सिलीगुड़ी, पहाड़, तराई और Dooars के लोगों के लिए वाकई आज खुशी का दिन है. उन संगठनों के लिए भी खुशी का दिन है, जिन्होंने तीस्ता पर नए ब्रिज के निर्माण के लिए काफी आंदोलन किया था. उनका संघर्ष और लगातार 6 वर्षों से उठ रही मांग को केंद्र ने मान लिया है और इसका श्रेय निर्विवाद रूप से दार्जिलिंग के भाजपा सांसद राजू विष्ट को जाता है, जिन्होंने लगातार 6 वर्षों की कोशिशों के बाद अपने क्षेत्र के लोगों को यह बड़ा तोहफा दिया है.
कहते हैं कि हर शुभ काम में थोड़ी देरी होती है. आखिरकार लंबे इंतजार के बाद केंद्र सरकार ने सेवक में तीस्ता पर नए पुल के निर्माण का रास्ता साफ कर दिया है. उम्मीद की जा रही है कि इसी साल बाघ पुल के समानांतर नए पुल का निर्माण शुरू हो जाएगा. वैकल्पिक सेतु निर्माण के लिए टेंडर जारी हो चुका है. इससे यहां के निवासियों में काफी खुशी देखी जा रही है. यहां के सामाजिक और पर्यावरण संगठनों के लोग एक दूसरे के साथ खुशी साझा कर रहे हैं.
तीस्ता में वैकल्पिक सेतु निर्माण की आवश्यकता काफी समय से महसूस की जा रही थी. क्योंकि कोरोनेशन ब्रिज की हालत अच्छी नहीं है. ऊपर से ओवरलोडिंग ट्रकों के परिवहन से ब्रिज पहले से कमजोर हुआ है. ऐसे में आशंका व्यक्त की जा रही थी कि कोरोनेशन ब्रिज शायद लंबे समय तक नहीं टिक सके.जबकि कोरोनेशन ब्रिज सिलीगुड़ी, पहाड़ और Dooars के साथ-साथ पूर्वोत्तर राज्यों के संपर्क का केंद्र बिंदु है. एकमात्र कोरोनेशन ब्रिज से होकर ही समतल, पहाड़ और Dooars का संबंध जुड़ा हुआ है.
यही कारण है कि स्थानीय विभिन्न संगठनों के माध्यम से कोरोनेशन ब्रिज के विकल्प सेतु निर्माण के लिए दबाव बढ़ाया जा रहा था. दार्जिलिंग लोकसभा के सांसद राजू बिष्ट ने क्षेत्र के लोगों की मांगों तथा स्वयं कोरोनेशन ब्रिज की हालत को देखते हुए केंद्र सरकार से वैकल्पिक सेतु निर्माण के लिए कई बार गुहार लगाई थी. उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में कई बार मुलाकात की और उनसे इस दिशा में ध्यान देने का अनुरोध किया था.
राजू विष्ट लोकसभा में भी आवाज उठाते रहे. आखिरकार केंद्र सरकार ने उनके अनुरोध को मान लिया और अब नये पुल निर्माण के लिए टेंडर भी जारी कर दिया है. राजू बिष्ट ने इसे प्रधानमंत्री का नए साल का तोहफा बताया है और कहा है कि उन्होंने दार्जिलिंग, पहाड़, तराई और Dooars की जनता से जो वादा किया था, उसे पूरा करके दिखाया है. राजू बिष्ट ने कहा कि वे इसके लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हैं.
राजू बिष्ट ने बताया है कि इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने 1172.77 करोड रुपए की राशि स्वीकृत की है. इसमें सिविल निर्माण, भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय लागत सहित आवश्यक खर्च शामिल हैं. यह नया पुल सेवक को ऐलनबाड़ी से जोड़ेगा.नये पुल के बन जाने से कोरोनेशन ब्रिज पर यातायात का दबाव भी काफी कम हो जाएगा. एक तरह से कोरोनेशन ब्रिज का जीवन बढ जाएगा.
मिल रही जानकारी के अनुसार तीस्ता में बनने वाला नया पुल आधुनिक मांग और आवश्यकता को पूरा करेगा. यह इतना मजबूत होगा कि वाहन परिचालन, माल ढुलाई और निर्दिष्ट वजन को लेकर प्रशासन की ओर से शायद कोई निर्देश जारी न हो, जो वर्तमान में कोरोनेशन ब्रिज पर हाइट बार के रूप में लागू हुआ है. यहां के लोग और जानकार मानते हैं कि कम से कम नए पुल पर हाइट बार के रूप में कोई प्रतिबंध नहीं रह जाएगा. स्वयं राजू बिष्ट का भी ऐसा ही ख्याल है. इस नए पुल के चलते सिलीगुड़ी, पहाड़, समतल, Dooars और पूर्वोत्तर राज्यों में बेहतर कनेक्टिविटी कायम हो सकेगी. इसके साथ ही यात्रा समय में भी कमी आएगी.

