June 16, 2024
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होली से पहले सिक्किम की महिलाओं को मिला सरकार का बड़ा तोहफा!

अब से कुछ देर बाद ही सिक्किम की 14000 महिलाएं राज्य सरकार के प्रति आभार जताने वाली हैं. वे खुद को धन्य महसूस करेंगी. क्योंकि आज उन्होंने वह सब पा लिया, जिसकी काफी समय से अपेक्षा की जा रही थी.अगर यह कहा जाए तो कोई गलत नहीं होगा कि मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने सिक्किम की महिलाओं के दिल में कहीं ना कहीं जगह बना ली है!

जिस तरह से पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लक्ष्मी भंडार योजना के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम बढ़ाया है, ठीक उसी तर्ज पर सिक्किम में मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने राज्य की महिलाओं को सशक्त करने की दिशा में पहल शुरू कर दी है. सिक्किम में इस योजना का नाम है सिक्किम आमा सशक्तिकरण योजना.

वर्तमान में सिक्किम में इस योजना की व्यापक चर्चा हो रही है. इस योजना के तहत पहले चरण में प्रदेश भर में 14000 माताओं को वार्षिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी. हालांकि यह राशि बंगाल में महिलाओं को दी जाने वाली हर महीने की राशि से काफी बड़ी है. पश्चिम बंगाल में लक्ष्मी भंडार के तहत आदिवासी अथवा अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को हर महीने ₹1000 तथा सामान्य वर्ग की महिलाओं को उनके अकाउंट में ₹500 दिया जाता है. जबकि सिक्किम में आज योजना के पहले चरण में 14 हजार महिलाओं को 20000 रुपए की वार्षिक सहायता दी जाएगी.

आज मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग इसकी आधिकारिक घोषणा करने वाले हैं. प्रेम सिंह तमांग घोषणा कर सकते हैं कि राज्य की महिलाओं को हर साल आर्थिक सहायता सरकार की ओर से दी जाएगी. इस समय सरकार का घर दैलो कार्यक्रम चल रहा है. 3 मार्च यानी आज कार्यक्रम की समाप्ति होगी. रंगपो में समापन कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग राज्य की माताओं को योजना की सहायता राशि का चेक सौंपेंगे.

यहां यह स्पष्ट कर देना जरूरी है कि सभी महिलाओं को ₹20000 की वार्षिक सहायता नहीं मिलेगी. केवल उन्हीं महिलाओं को योजना का लाभ मिलेगा, जिनकी उम्र 18 साल से अधिक है और वह शादीशुदा हैं. इसके साथ ही उनके परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी कर्मचारी नहीं होना चाहिए. जो महिलाएं बेरोजगार हैं अथवा जिनके पास आमदनी का कोई साधन नहीं है या फिर जो अकेली रहती हैं, वह सभी महिलाएं इस योजना की हिस्सा बन सकती हैं.

इस योजना के अंतर्गत ऐसी महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है जो गरीब हैं और यौन शोषण की शिकार हैं. अथवा जिनके पति अब इस दुनिया में नहीं है. ऐसी सभी महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है.

आपको बताते चलें कि सिक्किम में 2019 में एसकेएम पार्टी की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने प्रदेश की बेरोजगार महिलाओं को सशक्त बनाने तथा उन्हें मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य इस योजना की घोषणा की थी. अब से कुछ देर बाद मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग पहले चरण में 32 निर्वाचन क्षेत्रों की 14000 से अधिक महिलाओं को आर्थिक सहायता का चेक प्रदान करेंगे. उन्हें हर साल ₹20000 की आर्थिक सहायता मिलने वाली है.

सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग योजना के दूसरे चरण में सहायता राशि बढ़ाने का फैसला कर सकते हैं.

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