाले की मनमानी झेलने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं बचता है.
इस समय मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ तक मौसम काफी खराब है. पहाड़ पर यात्रा करते समय कई बातों का ध्यान रखना पड़ता है. बीमार और बुजुर्ग व्यक्तियों को इस समय पहाड़ की यात्रा टाल देना चाहिए. पहाड़ पर गाड़ी चलाते समय काफी सावधानी बरतने की आवश्यकता है. क्योंकि समतल से लेकर पहाड़ तक कोहरे की मोटी चादर बिछी है. इसलिए संभल कर गाड़ी चलाएं.
सिलीगुड़ी से पहाड़ पर जाने के लिए पर्याप्त टैक्सी भी है. रास्ता भी सही है. लेकिन फिर भी किराया महंगा? ऐसा लगता है कि दार्जिलिंग समतल पहाड़ विवाद के चक्कर में कमाई से वंचित रहने वाले कुछ टैक्सी चालक पर्यटकों से ही भरपाई करना चाहते हैं. सिलीगुड़ी से पहाड़ जाने वाले कुछ पर्यटकों ने यह आरोप लगाते हुए कहा है कि टैक्सी चालक बाहरी पर्यटक को देखकर किराया बढ़ा देते हैं. क्योंकि पर्यटकों को पता नहीं होता है.
लेकिन इससे एक पर्यटक की नजर में शहर और टैक्सी चालकों की छवि खराब होती है. सिलीगुड़ी जंक्शन के स्थानीय लोगों ने बताया कि इस समय बाहर से काफी पर्यटक आ रहे हैं. पर्यटकों की भीड़ देखकर टैक्सी वाले भी मनमाना किराया वसूल कर रहे हैं. ऐसा नहीं है कि केवल बाहरी पर्यटकों से ही पैसा वसूला जा रहा है बल्कि स्थानीय पर्यटक भी उनके शोषण का शिकार हो रहे हैं.
और आखिर में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पहाड़ पर इंजॉय करते समय मौसम का जरूर ध्यान रखें. इस मौसम में बर्फबारी का आनंद उठाते समय अपनी सेहत का जरूर ध्यान रखें. क्योंकि बरसात के दिनों में बर्फ से खेलने का एक अलग ही आनंद होता है. जबकि सर्दियों में और खासकर इस मौसम में ज्यादा देर तक प्रकृति के खुले आंगन में बर्फ से खेलने का आपकी सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है.
आप पिकनिक मनाने आए हैं और बीमार होकर जाएं, यह तो अच्छी बात नहीं है. प्रत्येक टूरिस्ट प्लेस के प्रबंधन की गाइडलाइंस का अवश्य पालन करें. यह आपकी सुरक्षा के लिए होता है. इस तरह से कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखेंगे और यात्रा से पूर्व पर्यटक स्थल से संबंधित सारी जानकारी रखेंगे तो आपकी यात्रा सुखद और मंगलमय होगी.
