भूकंप की कोई भविष्यवाणी नहीं की जा सकती है. इसके प्रति हमेशा सतर्क रहना पड़ता है और खासकर जब आप हिमालय क्षेत्र में निवास करते हों. क्योंकि भूकंप के दृष्टिकोण से हिमालय क्षेत्र काफी संवेदनशील माना जाता है. विशेषज्ञों ने पहले ही इस क्षेत्र में लोगों को चेतावनी दी है. उनके अनुसार पूर्वी हिमालय क्षेत्र में साधारण से लेकर मध्यम स्तर के भूकंप के झटके आते रहेंगे. इसलिए सावधानी जरूरी है.
कल रात भूकंप के झटके उस समय महसूस किए गए जब लोग गहरी नींद में सोए हुए थे. यह झटके सिलीगुड़ी से लेकर सिक्किम तक महसूस किए गए. भूकंप के बारे में लोगों के अपने-अपने अनुभव हैं. किसी को यह झटका तीव्र महसूस हुआ तो किसी को कम. किसी ने बताया कि सोते समय अचानक पलंग हिलने लगा तो कोई यह भी बता रहा है कि कमरे में रखी कुर्सी अपनी जगह से हिल गई थी. किसी महिला ने यह भी बताया कि किचन में रखा सामान अपनी जगह पर नहीं था, तो कोई यह भी कह रहा था कि रात में दुकान में काम कर रहा था, अचानक उसे कंपन महसूस हुआ तो वह दरवाजे से निकल कर भागा.
सिलीगुड़ी से लेकर सिक्किम तक लोगों की यही कहानी है. हालांकि बहुत से ऐसे भी लोग हैं जिन्हें भूकंप के झटके महसूस ही नहीं हुए है. पर जिन्होंने भूकंप के झटके महसूस किये है, उन्हें कष्टदायक अनुभव हुआ है. गनीमत रही कि भूकंप की तीव्रता 4.0 मापी गई है. हालांकि नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने बताया है कि सिक्किम में आधी रात को भूकंप के जो झटके महसूस किए गए, उसकी तीव्रता 4.5 थी. यह भूकंप रात्रि 1:09 पर आया था और इसका केंद्र गयालशिंग में 10 किलोमीटर की गहराई में था.
सिलीगुड़ी के लोगों को आधी रात भूकंप के झटके महसूस हुए. कुछ लोग उस समय जाग रहे थे, इसलिए उन्हें इसका तीव्र एहसास हुआ था. लेकिन जो लोग सो चुके थे उन्हें इसका कम ही एहसास हुआ है. भूकंप का केंद्र सिक्किम के दक्षिणी जिले नामची में बताया जा रहा है. भूकंप की तीव्रता 4.0 रही है. स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्हें रात्रि 3:11 पर भूकंप के झटके महसूस हुए. हालांकि कहीं से भी जान माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है.
विशेषज्ञों ने बताया है कि 4.0 की तीव्रता वाला भूकंप जान माल के नुकसान के दृष्टिकोण से प्रभावी नहीं होता है. यह साधारण झटका होता है. लेकिन लोगों को इसकी तीव्रता इसलिए ज्यादा महसूस हुई क्योंकि यह नामची में 5 किलोमीटर की गहराई में स्थित था. यही कारण है कि कम तीव्रता के बावजूद लोगों को तेज झटके महसूस हुए हैं. हिमालय क्षेत्र में रहने वाले लोगों ने बताया कि जब भूकंप का झटका आया था तो लैंप अपनी जगह से हिलने लगा. कुर्सियों में भी कंपन महसूस की गई.
आमतौर पर देखा जाता है कि भूकंप आने के बाद लगातार झटके आते रहते हैं. इसलिए खतरा टला नहीं है. ऐसे में प्रशासन ने लोगों को सतर्क किया है. जब तक एक-दो दिन गुजर नहीं जाता है तब तक लोगों को सावधान रहने की जरूरत है.
