अगर आप सिलीगुड़ी या बंगाल के किसी भी कोने में रहते हैं तो अपने मकान, दुकान, खलिहान, प्रतिष्ठान, फैक्ट्री, कंपनी सब जगह तिरंगा लगा लीजिए और एक राष्ट्रवादी बंगाली बन जाइए. बंगाल के इतिहास में यह पहला अवसर आया है, जब बंगाल के लोगों को भारतीय तिरंगे का सम्मान और गौरव बढ़ाना है.
सिलीगुड़ी और कोलकाता में तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही है. समाज के विभिन्न वर्गों के लोग रैली में शामिल हो रहे हैं. जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के लोगों से हर घर तिरंगा अभियान शुरू करने की अपील कर चुके हैं. लोग अपने घर पर तिरंगा लगा भी रहे हैं.सिलीगुड़ी, पहाड़, समतल, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार, अलीपुरद्वार, मालदा, आदि पूरा उत्तर बंगाल हर घर तिरंगा अभियान में एकजुट नजर आ रहा है.अगर आपने अपने घर पर तिरंगा नहीं लगाया है तो आज ही इसका हिस्सा बन जाएं.
बंगाल में विभिन्न संस्थाओं और संगठनों की मदद से हर घर तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है. जबकि देशभर में भारतीय रेलवे के अलावा विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, सेना,केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के साथ-साथ अन्य सरकारी और गैर सरकारी संगठनों की ओर से हर घर तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है. बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अपील पर पूरा बंगाल तिरंगामय होने जा रहा है. मुख्यमंत्री स्वयं इस अभियान की बागडोर कोलकाता में संभाल रहे हैं.
पश्चिम बंगाल में तिरंगा यात्रा शुरू हो चुकी है. आगामी 17 अगस्त तक पूरा बंगाल तिरंगा से पटा नजर आएगा. चाहे आप बुद्धिजीवी हो या मजदूर, कर्मचारी हो या अधिकारी, अपने घर की छत पर तिरंगा लगा लिए और तिरंगे का मान और गौरव बढ़ाने के लिए तिरंगे की यात्रा का सहभागी बनिए. यह समय आत्म गौरव का समय है. देश की सुरक्षा और एकता के लिए तिरंगे का बड़ा महत्व है.
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा बंगाल में शुभेंदु अधिकारी, राज्यपाल आर एन रवि के साथ ही अनेक विचारको और बुद्धिजीवियों ने बंगाल के लोगों से अपील की है कि वह अपने घर और प्रतिष्ठानों पर तिरंगा लहराएं और भारत की एकता को मजबूत बनाएं. पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने राज्य के लोगों से हर घर तिरंगा अभियान में शामिल होने का आह्वान किया है.
राज्यपाल ने राज्य के सभी सरकारी एवं निजी विश्वविद्यालय के साथ उनके अधीन आने वाले कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों से 1947 में हुए देश के विभाजन की याद में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के तौर पर मनाने का भी आह्वान किया है. उन्होंने विश्वविद्यालय से विद्यार्थियों ,शिक्षकों और अभिभावकों को आयोजन से जोड़कर भारत विभाजन के दौरान हुई त्रासदी और विशेष रूप से बंगाल पर पड़े उसके गहरे प्रभाव को याद करने की अपील की है.
प्रत्येक तिरंगा वर्ष 2047 तक मजबूत, एकजुट और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प की अभिव्यक्ति बने, हर घर तिरंगा का यह लक्ष्य भी है. बंगाल वह भूमि है जहां से वंदे मातरम का स्वर पूरे देश में गुंजा था. पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे द्वारा हर घर तिरंगा अभियान शुरू करने के पीछे उद्देश्य नागरिकों को अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रेरित करना तथा तिरंगे के साथ व्यक्तिगत एवं भावनात्मक जुड़ाव स्थापित करना है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल और देश के लोगों से अपील की है कि वह देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने की तिरंगा से प्रेरणा लें. यह साल राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के साथ मनाया जा रहा है. इसलिए हर घर तिरंगा अभियान का बड़ा महत्व है. पूरे देश में तिरंगा अभियान 9 अगस्त से चल रहा है जो 17 अगस्त तक चलेगा. अगर आपने अपने घर पर तिरंगा नहीं लगाया है तो देर मत कीजिए और एक राष्ट्रवादी व्यक्तित्व का उदाहरण प्रस्तुत करिए.
यह तिरंगा देश की आजादी, भूत, वर्तमान और भविष्य की बहुत सी बातों को समझाता है और हमेशा कठिन चुनौतियों का दृढता पूर्वक सामना करने का हौसला प्रदान करता है. सिलीगुड़ी में सब जगह तिरंगा बिक रहा है. विभिन्न सामाजिक और स्वयंसेवी संगठनों की ओर से भी लोगों को मुफ्त में तिरंगा वितरित किया जा रहा है. तिरंगे को सलाम करिए. उसे घर पर लगाइए. तिरंगे से न केवल घर की खूबसूरती बढ़ेगी बल्कि आपका व्यक्तित्व भी खिल उठेगा.
