सिलीगुड़ी में महिलाओं के तथाकथित अपहरण से जुड़ी खबरें सुर्खियों में है. सोशल मीडिया में दावा किया जा रहा है कि पंजाबी पाड़ा और आसपास के इलाकों से महिलाओं का अपहरण किया जा रहा है. इससे महिलाओं में आतंक व्याप्त है.
महिलाओं का अपहरण खुद महिलाएं कर रही हैं. महिलाओं के अपहरण के पीछे मानव तस्करों का गिरोह सिलीगुड़ी में सक्रिय हो गया है. यह भी कहा जा रहा है कि महिला का अपहरण करके बांग्लादेश ले जाया जा रहा है. आदि-आदि. खबर समय को भी कुछ इसी तरह की खबरें प्राप्त हुई हैं.
ऐसे में एक जिम्मेदार पोर्टल की भूमिका होती है कि खबरों का सच पता किया जाए. क्योंकि आजकल सोशल मीडिया पर अफवाहों का बाजार गर्म है. खबरों की सच्चाई जाने बगैर कुछ लोग उसे वायरल करते जाते हैं, जिससे वातावरण में उत्तेजना, कटुता,हिंसा,वैमनस्य और नकारात्मकता फैल जाती है. एक जिम्मेदार मीडिया का कर्तव्य होता है कि कोई भी खबर पोस्ट करने से पहले खबर की सत्यता का पता लगाया जाए.
खबर समय ने भी अपने स्तर पर सिलीगुड़ी खासकर पंजाबी पाड़ा और आसपास के इलाकों में उड़ायी जा रही खबरों की सत्यता का पता लगाया तो यह महज एक अफवाह निकली. ऐसी खबरों का खंडन खुद उस महिला ने किया है, जिसके बारे में दावा किया जा रहा है कि उसका अपहरण हो गया है.
महिला का नाम पायल किथानिया है. दावा किया जा रहा है कि पंजाबी पाड़ा के निकट एक दुकान से दो महिलाओं ने उसका तब अपहरण कर लिया, जब वह दुकान से सामान लेकर बाहर निकल रही थी. खबर के अनुसार संभ्रांत घरानों की दिख रही दो महिलाओं ने महिला से पता पूछने के बहाने उसे बेहोश कर दिया और गाड़ी में डाल दिया.
महिला को तब होश आया, जब वह तीस्ता नदी में थी. खबर में दावा किया जा रहा है कि उसे अपहरण करके बांग्लादेश ले जाया जा रहा था. किसी तरह उक्त महिला उनके चंगुल से निकल आयी. महिला को जब होश आया तो उसने आसपास में देखा.तभी एक पुलिस वाले पर उसकी नजर पड़ी और उस पुलिस वाले की मदद से महिला उनके चंगुल से बाहर निकल आई.
खुद के अपहरण के बारे में उड़ाई जा रही अफवाह से उक्त महिला ने अपनी पीड़ा का इजहार करते हुए सिलीगुड़ी के लोगों को सावधान किया है. महिला ने स्पष्ट कर दिया है कि उसका अपहरण नहीं किया गया है. वह पूरी तरह सुरक्षित है. उसके बारे में सिलीगुड़ी में तमाम तरह की खबरें फैलाई जा रही है जो पूरी तरह निराधार है. उसने कहा है कि यह सब महज एक अफवाह है.
इसलिए लोग इस पर ध्यान ना दें. महिला ने लोगों से निवेदन किया है कि वह ऐसी खबरों पर भरोसा ना करें और किसी तरह की अपवाह भी ना फैलाएं. अन्यथा अफवाह उड़ाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए मजबूर हो जाएगी. पायल किथानिया के इस पोस्ट के बाद अफवाहों पर विराम लग जाना चाहिए और पुलिस को बाकी काम करने देना चाहिए.
