July 25, 2026
Sevoke Road, Siliguri
प्रमुख हेडलाइंस और अपडेट्स

सिलीगुड़ी के नजदीक पानीटंकी की फिजा बदलने लगी है! क्रेता और विक्रेता चांदी काट रहे!

सिलीगुड़ी के नजदीक भारत और नेपाल की सीमा पर स्थित पानी टंकी से लेकर काकड़भिटा,भद्रापुर के व्यवसायी, आम जनता और छोटे-मोटे दुकानदार काफी खुश हैं. इन इलाकों में चहल-पहल काफी बढ़ गई है. ये क्षेत्र एक बार फिर से गुलजार हो गए हैं. इन इलाकों में धड़ल्ले से खरीदारी हो रही है. अब ₹100 नहीं, ₹200 और ₹500 नोट भी चल रहे हैं. इसलिए व्यवसाईयों में काफी खुशी देखी जा रही है.

पानीटंकी में कुछ दिन पहले यह नजारा नहीं था. दुकानदार एक तरह से मातम मना रहे थे. नेपाल के खरीददार गायब थे. लेकिन अब सब कुछ ठीक है. नेपाल राष्ट्रीय बैंक ने नेपाल में सभी भारतीय नोट के चलन की मंजूरी दे दी है. विनिमय में भी कोई समस्या नहीं आ रही है. ग्राहकों को ज्यादा पैसे भी नहीं खर्च करने पड़ रहे हैं. नेपाल राष्ट्र बैंक के द्वारा उठाए गए कदमों में 200 और 500 के भारतीय नोटों को नेपाल लाने, नेपाल से भारत ले जाने तथा अधिकृत संस्थाओं के माध्यम से उनके विनिमय की अनुमति मिल गयी है.

पानीटंकी का बाजार नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रो जैसे काकड़भिटटा,भद्रापुर के निवासियों, छोटे दुकानदारों और व्यापारियों पर निर्भर करता है. नेपाल से आए सीमावर्ती दुकानदारों और व्यापारियों की खरीदारी की पसंदीदा जगह पानी टंकी ही होती थी. राजशाही जमाने से ही भारत और नेपाल के बीच बेटी रोटी का भी संबंध चला आ रहा है. बीच-बीच में इन संबंधों में थोड़ी उदासीनता भी आई तो कभी मिठास भी देखी गई.

काकरभिटा, भद्रपुर के रहने वाले छोटे दुकानदार व आम लोग सुबह होते ही मेची नदी होते हुए पानीटंकी आ जाते हैं. यहां से खरीददारी करके वापस नेपाल पहुंचते हैं. एक समय पहले पानी टंकी बाजार में काफी चहल पहल रहती थी. लेकिन नेपाल में आई नई सरकार ने सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों के कारोबार,जीविका और अन्य गतिविधियों का भंसार शुल्क के रूप में कई तरह की पाबंदियां लगा दी. यहां तक कि भारतीय नोट ₹100 के अलावा 200 और ₹500 पर भी प्रतिबंध लगा दिया.

नेपाल सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध और नए नियमों के कारण नेपाल से यहां खरीदारी करने के लिए गिने चुने ग्राहक ही आते थे. जो साग सब्जी के अलावा कोई भारी भरकम सामान बॉर्डर इलाके से नहीं ले जाते थे. क्योंकि उन्हें इजाजत भी नहीं थी. भंसार शुल्क भी देना पड़ता था. ₹100 से ज्यादा का भारतीय सामान खरीद कर नहीं ले जा सकते थे. इससे ज्यादा का सामान होने पर उन्हें भंसार शुल्क देना पड़ता था.

इसी तरह से भारत का कोई व्यापारी अथवा पर्यटक नेपाल में घूमने अथवा खरीदारी करने जाता था तो वहां भारतीय मुद्रा ₹100 के अलावा ₹200 और ₹500 के नोट मान्य नहीं थे. जानकार मानते हैं कि नेपाल राष्ट्र बैंक ने सीमावर्ती क्षेत्र की परेशान जनता और व्यापारियों को काफी बडी राहत दी है. नेपाल राष्ट्र बैंक के इस निर्णय से दोनों देशों के सीमा क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को नई गति मिलने की उम्मीद है.

शुरू में आशंका व्यक्त की जा रही थी कि कहीं नेपाल भारत के पुराने ₹500 और ₹1000 के नोट चलन के लिए मंजूरी न दे दे. नेपाल राष्ट्र बैंक ने इस दिशा में स्पष्टीकरण जारी कर दिया है .नए नियम लागू हो जाने से नगदी लेनदेन में पहले की अपेक्षा अधिक सुविधा मिलने लगी है. नेपाल राष्ट्र बैंक ने कहा है कि वर्ष 2016 में भारत में बंद किए गए भारत के पुराने नोट यानी 500 और ₹1000 के नोट चलन से बाहर होंगे और ऐसा करके नेपाल राष्ट्र बैंक ने भारत के हितों का ध्यान रखा है.

विदेशी मुद्रा प्रबंधन नियमों में भी संशोधन किया गया है और इसके अनुसार नेपाली और विदेशी नागरिक 5000 अमेरिकी डॉलर के समतुल्य विदेशी मुद्रा बिना कस्टम घोषणा के नेपाल ला सकेंगे. वहां के कई अखबारों ने भी लिखा है कि नेपाल राष्ट्र बैंक ने एकदम सही समय पर नेपाल की अर्थव्यवस्था को गति दी है. केवल नेपाल ही नहीं बल्कि भारत में भी व्यापारिक गतिविधियों को एक नया आयाम और ऊर्जा मिलेगी. नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले लोगों को इसी तरह से नेपाल सरकार से राहत मिलने की उम्मीद है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *