सिलीगुड़ी में आए दिन अग्निकांड की घटनाएं घटती रहती हैं. आरोप लगाया जाता है कि दमकल विभाग समय पर मौके पर नहीं पहुंचता, जिसके कारण आग विकराल रूप धारण कर चुकी होती है. विधान मार्केट में तो पहले भी कई बार अग्निकांड की घटनाएं घट चुकी हैं और आरोप भी दमकल पर लगे हैं. कल देशबंधुपाड़ा इलाके में अग्निकांड की घटना घटी, जिसमें एक बहुमंजिली इमारत की चौथी मंजिल बुरी तरह झुलस गई.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अगर दमकल विभाग समय पर पहुंचा होता तो शायद इतनी बड़ी क्षति नहीं हुई होती. दमकल विभाग पर लगातार उठ रहे आरोपों की सत्यता की जांच और व्यवस्था में सुधार को लेकर सिलीगुड़ी के विधायक डॉक्टर शंकर घोष सिलीगुड़ी नगर निगम में विपक्ष के नेता अमित जैन तथा दूसरे भाजपा नेताओं के साथ दमकल विभाग के कार्यालय में पहुंचे और वहां अधिकारियों से बात की.
सिलीगुड़ी के विभिन्न इलाकों में खासकर घनी बस्तियों में अग्निकांड की बढ़ती घटनाओं के लिए कई कारक जिम्मेवार हैं. दमकल विभाग में बुनियादी ढांचे का अभाव है ही. अधिकांश मालिकों के द्वारा फायर सेफ्टी नियमों का पालन नहीं किया जाता. आवासीय इमारतों में रहने वाले लोगों के द्वारा अग्नि सुरक्षा से संबंधित मानकों का पालन नहीं किया जाना व सिलीगुड़ी नगर निगम की लापरवाही के साथ-साथ दमकल विभाग की तकनीकी कार्य योजना का अभाव भी प्रमुख है.
सिलीगुड़ी की सड़कों और गलियों की हालत ऐसी है कि कई मामलों में तो दमकल रास्ते में ही फंस जाता है और घटनास्थल पर नहीं पहुंच पाता है. अवैध निर्माण तथा अतिक्रमण के चलते रास्ते छोटे होते जा रहे हैं. जिन पर दमकल की गाड़ियों की रफ्तार थम जाती है. दमकल के अधिकारियों से बातचीत करने पर डॉक्टर शंकर घोष ने महसूस किया है कि ऐसी घटनाओं के पीछे सिलीगुड़ी नगर निगम की लापरवाही और प्रशासनिक विफलता सबसे ज्यादा है.
सिलीगुड़ी नगर निगम आर्थिक लेनदेन को बढ़ावा देकर लोगों की जिंदगी को मुसीबत में झोंक रहा है. उन्होंने आरोप लगाया है कि सिलीगुड़ी में अनेक मार्केट कंपलेक्स, आवासीय इमारतें, बाजार, भीड़भाड़ वाले स्थान है. लेकिन नगर निगम यहां अग्नि सुरक्षा मानको के पालन पर जोर नहीं देता. जिसकी वजह से लोग लापरवाह हो जाते हैं. ऐसे में अग्निकांड होने पर जान माल को भारी नुकसान पहुंचता है. डॉक्टर शंकर घोष ने कहा कि दमकल विभाग में तकनीकी खराबी की समस्या हमेशा रहती है. इसके लिए कौन जिम्मेदार है?
सिलीगुड़ी नगर निगम को इस पर ध्यान देना चाहिए.लेकिन निगम की ओर से इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है.उन्होंने कहा कि सिलीगुड़ी में अवैध निर्माण, आवासीय इमारत, बाजार में भीड़भाड़ तथा अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन नहीं होने के लिए सिलीगुड़ी नगर निगम जिम्मेदार है अगर सिलीगुड़ी नगर निगम के द्वारा इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया जाता है तो गर्मियों में ऐसी घटनाएं अत्यधिक बढ जाएगी और इसके लिए सिलीगुड़ी नगर निगम और सरकार ही जिम्मेदार होगी!
