September 17, 2026
Sevoke Road, Siliguri
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सिलीगुड़ी के कुछ होटल लोगों को कर रहे हैं बीमार!

सिलीगुड़ी में कई ऐसे छोटे बड़े होटल और रेस्टोरेंट हैं, जहां ग्राहकों को दूषित खाना परोसा जा रहा है. कुछ होटल तो ऐसे हैं जहां खाद्य विभाग के अधिकारियों को बासी मोमो और अन्य व्यंजन जांच के दौरान मिले. आज तो तब हद हो गई, जब जलपाई मोड के एक चर्चित होटल के खाने में कीड़े रेंगते हुए मिलने का दावा किया गया. यह स्थिति अत्यंत दुखद और सिलीगुड़ी स्वास्थ्य जगत के लिए अत्यंत खतरनाक है.

इन दिनों लोगों में आई स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता तथा मीडिया के लगातार प्रयास के चलते खाद्य सुरक्षा विभाग लगातार सिलीगुड़ी के अलग-अलग इलाकों में अभियान चला रहा है.पिछले दिनों खाद्य सुरक्षा विभाग के द्वारा प्रधान नगर इलाके में एक अभियान चलाया गया. विभाग के अधिकारियों ने यहां विभिन्न रेस्टोरेंट, होटल और खाद्य दुकानों का औचक निरीक्षण किया.

अधिकारियों ने पाया कि ऐसे अधिकांश होटल और रेस्टोरेंट में काफी अनियमितता थी. होटल के फ्रीजर में बासी और खराब हो चुके मोमो को बरामद किया गया.जरा सोचिए, ऐसे मोमो खाने से व्यक्ति बीमार नहीं होगा तो क्या होगा. अगर कीड़ा लगा खाना आप खा ले तो क्या बीमार नहीं होंगे! कुछ दुकानों में तो अधिकारियों को सडे हुए अन्य खाद्य पदार्थ मिले. विभाग के अधिकारियों के द्वारा दुकानदारों से पूछताछ के साथ ही खाद्य सामग्री के कुछ नमूने भी प्राप्त किए गए, जिन्हें गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है.

इससे पहले भी खाद्य सुरक्षा विभाग के द्वारा सिलीगुड़ी के अलग-अलग इलाकों में शिकायतें मिलने के बाद होटल और रेस्टोरेंट में अभियान चलाया गया है. जब जब फूड विभाग के लोग अभियान चलाते हैं, कहीं ना कहीं से दूषित और जहरीला खाना, फ्रीजर में मिठाइयों और मांस को एक साथ रखा जाना देखा ही जाता है. यह सभी आए दिन की बात हो गई है. दुकानदार भी कुछ कम नहीं है. तमाम चेतावनी और निर्देशों के बावजूद वे मान नहीं रहे हैं. साफ सफाई की तो बात ही मत पूछिए. इतनी गंदगी रहती है कि लोगों को गंदगी के बीच ही खाना पड़ता है.

ऐसा देखा जाता है कि जब भी खाद्य विभाग के अधिकारी आरोपी या दोषी दुकानदारों को पकडते हैं तो उनसे लाइसेंस और अन्य दस्तावेजों की मांग करते हैं, जो आमतौर तक उनके पास होता ही नहीं. अधिकारियों के द्वारा उन्हें लाइसेंस के रिन्यू से लेकर कागजातों को अपडेट रखने का निर्देश दिया जाता है. पर स्थित वही ढाक के पात की तरह होती है. क्योंकि उन्हें भी लगता है कि खाद्य विभाग के अधिकारी एक बार औचक निरीक्षण के बाद दोबारा वहां नहीं आते हैं. यही कारण है कि वे फिर से दुकान में वही विषाक्त वातावरण बना लेते हैं.

जब तक खाद्य विभाग के अधिकारियों के द्वारा दागी अथवा दोषी दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाती अथवा उनका लाइसेंस जब्त नहीं किया जाता तब तक स्थिति में कोई परिवर्तन आने वाला नहीं है. ऐसे लोगों को केवल डाट डपटकर या निर्देश देकर छोड़ देना सही नहीं है. सैंपल की जांच रिपोर्ट आने तक स्थिति सामान्य हो जाती है. उसके बाद सब कुछ पुराने तरीके से संपन्न होने लगता है.

हालांकि खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने सिलीगुड़ी के लोगों को आश्वासन दिया है कि उनका यह अभियान सिलीगुड़ी के सभी अलग-अलग भागों में चलता रहेगा. उन्होंने सिलीगुड़ी के लोगों से उनके अभियान की सफलता के लिए सहयोग मांगा है. यह सहयोग इस तरह से हो सकता है कि अगर आप किसी होटल या रेस्टोरेंट में खाना खाने जाएं तो वहां कुछ भी अनियमितता देखें तो तुरंत खाद्य विभाग या प्रशासन को सूचित करें. इससे लोगों में खानपान के प्रति जागरूकता भी आएगी.

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सिलीगुड़ी के लोगों के स्वास्थ्य से किसी तरह का खिलवाड़ नहीं हो. केवल प्रधान नगर या जलपाई मोड़ के होटल ही नहीं बल्कि शहर के सभी अलग-अलग भागों में औचक निरीक्षण किया जाना चाहिए. होटल में अच्छा खाना, साफ सफाई, शुद्ध पेयजल हम सब की जिम्मेदारी है. अगर होटल वाले अपनी जिम्मेदारी का पालन ठीक से नहीं कर सकते तो उनका लाइसेंस जब्त करने में भी देरी नहीं लगानी चाहिए. उनके खिलाफ दंडात्मक तरीका भी अपनाना एक विकल्प हो सकता है.

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