March 6, 2026
Sevoke Road, Siliguri
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चिकन खाने वाले हो जाएं सावधान! सिलीगुड़ी में बर्ड फ्लू का खतरा बढा!

सिलीगुड़ी कई राज्यों और देशों की सीमा पर स्थित है. इसलिए यह संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है. चाहे राजनीति हो या बीमारी या महामारी अपने आसपास के क्षेत्रों से यह जरूर प्रभावित होता है. सिक्किम और कटिहार (बिहार) में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो जाने के बाद सिलीगुड़ी के भी हाथ पांव कांप पर रहे हैं. यहां बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ गया है.

हालांकि सिलीगुड़ी को घबराने की जरूरत नहीं है. लेकिन सतर्क होने की जरूरत जरूर है. सिलीगुड़ी प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है. सिलीगुड़ी में बर्ड फ्लू की दस्तक ना हो, सिलीगुड़ी प्रशासन को पहले ही उपयुक्त कदम उठा लेने की जरूरत है. सिलीगुड़ी प्रशासन का पहला कदम मुर्गियों की सुरक्षा और मुर्गी फार्म की व्यवस्था से जुड़ा होना चाहिए. संबंधित क्षेत्र में सतर्कता अभियान भी चलाने की जरूरत है.

जैसा कि नाम से पता चलता है बर्ड फ्लू वायरस से होने वाला संक्रमण है, जो आमतौर पर पक्षियों,मुर्गी व अन्य जानवरों में फैलता है. कभी-कभी संक्रमित जानवरों से मनुष्यों को भी बर्ड फ्लू हो सकता है. यह मनुष्य को गंभीर रूप से बीमार कर सकता है. हालांकि इसका एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलना अत्यंत दुर्लभ है. हालांकि यह वायरस दुधारू गायों और मनुष्यों सहित अन्य प्रजातियों में भी फैल चुका है.

बर्ड फ्लू से सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर खतरा बढ़ जाता है. हालांकि विशेषज्ञ बताते हैं कि बर्ड फ्लू इंसान में बहुत कम होता है. लेकिन जब होता है तो मनुष्य को गंभीर रूप से बीमार कर सकता है. बर्ड फ्लू से संक्रमित व्यक्तियों में बुखार, थकान, खांसी, मांसपेशियों में दर्द, गला खराब हो जाना आदि लक्षण उत्पन्न हो सकते हैं. यह वायरस फेफडो को संक्रमित कर सकता है. संक्रमित जानवर के शरीर के तरल पदार्थ जैसे थूक, दूध, मलमूत्र आदि के संपर्क में आने पर मनुष्य को बर्ड फ्लू हो सकता है.

सिक्किम में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद सिलीगुड़ी में वैसे ही एक अनजानी दहशत बढ गयी है. चिकन खाने के शौकीन सिलीगुड़ी के लोग भय और आशंका में जी रहे हैं. अब सिलीगुड़ी से सटे कटिहार में भी बर्ड फ्लू की पुष्टि हो गई है. वहां 62 कौवों की मौत दहशत का कारण बनी हुई है.

कटिहार और सिक्किम दो ऐसे क्षेत्र हैं, जिनका सिलीगुड़ी से सीधा संबंध जुड़ा हुआ है. इन क्षेत्रों में होने वाली किसी भी अप्रत्याशित घटना का सिलीगुड़ी में असर होना स्वाभाविक है. बर्ड फ्लू का मामला ऐसा है, जो तेजी से फैलता है. जानकारों का मानना है कि सिलीगुड़ी के कई चिकन व्यापारी पड़ोसी राज्य बिहार से चिकन मंगवाते हैं.

सिलीगुड़ी के पड़ोसी राज्य सिक्किम और सिलीगुड़ी के बीच रोजी रोजगार के साथ-साथ पारिवारिक संबंध भी है. सिक्किम से रोजाना लोग सिलीगुड़ी आते हैं और सिलीगुड़ी से सिक्किम. ऐसे में सिक्किम में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद सिलीगुड़ी में भी चिकन बेचने वाले दुकानदार और खरीदार दोनों ही भय और दहशत में आ गए हैं.

मिली जानकारी के अनुसार कटिहार जिले के कुरसेला प्रखंड की उत्तरी मुरादपुर पंचायत में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है. पशु चिकित्सालय की रिपोर्ट के अनुसार उत्तरी मुरादपुर पंचायत में वार्ड संख्या 2 में अब तक 62 कौवों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है. जांच के बाद इनमें बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है.

उत्तरी सिक्किम के म॔गन जिले में एक जंगली उल्लू के शव पर h5n1 बर्ड फ्लू मिलने के बाद प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है. संभावित खतरे को देखते हुए जिला अधिकारी अनंत जैन की अध्यक्षता में एक समन्वय बैठक आयोजित की गई, जिसमें रोकथाम और तैयारी की समीक्षा की गई. सिलीगुड़ी में भी प्रशासनिक तौर पर ऐहतियातन कदम उठाने की जरूरत है.

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