आदिम मानव के बारे में सुना तो था कि वह आदमी को मार कर खाता था. सभ्यता के विकास के साथ ही मानव के व्यवहार में भी परिवर्तन आया और आज का मानव विकास के सभी स्तंभों को छू रहा है. ऐसे में जब यह खबर आती है कि एक मानव ने एक अन्य मानव का खून सिर्फ इसलिए कर दिया कि मानव का मांस उसे पसंद आता था. नरभक्षी अपने शिकार का मांस पकाकर खाना चाहता था. कदाचित आपको यकीन नहीं होगा, परंतु यह पुलिस और जांच अधिकारी का मानना है, जो इस मामले की जांच पड़ताल में लगे हुए हैं.
दिलचस्प बात है कि यह कांड भारत के किसी और शहर का नहीं बल्कि बंगाल के ही एक छोटे से कस्बे दिनहाटा से जुड़ा है. कूचबिहार जिले के अंतर्गत दिनहाटा का यह मामला सुर्खियों में है. पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी हुई है. नरभक्षी फिरदौस आलम चार दिनों के पुलिस रिमांड में है. पुलिस उससे पूछताछ कर रही है. दिनहटा साहिबगंज थाना का यह मामला जितना हौलनाक है, उतना ही लोगों के लिए आश्चर्जनक भी. जो भी सुनता है, उसे विश्वास ही नहीं होता. वाकई यह जितना दिलचस्प है, उतना ही रोंगटे खड़े कर देने वाला कांड भी है.
10 जनवरी को दिनहाटा के कुरसाघाट इलाके के अंतर्गत एक श्मशानघाट घाट से एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ था. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का मुआयना किया,तो पता चला कि यह व्यक्ति श्मशानघाट घाट में ही रहता था और वह मानसिक रूप से विक्षिप्त था. अगर बात इतनी ही रहती तो शायद पुलिस की छानबीन आगे नहीं बढ़ती. लेकिन जब दिनहाटा साहिबगंज की पुलिस ने शव की शिनाख्त के क्रम में शव के गले और कंधे पर गहरे जख्मों के निशान देखे तो पुलिस का माथा ठनका. पुलिस ने मान लिया कि यह एक हत्या का मामला है. थाने में हत्या का यह मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच पड़ताल आगे बढ़ाई.
पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह था कि आखिर एक मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति की किसी से क्या दुश्मनी हो सकती है. आखिर कोई क्यों उसकी हत्या करना चाहेगा? जब पुलिस ने इस एंगल से मामले की छानबीन शुरू की तो पुलिस को कुछ और चकित कर देने वाले सूत्र हाथ लगे. लोगों से पता चला कि थराई खाना नामक गांव में एक युवक रहता है, जिसका नाम फिरदौस आलम है. वह शराब के नशे में कुछ भी कर देता है. पुलिस को यह भी पता चला कि फिरदौस आलम के अजीब अजीब शौक हैं.
साहिबगंज थाने की पुलिस ने फिरदौस आलम को पूछताछ के लिए थाने में बुलाया. दिनहाटा महकमा पुलिस अधिकारी धीमान मित्रा ने बताया कि जब उससे पूछताछ की गई तो पता चला कि हत्यारा फिरदौस आलम ही है. फिरदौस आलम ने ही नशे में उसकी हत्या कर दी थी. पुलिस की पूछताछ में फिरदौस आलम कई बार गड़बड़ा गया. उसके बाद पुलिस ने फिरदौस आलम से पूछा कि उसे एक मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति से क्या दुश्मनी थी? तब वह ज्यादा देर तक पुलिस को गुमराह नहीं कर सका और अंततः सच कबूल कर लिया कि उसने उसकी हत्या यह सोचकर की थी कि उसका मांस पकाकर खा सके.
उसने बताया कि अपने शिकार की हत्या करने के बाद उसकी लाश को घसीट कर एक सुरक्षित स्थान पर ले गया. फिर उसने शव को साफ किया ताकि उसका मांस पका कर खा सके. यह घटना समाचार पत्रों और सोशल मीडिया की सुर्खियों में है. पुलिस अधिकारी भी हैरान है कि आज के भारत में भी ऐसी मानसिकता के लोग रहते हैं. दिनहटा इलाका बांग्लादेश से सटा हुआ इलाका है. ऐसे में वहां खून खराबा ,चोरी तस्करी आदि अपराध तो होते रहते हैं. परंतु पहली बार इस तरह का मामला सामने आया है जिसे सुनकर लोग भयभीत हैं.
