सिलीगुड़ी के सेवक रोड में उस समय हलचल मच गई, जब यहां स्थित एक प्रसिद्ध व्यापारी के स्वर्ण प्रतिष्ठान को DGGI की टीम ने चारों तरफ से घेर लिया और छापेमारी शुरू कर दी. यहां किसी को आने नहीं दिया गया. DGGI की टीम के लोग दुकान में छापेमारी करते रहे. लगभग 7 घंटे तक तलाशी अभियान चलाया गया और उसके बाद यह टीम कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ रवाना हो गई.
इससे पहले टीम के अधिकारी सुबह 7:00 बजे ही उत्तरायण में रहने वाले व्यापारी के घर पहुंच गए. तब व्यापारी को भी पहले से कोई आहट नहीं थी. सब कुछ एकदम गोपनीय रूप से हो रहा था. किसी को कानो कान खबर नहीं हुई थी. इसलिए घर के लोग भी सकपका कर रह गए थे. वहां से टीम के कुछ लोग गाड़ी से सेवक रोड रवाना हो गए, जहां उक्त व्यापारी का प्रसिद्ध सोने का प्रतिष्ठान स्थित है.
वास्तव में यह छापेमारी सुपारी कारोबार की आड़ में करोड़ों की जीएसटी चोरी के शक में की गयी है. टीम के अधिकारियों ने इससे पहले सुपारी कारोबार से जुड़े तीन लोगों को मेरठ में गिरफ्तार किया था. उनसे विस्तृत पूछताछ के बाद टीम के अधिकारियों को पता चला कि इसका कनेक्शन सिलीगुड़ी से जुड़ा है. उसके बाद डीजीजीआई की टीम सिलीगुड़ी रवाना हो गई.
उत्तरायण के उक्त प्रसिद्ध व्यापारी रोजाना की तरह अपने दैनिक काम निबटा रहे थे. तभी टीम के लोग गाड़ी से उतरकर दनादन उनके घर में प्रवेश कर गए और पूरे घर को चारों तरफ से घेर लिया. ताकि घर से कोई बाहर ना जा सके और ना ही बाहर से कोई अंदर आ सके. फिर शुरू हुआ तलाशी अभियान.
सूत्र बताते हैं कि पिछले महीने ही टीम के लोगों को अपने सूत्रों से यह जानकारी मिल गई थी कि सिलीगुड़ी का एक प्रसिद्ध व्यापारी करोड़ों की जीएसटी चोरी कर रहा है. टीम के लोगों को अपने सूत्रों से यह भी पता चल गया था कि सुपारी कारोबार की आड़ में मेरठ से सिलीगुड़ी तक जीएसटी चोरी की जा रही है. इसलिए DGGI के अधिकारियों ने एक टीम बनाई और मेरठ में दबिश दी. वहां से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया. जहां उनसे विस्तृत पूछताछ के बाद सिलीगुड़ी के व्यापारी का नाम सामने आया.
टीम के अधिकारियों को सेवक रोड स्थित प्रतिष्ठान और व्यापारी के उत्तरायण स्थित घर से क्या मिला, यह तो पता नहीं चला है और ना ही टीम के अधिकारियों ने कुछ बताया है. पर सूत्र बता रहे हैं कि टीम के अधिकारियों को सेवक रोड स्थित व्यापारी के प्रतिष्ठान से महत्वपूर्ण दस्तावेज हाथ लगे हैं. वहीं व्यापारी के घर से भी कुछ कागजात बरामद होने की जानकारी मिली है.
हालांकि अभी इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. सूत्र बता रहे हैं कि इन कागजातों की जांच के बाद ही DGGI अगला कदम उठाएगी. इस घटना के बाद सिलीगुड़ी के व्यापारियों में आतंक की सृष्टि हुई है. व्यापारी डरे हुए हैं. अचानक इस तरह की छापेमारी सिलीगुड़ी के व्यापार जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है.
