January 19, 2026
Sevoke Road, Siliguri
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माटीगाड़ा के तुलसी नगर का कांड नहीं होता, अगर पुलिस व्यवस्था मजबूत होती!

The incident in Tulsi Nagar, Matigara, would not have happened if the police system had been stronger!

सिलीगुड़ी के तुलसी नगर में कल जो कुछ हुआ, उसे लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की राजनीति शुरू हो गई है. घटनास्थल पर टीएमसी से लेकर दूसरे दलों के नेता भी पहुंचे थे. इन नेताओं में टीएमसी के संजय टिबड़ेवाल और भाजपा विधायक आनंदमय बर्मन प्रमुख थे. लेकिन तब तक जो होना था, वह हो चुका था. स्थानीय लोगों का आरोप है कि अगर मौके पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल मौजूद होता तो यह कांड शायद नहीं होता.

यह कोई पहला मौका नहीं है जब दो पक्षों में तनाव और उत्तेजना भड़की थी. इससे पहले भी ऐसा हो चुका है. पत्थर बाजी व हमले की घटनाएं पिछले साल भी हो चुकी हैं. देखा जाए तो घटना जब तक विकराल रूप नहीं ले लेती,पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है. ऐसे संवेदनशील मामलों में पुलिस प्रशासन को त्वरित कदम उठाना चाहिए था और सुरक्षा के व्यापक प्रबंध करना चाहिए था. लेकिन ऐसा नहीं हो सका.

स्थानीय लोगों ने खबर समय को बताया कि जब दो पक्षों के बीच विवाद चल रहा था, तब पुलिस मौके पर पहुंची थी. लेकिन पर्याप्त फोर्स का इंतजाम नहीं था. जब पुलिस चली गई, तब दोनों पक्षों में झड़प और पथराव शुरू हो गया. आपको बता दें कि तुलसीनगर इलाके में धार्मिक मुद्दे को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद उत्पन्न हुआ था.

देखते देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर पत्थर बाजी शुरू कर दी. इस घटना में दोनों ही पक्षों से कई लोगों के घायल होने की जानकारी मिली है. जिनका इलाज सिलीगुड़ी जिला अस्पताल में चल रहा है. जब यह बड़ी घटना घट गई, तब पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए भारी संख्या में पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया. अगर आरंभ में ही व्यापक पुलिस फोर्स का इंतजाम रहता तो ऐसी घटना शायद नहीं घटती.

फिलहाल क्षेत्र में शांति जरूर है. लेकिन दोनों ही पक्षों के बीच अंदर ही अंदर तनाव व्याप्त है. यहां एक मंदिर को लेकर आरंभ से ही विवाद होता रहा है. हालांकि ऊपर से मामला शांत दिख रहा है, पर॔तु तुलसीनगर और खोलाईबखतरी के लोग अभी भी आतंकित और दशहत के माहौल में जी रहे हैं.

माटीगाड़ा थाना पूरे मामले की जांच में जुटी है. दोनों ही पक्षों के अपने-अपने दावे और आरोप हैं. राजनीतिक दलों के नेताओं और पुलिस प्रशासन को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि इस तरह की घटना भविष्य में ना घटे. इलाके के लोग भी प्रशासन से यही मांग कर रहे हैं. इसके लिए उपयुक्त कदम उठाने की जरूरत है. यह समय और खासकर यह मामला राजनीति का नहीं है इलाके के लोगों की शांति और स्थिरता जरूरी है.

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