November 29, 2025
Sevoke Road, Siliguri
Uncategorized

सिलीगुड़ी में ईस्टर्न बाईपास और एशियन हाईवे पर दौड़ते ‘यमराज’!

सिलीगुड़ी में अब ईस्टर्न बाईपास को खूनी मार्ग मान लिया गया है. जबकि फूलबाड़ी से लेकर माटीगाड़ा और आगे बागडोगरा तक एशियन हाईवे भी ईस्टर्न बाईपास से दुर्घटनाओं के मामले में प्रतिद्वंदिता करता प्रतीत हो रहा है. सिलीगुड़ी के इन मार्गों पर शाम ढलते ही ‘यमराज’ दौड़ने लगते हैं. जब रात्रि 9-10 बजे के बाद ट्रैफिक पुलिस नहीं होती, तब इन मार्गों पर गुजर रही गाड़ियों की रफ्तार देखकर रूह कांपने लगती है.

शायद यही देखकर स्थानीय लोग कहते हैं कि ईस्टर्न बाईपास और एशियन हाईवे पर यमराज घूमते रहते हैं. रात्रि के समय चेक पोस्ट से लेकर साहूडांगी तक और एशियन हाईवे पर फुलबारी से लेकर मेडिकल तक रास्ता अत्यंत संवेदनशील हो जाता है. किसी को पता नहीं कि कब उनके साथ हादसा हो जाए. पिकअप से लेकर ट्रक और बाइक सवार सभी जैसे हवा से बातें करने लगते हैं. इन मार्गों से गुजरने वाली बहुत कम ऐसी गाड़ियां होती हैं, जो ट्रैफिक नियमों का पालन करती हैं. ऊपर से यहां जाम भी एक बड़ी समस्या है.

शनिवार को ईस्टर्न बाईपास पर एक बार फिर तेज रफ्तार ट्रक ने एक मासूम की जान ले ली. यह हादसा बानेश्वर मोड पर हुआ था. मृतक का नाम यश और वह 7 साल का मासूम बच्चा था.वह सिलीगुड़ी के एक निजी स्कूल में पढ़ता था. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक स्कूटी पर एक महिला और दो बच्चे सवार थे. ट्रक से स्कूटी की टक्कर हो गई. ट्रक से कुचलकर मासूम की मौत हुई थी. ईस्टर्न बाईपास पर पहले भी हादसे होते रहे हैं. लेकिन पुलिस प्रशासन इन सड़क हादसों से कोई सबक नहीं लेता.

इसी तरह से एशियन हाईवे पर रात के समय गुजरने वाले वाहन हवा से बात करने लगते हैं. इस समय रोड भी खाली रहता है. ट्रैफिक पुलिस होती नहीं और महानंदा सेतु से लेकर मेडिकल तक अंधेरे का साम्राज्य रहता है. कहने के लिए तो कावाखाली में एक ट्रैफिक गार्ड भी है. परंतु यह सिर्फ कागजों की ही शोभा बढ़ाता है. दिन में आप ट्रैफिक पुलिस के सिविल गार्ड को यहां देख सकते हैं. रात में यह पूरा इलाका सुनसान नजर आता है. यहां आए दिन सड़क हादसे होते रहते हैं. पुलिस प्रशासन कागजी कार्रवाई के अलावा कुछ नहीं करता है.

स्थानीय लोग बताते हैं कि इन मार्गो पर परिवहन संचार अवस्थित रहता है. ट्रैफिक पुलिस बहुत कम ध्यान देती है. इसके अलावा सुनसान और निर्जन क्षेत्र का फायदा उठाकर गाड़ी चालक स्पीड का भी ध्यान नहीं रखते हैं. इन मार्गों से होकर जाने वाली गाड़ियों के चालक रात्रि के समय मनमाने तरीके से गाड़ियां चलाते हैं. रात 9:00 बजे के बाद तो ट्रैफिक पुलिस मोड़ पर भी नहीं दिखाई देती है. इसका फायदा उठाकर वाहन चालक मनमाने तरीके से गाड़ी चलाते हैं और सड़क पर पैदल चलने वालों तथा अन्य लोगों को आतंकित करते रहते हैं. यहां छोटे-मोटे हादसे होते रहते हैं. पुलिस तक उसकी सूचना भी नहीं दी जाती और आपस में म्यूचुअल कर लिया जाता है.

अब सर्दियां आ गई है. कुछ दिनों में घने कोहरे की चपेट में दोनों ही मार्ग आ जाएंगे. ऐसे में आप सहज ही कल्पना कर सकते हैं कि यहां सड़क दुर्घटनाओं की बाढ़ आ सकती है. अगर पुलिस प्रशासन और ट्रैफिक विभाग के अधिकारी भविष्य में सड़क हादसों को रोकने के लिए गंभीर है, तो उन्हें एक ठोस पहल करने की जरूरत है. शायद इसी को ध्यान में रखकर सिलीगुड़ी के पुलिस कमिश्नर श्री सुधाकर ने विचार किया है कि ट्रैफिक सेवाओं को सर्दियां बीतने तक देर रात तक संचालित किया जाए. अभी ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी सुबह 8:00 बजे से 9-10 बजे तक रहती है. श्री सुधाकर चाहते हैं कि ट्रैफिक पुलिस देर रात तक ड्यूटी करे, ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके.

अगर ऐसा होता है तो सड़क हादसों को रोकने के लिए यह एक अच्छी पहल कही जा सकती है. लेकिन अभी इसकी आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जाना चाहिए. लेकिन जो सूत्र बता रहे हैं, उसके अनुसार सिलीगुड़ी शहर के प्रमुख ट्रैफिक पॉइंट्स पर ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी बढ़ाई जा सकती है. इसके साथ ही ट्रैफिक पुलिस कर्मी भी बढ़ाए जा सकते हैं. सिलीगुड़ी ट्रैफिक पुलिस की ओर से और भी कई कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके.

इसके अनुसार शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, ड्रंकन ड्राइविंग के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति, वाहन चालकों का चालान काटने के साथ-साथ गाड़ी जब्त करना, लाइसेंस सस्पेंड करना जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने की सूचना मिल रही है. पिछले 2 साल के आंकड़ो पर नजर डालें तो सिलीगुड़ी में ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं ईस्टर्न बायपास और एशियन हाईवे पर हुई हैं. कुछ दिनों में यहां कोहरा छा जाएगा. ऐसे में तेज रफ्तार के कारण ये दोनों ही सड़क खतरनाक हो जाएंगी. बेहतर होगा कि अब समय जाया किए बगैर सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस ऐसे दूरगामी सोच को अमल में लाए और एक फूल प्रूफ योजना के तहत सड़क हादसों को कम करने की दिशा में कदम उठाए.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *