April 13, 2026
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असम समेत 3 राज्यों में जनता ने सरकार का कर दिया फैसला! राजनीतिक दलों के दिल की धड़कन बढी! बंपर वोटिंग! 4 मई को पता चलेगा, किसमें है कितना दम!

The public has decided the government's fate in three states, including Assam! Political parties' heartbeats have increased! Voting has been bumper! May 4th will reveal who has the most power.

असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में मतदाताओं ने उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला कर दिया है. किस दल की नई सरकार होगी, इन राज्यों के मतदाताओं ने अपना फैसला मतपेटियों में बंद कर दिया है. क्या असम में हेमंत विश्व शर्मा फिर से सरकार बनाने जा रहे हैं? या होगा कोई बड़ा उलटफेर? वहां आज पड़ी बंपर वोटिंग ने राजनीतिक दलों के लिए भी असमंजस की स्थिति खड़ी कर दी है.

जिन तीन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के लिए मतदान हुआ, वहां कई राजनीतिक दलों की प्रतिष्ठा जुड़ी हुई है. कई राजनेताओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है. आज असम में वोटिंग के दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बीफ को लेकर एक बडा बयान देकर राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है. हेमंत विश्व शर्मा ने कहा कि असम में मुसलमान बीफ खा सकते हैं.असम में मुसलमानों की एक बड़ी आबादी है. उन्होंने कहा है कि मुसलमान अपने घर के अंदर बीफ खा सकते हैं. लेकिन उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर बीफ से दूरी बनाकर रहना होगा. वे मंदिर से 5 किलोमीटर की निश्चित दूरी बनाकर ही घर के अंदर खा सकते हैं.

इन तीनों ही राज्यों में सुबह 7:00 से मतदान शुरू हो गया जो शाम 6:00 बजे तक चला. चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव के लिए सभी तैयारियां पूरी की थी. चुनाव के दौरान मतदाताओं की बूथ तक सरल पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सभी तरह के व्यापक इंतजाम किए थे.

असम की 126 सीटों पर 722 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे. राज्य में कुल 31940 मतदान केंद्र बनाए गए थे. असम के 35 जिलों में मतदान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग ने डेढ़ लाख से अधिक सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया था. इसके अलावा संवेदनशील मतदान केन्द्रो की निगरानी के लिए विशेष रूप से माइक्रो आॅबजरवर नियुक्त किए गए थे. असम में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस समर्थित विपक्ष के बीच है.

केरल की 140 सीटों के लिए चुनाव एक ही चरण में संपन्न हुआ है. वहां 883 उम्मीदवार मैदान में थे. केरल में 2.71 करोड़ मतदाताओं ने मतदान में भाग लिया. केरल में एलडीएफ तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहा है तो यूडीएफ अपनी खोई जमीन तलाश रहा है. जबकि एनडीए और भारतीय जनता पार्टी राज्य में अपनी मजबूत स्थिति के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

पुडुचेरी के 9.50 लाख मतदाताओं ने 294 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला ईवीएम में दर्ज करवा दिया है. इन तीनों ही राज्यों में हुई बंपर और ऐतिहासिक वोटिंग ने राजनीतिक विश्लेषकों को भी असमंजस में डाल दिया है. चुनावी पंडित भी ऐसी स्थिति में सिर्फ कयास लगा रहे हैं.वे जनता का मत रुझान मापने की कोशिश कर रहे हैं पर जानता है कि ने राजनीतिक दलों और राजनेताओं की किस्मत का फैसला मत पत्तियां में बंद कर दिया है कर दिया है जब 4 तारीख को वोटो की काउंटिंग होगी तो पता चलेगा कि किस-किस में कितना है दम.

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