मिलिट्री इंटेलीजेंस और माटीगाड़ा थाने की पुलिस ने सिलीगुड़ी के सिटी सेंटर से जिस शख्स को गिरफ्तार किया है, उसके बारे में यह दावा किया जा रहा है कि वह बांग्लादेश और पाकिस्तान का खुफिया है. पुलिस को संदेह है कि यह शख्स बांग्लादेश और पाकिस्तान को यहां की सभी गुप्त जानकारियां पहुंचाया करता था. पकड़े गए व्यक्ति के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल की जांच से भी पता चलता है कि बांग्लादेश और पाकिस्तान से उसकी बातचीत होती थी.
. सेना और पुलिस को इंतजार है कि विस्तृत पूछताछ के क्रम में यह व्यक्ति ढेर सारी महत्वपूर्ण जानकारियां दे सकता है. जब से बांग्लादेश के द्वारा सिलीगुड़ी गलियारे को लेकर धमकी दी गई, तभी से ही सिलीगुड़ी समेत पूरे उत्तर बंगाल में सेना और पुलिस ने अपने खुफिया तंत्र को अलर्ट कर दिया था. पिछले दिनों खुफिया सूत्रों ने पुलिस और मिलिट्री इंटेलिजेंस को जो जानकारी दी, उसके बाद उनके भी होश उड़ गए. क्योंकि फर्जी व्यक्ति वह खुद को सेना का सूबेदार बताता था.
उसकी वर्दी पर नेम प्लेट और दो स्टार भी लगे हुए थे. उसका नाम भावेश घटानी था. उसकी संदिग्ध गतिविधियों के बाद अधिकारियों ने उसके बारे में सेना से जानकारी प्राप्त की तो पता चला कि उक्त नाम व रैंक पर कोई भी व्यक्ति सेना की बटालियन में नहीं था. इसके बाद अधिकारियों के कान खड़े हो गए. उस दिन सिटी सेंटर शॉपिंग मॉल में फर्जी सूबेदार भावेश घटानी एक युवती के साथ घूम रहा था. तभी योजना बनाकर माटीगाड़ा थाने की पुलिस ने छापा मारा और भावेश घटानी को गिरफ्तार कर लिया.
पकड़े जाने के समय हालांकि युवक ने सेना के सूबेदार होने की धौंस पुलिस को जरूर दिखाई थी, पर जब पुलिस ने उससे परिचय पत्र मांगा तो वह बंगले झांकने लगा. इससे पुलिस का संदेह और बढ़ गया. थोड़ा दबाव देने के बाद उसने अपना फर्जीवाड़ा उजागर कर दिया. अब तक पुलिस की जांच में पता चला है कि भावेश घटानी मूल रूप से दार्जिलिंग का रहने वाला है. लेकिन वह पिछले काफी समय से माटीगाड़ा के शिव मंदिर इलाके में किराए के मकान में रह रहा था.
भावेश घटानी के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकलवाई गई है. जांचोंपरांत पुलिस ने पाया है कि उसके पाकिस्तान और बांग्लादेश के लोगों से संबंध थे. उसके मोबाइल पर पाकिस्तान और बांग्लादेश से फोन आते थे. पुलिस को चैट रिकॉर्ड भी मिल चुके हैं. केवल इतना ही नहीं, बांग्लादेश और पाकिस्तान में आर्थिक लेनदेन के सबूत भी पुलिस के हाथ लगे हैं. इससे यह कयास लगाया जा रहा है कि यह व्यक्ति बांग्लादेश और पाकिस्तान का गुप्तचर हो सकता है, जो सिलीगुड़ी गलियारे और सेना हेड क्वार्टर बेंगडूबी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी उन देशों को साझा कर रहा था.
सुरक्षा एजेंसियां विस्तृत जांच में जुट गई है. लेकिन सेना के फर्जी सूबेदार की गिरफ्तारी ने सिलीगुड़ी समेत उत्तर बंगाल की पुलिस और सशस्त्र बल के समक्ष चुनौतियां उत्पन्न कर दी है. यूं तो हमारी सेना पूरी तरह अलर्ट है. पर सवाल है कि यह व्यक्ति कब से माटीगाड़ा में रह रहा था और उसके साथ घूमने वाली युवती कौन है और उससे उसका क्या संबंध है, इन सभी बातों की जानकारी पुलिस कर रही है.
उम्मीद लगाई जा रही है कि जल्दी ही सेना और पुलिस के आला अधिकारी एक बड़ा खुलासा कर सकते हैं. डीसीपी सिलीगुड़ी पुलिस राकेश सिंह ने बताया कि प्राथमिक पूछताछ में भावेश घटानी ने बताया है कि वह फौजी बनना चाहता था.
