क्या सिलीगुड़ी टाउन रेलवे स्टेशन वर्ल्ड हेरिटेज स्टेशन घोषित होगा? आज सिलीगुड़ी में यह चर्चा एक बार फिर से शुरू हो गई है. सिलीगुड़ी के भाजपा विधायक डॉक्टर शंकर घोष ने कहा है कि सिलीगुड़ी के लोगों की सालों पुरानी मांग पूरी होने के कगार पर है. उन्होंने आशा व्यक्त की है कि सिलीगुड़ी टाउन स्टेशन जल्द ही हेरिटेज स्टेशन का दर्जा प्राप्त कर लेगा.
सिलीगुड़ी टाउन रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड हेरिटेज स्टेशन घोषित करने के संबंध में कुछ दिन पहले ही सिलीगुड़ी के विधायक डॉक्टर शंकर घोष ने केंद्रीय रेल मंत्री को एक पत्र लिखा था और दिल्ली में उनसे मुलाकात भी की थी. विधायक शंकर घोष ने कहा कि मैंने केंद्रीय मंत्री के समक्ष इस विषय को उठाया था. रेल मंत्रालय की ओर से सकारात्मक जवाब मिला है. इसलिए वह काफी खुश हैं. खुशी भी क्यों ना हो!
रेल मंत्री ने डॉक्टर शंकर घोष के पत्र का जवाब जिस तरह से दिया है, उससे सिलीगुड़ी टाउन रेलवे स्टेशन के वर्ल्ड हेरिटेज घोषित किए जाने को लेकर एक सकारात्मकता का निर्माण हुआ है. डॉक्टर शंकर घोष ने कहा है कि अगर राज्य सरकार पहल करे तो सिलीगुड़ी के विकास में यह एक बड़ा कदम साबित होगा. उन्होंने सिलीगुड़ी के मेयर और राज्य सरकार पर भारी आरोप लगाया है कि राज्य सरकार ने कभी भी इस मुद्दे पर अपनी रुचि नहीं दिखाई है. उन्होंने कहा कि मैंने सहयोग का हाथ बढ़ाया है, अब सिलीगुड़ी प्रशासन और राज्य सरकार की जिम्मेवारी है.
सिलीगुड़ी का टाउन रेलवे स्टेशन एक ऐतिहासिक स्टेशन है. यह वही स्टेशन है, जहां गांधी जी से लेकर सुभाष चंद्र बोस, रवींद्रनाथ टैगोर और कई बड़े-बड़े महान नेताओं के कदम पड़ चुके हैं. वर्तमान में यह ऐतिहासिक स्टेशन एक उजाड़ स्टेशन बन चुका है. स्टेशन की खस्ता हालत इस तरह है कि यहां यात्री कम और कुत्ते ज्यादा नजर आते हैं. यह स्टेशन बदमाशों और उठाईगिरों का अड्डा बन चुका है. यहां शाम होते ही नशेड़ियों का अड्डा जमने लगता है. खंडहर में तब्दील होता जा रहा सिलीगुड़ी का टाउन स्टेशन एक ढांचा मात्र रह गया है.
इस ऐतिहासिक रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड हेरिटेज घोषित करने की न जाने कब से मांग की जा रही है. एक समय वर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी रेलवे मंत्री रह चुकी है. लेकिन उनके समय में भी इस स्टेशन की काया में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ. योजनाएं बनी जरूर, लेकिन उसे जमीनी धरातल पर नहीं उतारा जा सका. सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर रह चुके अशोक भट्टाचार्य ने भी सिलीगुड़ी टाउन स्टेशन को वर्ल्ड हेरिटेज घोषित करने के लिए कुछ समय तक आंदोलन भी किया था और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी बात भी रखी थी.
लेकिन धीरे-धीरे सब कुछ ठंडा पड़ता चला गया. विभिन्न संगठनों और संस्थाओं के द्वारा भी समय-समय पर सिलीगुड़ी टाउन स्टेशन को वर्ल्ड हेरिटेज घोषित करने की मांग की जाती रही है. वर्तमान में डॉक्टर शंकर घोष तथा दूसरे नेताओं और संगठनों के द्वारा भी यह मांग उठाई गई है. डॉ शंकर घोष ने तो दिल्ली जाकर रेल मंत्री से अपनी इस मांग और अन्य विभिन्न मांगों को लेकर मुलाकात भी की थी. दार्जिलिंग के भाजपा सांसद राजू बिष्ट ने भी सिलीगुड़ी टाउन स्टेशन को वर्ल्ड हेरिटेज घोषित करने के संबंध में अधिकारियों तथा मंत्रियों से दिल्ली में बात की थी.
अब जिस तरह से रेल मंत्री ने डॉक्टर शंकर घोष को पत्र लिखकर सूचित किया है उससे यह संभावना मजबूत होती है कि सिलीगुड़ी टाउन रेलवे स्टेशन की किस्मत बदलने वाली है. अगले साल पश्चिम बंगाल विधानसभा का चुनाव भी है. ऐसे में जानकार भी मानते हैं कि केंद्र सिलीगुड़ी और उत्तर बंगाल की जनता की मांग को शायद खारिज नहीं कर सके. रेल मंत्री ने सूचित किया है कि उनकी इस मांग और अन्य मांगों को लेकर संबंधित विभाग को जांच कार्रवाई समेत उचित निर्णय लेने को कहा जा चुका है.
डॉक्टर शंकर घोष ने अपने पत्र में एनजेपी से सियालदह के लिए एक नई ट्रेन शुरू करने की भी मांग की थी. रेल मंत्री ने डॉक्टर शंकर घोष को आश्वासन दिया है कि उनकी इस मांग को भी संबंधित विभाग को देखने के लिए कह दिया गया है. काफी हद तक संभव है कि एनजेपी से सियालदह के लिए एक नई ट्रेन की घोषणा जल्द ही की जा सके. दुर्गा पूजा और त्योहारी मौसम में एनजेपी से कोलकाता के लिए रेलगाड़ियों में टिकट उपलब्ध नहीं है. ऐसे में एनजेपी से एक नई रेलगाड़ी शुरू करने के लिए बहुत पहले से मांग की जा रही है. रेल मंत्री के डॉक्टर शंकर घोष को लिखे पत्र से प्रतीत होता है कि रेलवे के द्वारा एनजेपी से सियालदह के लिए एक नई ट्रेन सेवा शुरू करने की घोषणा की जा सकती है.
हालांकि यह सब अभी भविष्य के गर्भ में है. क्योंकि बहुत बार ऐसा हुआ भी है. सिलीगुड़ी के लोगों ने सरकार के ताम-झाम भी देखे हैं. इसलिए जब तक रेलवे के द्वारा कोई अधिकृत घोषणा नहीं की जाती है, तब तक यहां के लोग शंका और उम्मीद के साए में ही झूलते रहेंगे.