विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार ने आज विधानसभा में अंतरिम बजट पेश किया और अपनी इस बजट के जरिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उम्मीद के अनुसार ही एक बड़ा सियासी दांव चला है. उन्होंने बजट में न केवल लक्ष्मी भंडार के तहत महिलाओं को हर महीने मिलने वाली सहायता राशि बढाई है बल्कि पहली बार राज्य के बेरोजगार युवाओं का भी ख्याल रखा है. उनकी सरकार बिहार की तर्ज पर ही राज्य के बेरोजगार युवाओं को हर महीने बेरोजगारी भत्ता देगी.
आज निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही राज्य का बजट प्रस्तुत किया गया. हालांकि विपक्षी सदस्यों के तीव्र हंगामे के कारण राज्यपाल डॉक्टर सी वी आनंद बोस अपना पूरा अभिभाषण पढ़ नहीं पाए. राज्यपाल श्री आनंद बोस दोपहर लगभग 12:30 बजे जैसे ही विधानसभा पहुंचे और उन्होंने अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया, इसी समय विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी. विपक्ष के नेता सुबेंदु अधिकारी ने भारत माता की जय का नारा लगाया. इसके जवाब में तृणमूल कांग्रेस के विधायकों ने जय बांग्ला का नारा लगाया.
वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने वर्ष 2026 27 के लिए 4.06 लाख करोड रुपए का विधानसभा में अपना अंतरिम बजट प्रस्तुत किया. उम्मीद के अनुसार ही राज्य के सभी वर्गों के लोगों की अपेक्षाओं की कसौटी पर यह बजट प्रस्तुत किया. इस बजट में पहली बार बेरोजगार युवाओं को मासिक भत्ता देने का सरकार ने फैसला किया है. उन्हें प्रत्येक माह ₹1500 मासिक भत्ता मिलेगा जो 15 अगस्त से लागू होगा. मासिक भत्ता ऐसे युवाओं को मिलेगा जिन्होंने माध्यमिक पास किया हो और जिनकी उम्र 21 साल से लेकर 41 साल तक है.
ऐसे युवाओं को सरकार पूरे 5 सालों तक हर महीने ₹1500 का भत्ता देगी या फिर रोजगार लगने तक उन्हें भत्ता मिलता रहेगा. इस श्रेणी में ऐसे युवाओं को यह लाभ नहीं मिलेगा जो राज्य सरकार की किसी योजना के तहत स्कॉलरशिप पाते हैं. सरकार ने इस योजना का नाम बांग्लार युवा साथी रखा है. इस पर 5000 करोड रुपए का प्रावधान ममता बनर्जी की सरकार ने किया है.
जैसा कि 2 महीने पहले से ही राज्य की महिलाएं अपेक्षा कर रही थी कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लक्ष्मी भंडार के तहत उन्हें हर महीने दी जाने वाली मासिक भत्ते की राशि को दुगुना कर देगी. सोशल मीडिया पर भी यही दावा किया जा रहा था कि ममता बनर्जी की सरकार लक्ष्मी भंडार के तहत महिलाओं को हर महीने ₹2000 से लेकर ₹2200 तक देगी. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार ने बजट में लक्ष्मी भंडार की सहायता राशि में ₹500 की वृद्धि की है. अब उन्हें हर महीने ₹1500 से लेकर ₹1700 तक मिलेगा.
पश्चिम बंगाल की सरकार ने अंतरिम बजट में सरकारी कर्मचारी, आशा कर्मी, पैरा टीचर्स ,सिविक वॉलिंटियर्स, आंगनवाड़ी और पेंशन भोगियों को दिए जाने वाले भत्ते में भी वृद्धि की है. सरकार की ओर से सिविक वॉलिंटियर्स के मासिक भत्ते में ₹1000 की वृद्धि की गई है. सरकार ने आंगनबाड़ी महिलाओं की मासिक सैलरी भी ₹1000 बढ़ा दी है. सरकार ने इसके अलावा आशा कर्मी और पैरा टीचर्स के भत्ते में भी वृद्धि की है. उन्हें हर महीने ₹1000 मासिक भत्ता मिलेगा. जबकि राज्य सरकार के सेवानिवृत्ति कर्मचारियों के पेंशन और पेंशन भोगियों को भी चार प्रतिशत की बढ़ी हुई दर पर महंगाई भत्ता मिलेगा.
इस तरह से राज्य सरकार ने अपने बजट में समाज के सभी वर्गों का ध्यान रखते हुए उनकी उम्मीद और अपेक्षाओं को स्पर्श करने की कोशिश की है. इस तरह का कयास पहले से भी लगाया जा रहा था. बहरहाल यह देखना होगा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार के द्वारा चला गया यह बड़ा सियासी दांव विपक्ष खासकर भारतीय जनता पार्टी को कितना पस्त करता है.
