फांसीदेवा पुलिस व्यवसायी की मृत्यु का रहस्य जानने की कोशिश कर रही है. व्यवसायी ने कैनाल में खुद छलांग लगायी अथवा उन्हें इसके लिए मजबूर किया गया, आखिर रहस्य क्या है? उन्होंने खुद को मिटाने का फैसला क्यों किया? स्वेच्छा से किया या उन पर कोई दबाव था, इस तरह के कई सवाल है जिन्हें पुलिस नजरअंदाज नहीं करना चाहती है और घटना की तह में जाना चाहती है.
सिलीगुड़ी में आत्महत्या की बढती घटनाओं ने पुलिस को भी चिंता में डाल दिया है. सेवक में पहले भी ऐसी घटनाएं घट चुकी हैं. हाल फिलहाल में एक बीएलओ के द्वारा भी खुदकुशी की खबरें सामने आई थी. मानसिक दबाव या तनाव में उठाए जाने वाले इस तरह के कदम समाज और प्रशासन दोनों के लिए चिंता का विषय है. व्यवसायी के मामले में भी फांसीदेवा पुलिस इन तथ्यों को नजर अंदाज नहीं करना चाहती है. कोई भी व्यक्ति अपनी मर्जी से खुद को मिटाना नहीं चाहता है. परिस्थितियां और दबाव सबसे बड़े कारक होते हैं, जिन्हें नहीं झेल पाने के कारण व्यक्ति को इस तरह के कदम उठाने पड़ते हैं.
व्यवसायी के मामले में भी पुलिस इसी थ्योरी पर काम कर रही है. सुसाइड नोट में लिखे चार शब्दों पर पुलिस की नजर है. जब तक इसके रहस्य का समाधान नहीं हो जाता, तब तक मृत्यु का वास्तविक कारण सामने नहीं आ सकता है. यही कारण है कि पुलिस विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करते हुए इस कांड की तकनीकी जांच पर भी गौर कर रही है.
व्यवसायी का शव नहर से बरामद किया गया था. पुलिस और गोताखोरों की टीम ने लगातार 50 घंटों की मेहनत के बाद उनकी लाश बरामद करने में सफलता पाई थी. पानी में डूबे रहने के कारण उनका शव फूल गया था. उनका शव जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग की सीमा से जल से बरामद किया गया था. पुलिस ने मौके से उनकी स्कूटी, मोबाइल फोन और एक सुसाइड नोट बरामद किया था. हालांकि पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला माना है.
परंतु उन्होंने सुसाइड क्यों किया? उनके सुसाइड नोट ने पुलिस को चकरा कर रख दिया है. इस सुसाइड नोट में लिखा गया है कि बहन को इंसाफ दिलाइए. इसके अलावा और कुछ नहीं लिखा गया है. क्या इसे व्यवसायी ने खुद लिखा था या कोई और लिखा है? एक्सपर्ट से इसकी जांच करवाई जा रही है. बहन का मामला क्या है? पुलिस यह भी जानना चाहती है. क्योंकि अगर उन्होंने आत्महत्या की है तो इसका मुख्य कारण सुसाइड नोट में लिखे चार शब्द हैं , जिसमें बहन को इंसाफ दिलाने की बात कही गई है.
पुलिस उनके परिजनों से इस बाबत जानकारी चाहती है. परंतु जब तक सुसाइड नोट में लिखी बातों की असली कहानी सामने नहीं आ जाती, तब तक पता नहीं चलेगा कि आखिर उन्होंने यह कदम क्यों उठाया?
क्या व्यवसायी पर ऊपरी दबाव था या उन्होंने अपनी मर्जी से यह कदम उठाया? यह कुछ ऐसी बातें हैं जो जांच का विषय है और पुलिस इन सभी पहलुओं पर बारीकी से नजर रख रही है.अब देखना होगा कि व्यवसायी के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मृत्यु का क्या कारण सामने आता है. इसके बाद ही पुलिस इस मामले में अन्य पहलुओं पर फोकस कर सकेगी. जो भी हो, यह मामला थोड़ा पेचीदा जरूर है, परंतु पुलिस को लगता है कि इस कांड की सच्चाई वह सामने ला सकेगी.
