एक हफ्ते में एक पर एक कई बड़ी घटनाओं के बाद माटीगाड़ा क्षेत्र सुर्खियों मे बना हुआ है. घरेलू हिंसा, हत्या,चोरी, यहां की बहू बेटियों और महिलाओं से छेड़खानी, ड्रग्स का कारोबार, नशेड़ी युवकों के उत्पात के बाद अब मामला मवेशी तस्करी तक पहुंच गया है.
पिछले दिनों यहां के कुछ ग्रामीणों ने मिलकर गाय चोरी के संदेह में तीन लड़कों की जमकर पिटाई कर दी. उनमें से एक लड़के की तो मौके पर ही मौत हो गई. दूसरा लड़का अस्पताल में इलाज के दौरान मर गया. इस तरह के विभिन्न अपराधों के चलते यहां के लोग खौफ में जी रहे हैं.
माटीगाड़ा की भौगोलिक स्थिति, परिवेश, कमजोर कानून एवं व्यवस्था, बेलगाम होते अपराधी और नशे का फैलता जाल इत्यादि कुछ ऐसे कारक हैं, जिनका प्रभाव यहां के शांतिप्रिय लोगों पर पड़ता देखा जा रहा है. उनकी रातों की नींद हराम हो गई है. यहां की युवतियां एवं महिलाएं खौफ के साए में जी रही हैं.
रोजी रोटी कमाने वाले लोग और दिहाड़ी मजदूर भी शाम होते ही अपने घरों में लौट आते हैं. यहां कब कौन सी घटना घट जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता है. दिन हो या रात, पुलिस की गाड़ी किसी न किसी अपराधी की तलाश में घूमती देखी जा सकती है.
यही कारण है कि बस्ती इलाकों में छोटी दुकानें भी रात में जल्दी ही बंद हो जाती हैं. शाम के समय इन दुकानों पर अथवा चौक चौराहों पर बदमाशों अथवा नशेड़ियों का डेरा जमने लगता है. उनके बीच नशा पान चलता है. आपस में मारपीट भी हो जाती है और कभी-कभी तो खून खराबे तक की घटनाएं देखी सुनी जाती है.
अभी ज्यादा समय नहीं हुआ, जब माटीगाड़ा इलाके में धान की खेती होती थी. माटीगाड़ा से सिलीगुड़ी जाने के लिए लोग नाव से नदी पार करते थे. एक से अधिक सेतु बन जाने और सिलीगुड़ी में जगह की कमी के चलते माटीगाड़ा में आबादी का विस्तार होता चला गया. यहां आवासीय विस्तार हुआ और देखते-देखते माटीगाड़ा सिलीगुड़ी के बाद दूसरा विकसित क्षेत्र बन गया.
माटीगाड़ा इलाके में कई बस्तियां हैं. तथाकथित पाकिस्तान बस्ती भी यहीं पर है.ये सभी बस्तियां किसी न किसी कारण से हमेशा सुर्खियों में रहती है. यह पूरा क्षेत्र पंचायत के अधीन है. हालांकि माटीगाड़ा शिव मंदिर इलाके को नगर पालिका में लाने की तैयारी भी तेज हो गई है. इन बस्तियों में रहने वाले लोग ज्यादातर गरीब हैं. छोटे-मोटे धंधे करके जीविका कमाते हैं या फिर नौकरी करने के लिए सिलीगुड़ी या आस-पास के इलाकों में जाते हैं. यहां नौजवानों में बेरोजगारी की समस्या अधिक है. बेरोजगार और कुंठित युवाओं में नशे की प्रवृत्ति अधिक देखी जाती है.
इन क्षेत्रों में ड्रग्स की सप्लाई भी अधिक है. बहुत से लड़के यहां के इलाकों में ड्रग्स की सप्लाई करते हैं. खुद नशा करते हैं और अपने संगी साथियों को भी नशे के लिए प्रेरित करते हैं. नशे के कारण यहां घर बर्बाद हो रहे हैं. अपराध थमने का नाम नहीं ले रहा है. आमतौर पर नशेड़ी पहले अपने घर में चोरी करते हैं. उसके पश्चात बाहर चोरी करते हैं. उनका उद्देश्य किसी न किसी तरह से नशा करने के लिए पैसा बनाना होता है. जब अपना घर खाली हो जाता है, तब वे दूसरे के घरों को खाली करने लग जाते हैं.
आजकल यह क्षेत्र आए दिन अपराधों के चलते सुर्खियों में बना हुआ है. मर्डर, लूट, छेड़खानी और दादागिरी ऐसी है कि बदमाशों की शिकायत पुलिस में करना जैसे अपनी मौत को दावत देना है. कोई भी किसी के ममले में दखल नहीं देता है. इसका लाभ अपराधी उठा रहे हैं. आजकल इन इलाकों में चोरी की घटनायें अधिक बढ़ गई है. चोर पशुओं तक को भी उठा रहे हैं.
पिछले दिनों माटीगाड़ा इलाके में गाय चोरी के संदेह में यहां के ग्रामीणों ने तीन लड़कों को पकड़ कर बुरी तरह पीटा, जिनमें से 2 युवक की मौत हो गई. उन पर आरोप था कि रात के अंधेरे में ये लोगों के घरों में घुसकर गाय और मवेशियों की चोरी करते थे और पिकअप वैन में लादकर बेचने के लिए कहीं दूर ले जाते थे. पिछले कई महीनो से माटीगाड़ा के ग्रामीण इलाकों में गाय चोरी की घटनाएं बढ़ गई थीं. इससे लोगों में आक्रोश व्याप्त था.
शिव मंदिर से सटे ताड़ाबाड़ी इलाके के स्थानीय लोग बताते हैं कि रात के अंधेरे में बस्ती क्षेत्र में एक वाहन घूमता था. इनमें कुछ लड़के होते थे. वाहन में घातक हथियार भी होते थे. स्थानीय लोगों ने इलाके में गाय की चोरी बढ़ते देखकर वाहन का पीछा किया. इस पर वाहन सवार भागने लगे. तभी स्थानीय लोगों की भीड़ ने उन्हें घेर कर पकड़ लिया और उनकी जबर्दस्त पिटाई कर दी. उनकी पिकअप वैन को भी आग लगा दी गई.
माटीगाड़ा इलाके के स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और बहू बेटियों की हिफाजत के लिए पुलिस प्रशासन सभी आवश्यक कदम उठाए. हालांकि माटीगाड़ा पुलिस अपने कर्तव्यों का निर्वहन जरूर करती है, परंतु जिस तरह से यहां अपराध और अपराधियों का मनोबल बढ़ता जा रहा है, ऐसे में पुलिस को ठोस करवाई करने की जरूरत है. अगर ऐसा नहीं होता है तो यह क्षेत्र अशांत हो जाएगा और इसका असर यहां के रोजी रोजगार,व्यापार और उद्योग पर पड़ना तय है.
