जो लोग मेडिकल, रंगापानी और आसपास के इलाकों में रहते हैं, उन्हें रंगापानी रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम का जरूर पता होगा! मेडिकल से रंगापानी जाने वाली यह सड़क काफी महत्वपूर्ण है.एक मात्र यही सड़क है जो राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ती है. इसके अलावा रंगापानी और आसपास के गांवों के लोगों के लिए यही एकमात्र रास्ता है. इस सड़क मार्ग पर टोटो, ऑटो, छोटी गाड़ियों से लेकर मालवाहक ट्रक तक जाते हैं.
कई बार ऐसा भी देखा गया है कि जाम में एंबुलेंस फंस जाने से रोगी को समय पर उत्तर बंगाल मेडिकल में भर्ती नहीं कराया जा सका. जिस कारण से रोगी की मौत तक हो गयी. पहले से भी यहां रेल ओवर ब्रिज यानी सड़क के ऊपर पुल बनाने की मांग की जाती रही है.कई बार आंदोलन भी हुए और यहां के अनेक सामाजिक संगठनों ने इलाके के सांसद राजू बिष्ट से गुहार भी लगायी कि जैसे भी हो, रंगापानी रेल क्रॉसिंग पर ओवर ब्रिज का निर्माण किया जाना चाहिए. स्वयं राजू बिष्ट ने भी मौके पर पहुंचकर इस स्थिति को समझा था और यहां के लोगों को भरोसा दिया था कि उनकी सरकार सड़क के ऊपर पुल जल्द से जल्द बनवाएगी.
आखिरकार राजू बिष्ट के लगातार प्रयास और रेल मंत्रालय के समर्थन से यहां के लोगों का सपना साकार हो रहा है. केंद्र सरकार ने यहां सड़क के ऊपर पुल बनाने का फैसला किया है और इसके लिए 69.79 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत कर दी है. कल सुबह 10:30 पर यहां ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए भूमि पूजन और शिलान्यास कार्य किया जाएगा. केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर राजू बिष्ट के कर कमलों से यह पुनीत कार्य संपन्न होने जा रहा है.
दार्जिलिंग के भाजपा सांसद राजू बिष्ट ने अपने बयान में कहा है कि उन्होंने यहां के लोगों से वायदा किया था, उसे उन्होंने पूरा कर दिया है. 7 जनवरी को सुबह 10:30 बजे भूमि पूजन और शिलान्यास कार्य किया जाएगा. उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया है और कहा है कि भाजपा और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार बंगाल के विकास के लिए वचनबद्ध है. उन्होंने कहा कि यहां रेल ब्रिज बनाने के लिए पूरा पैसा केंद्र सरकार दे रही है. इसलिए ओवर ब्रिज निर्माण में कोई बाधा नहीं आएगी.
जानकार मानते हैं कि रंगापानी रेलवे क्रॉसिंग पर सड़क के ऊपर पुल बन जाने से रंगापानी और आसपास के गांवो के लोगों को इमरजेंसी मेडिकल चिकित्सा में कोई असुविधा नहीं होगी. इसके अलावा इस मार्ग से होकर यातायात करने वाले वाहनों को कम समय में गंतव्य तक जाने में सुविधा हो जाएगी. रंगापानी रेलवे क्रॉसिंग के आसपास बहुत से छोटे बड़े गांव हैं, जिनके लिए यही एकमात्र रास्ता है. कल सुबह ओवर ब्रिज का शिलान्यास संपन्न होने के बाद यह देखना होगा कि ब्रिज का निर्माण कब तक संभव होता है. वैसे यहां के लोग आशावादी है.उनका मानना है कि ओवर ब्रिज के शिलान्यास के साथ ही ओवरब्रिज का दूसरा चरण यानी निर्माण शुरू होने में ज्यादा विलंब नहीं होगा.
