April 8, 2026
Sevoke Road, Siliguri
प्रमुख हेडलाइंस और अपडेट्स ELECTION ELECTION COMISSION OF INDIA newsupdate north bengal SIR SIR hearing WEST BENGAL westbengal

उत्तर बंगाल में 18 लाख मतदाता घर के न घाट के! कौन करेगा इंसाफ?

https://khabarsamay.com/1-8-million-voters-in-north-bengal-are-neither-here-nor-there-who-will-do-justice/

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण की नामांकन प्रक्रिया पूरी होने की गहमागहमी के बीच चुनाव आयोग ने 2026 में मतदान न करने करने वाले लोगों की जिलेवार एक सूची जारी कर दी है. यह वे लोग हैं, जिन्होंने पिछले विधानसभा, लोकसभा, पंचायत चुनाव आदि में मतदान किया था. लेकिन 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव में मतदान नहीं कर सकेंगे. इसके अनुसार मतदान नहीं करने वाले लोगों की संख्या 90,83,345 है.

उत्तर बंगाल में कुल आठ जिले आते हैं. चुनाव आयोग ने इन आठ जिलों में से लगभग 18 लाख नाम मतदाता सूची से बाहर कर दिए हैं. अर्थात ये लोग 2026 के विधानसभा चुनाव में मतदान नहीं कर सकेंगे. उत्तर बंगाल के जिस जिले से अधिक नाम मतदाता सूची से बाहर किए गए हैं, उनमें मालदा जिला का स्थान सबसे ऊपर है. यहां 4,59,503 नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं. आपको बता दें कि इन लोगों ने पिछले विधानसभा या लोकसभा चुनाव में मतदान किया था.

सबसे पहले दार्जिलिंग जिले की बात करते हैं. दार्जिलिंग जिला के अंतर्गत सिलीगुड़ी भी आता है. दार्जिलिंग और सिलीगुड़ी से भी कई नाम मतदाता सूची से बाहर किए गए हैं. दार्जिलिंग जिले में 1,90,052 नाम मतदाता सूची से बाहर किए गए हैं. वहीं पहाड़ में कालिमपोंग जिला में 21,530 नाम मतदाता सूची से बाहर किए गए हैं. जिन लोगों को मतदाता सूची से बाहर किया गया है, उन्होंने पिछले चुनाव में मतदान किया था.

इसी तरह से अलीपुरद्वार जिले में 1,43,057, जलपाईगुड़ी जिले में 2,01,248, उत्तर दिनाजपुर जिले में 3,63,619, दक्षिण दिनाजपुर जिले में 1,79,555 और मालदा जिले में 4,59,503 तथा कूचबिहार जिले में 2,42,570 लोग 2026 के विधानसभा चुनाव में मतदान नहीं कर सकेंगे. उत्तर बंगाल में मालदा वह जिला है, जहां सबसे अधिक नाम मतदाता सूची से बाहर किए गए हैं. उसके बाद क्रमशः उत्तर दिनाजपुर ,जलपाईगुड़ी और कूच बिहार जिला का स्थान आता है.

हटाए गए नाम के बाद पूरे राज्य में वैध मतदाताओं की कुल संख्या 6,77,20,728 रह गई है. जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से बाहर किए गए हैं, वे सभी इंसाफ की मांग कर रहे हैं. लेकिन उन्हें इंसाफ कौन दिलाएगा? उनकी स्थिति घर की ना घाट की रह गई है. ऐसे लोगों की एकमात्र आस सुप्रीम कोर्ट रह गई है. अब तो सुप्रीम कोर्ट ही उनके लिए सहारा है.

आपको बताते चलें कि बंगाल में SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले राज्य में मतदाताओं की कुल संख्या 7करोड़ 66लाख 37 हजार 529 थी. 28 फरवरी को प्रकाशित संशोधित ड्राफ्ट सूची में 63.66 लाख नाम हटाए गए थे. जबकि 60,06,675 नाम को विचाराधीन श्रेणी में रखा गया था. पिछले दिनों इन नामो का निपटारा करते हुए चुनाव आयोग ने 27 लाख 16हजार 393 लोगों को मतदाता सूची से बाहर कर दिया. जबकि 32 लाख 68हजार119 लोगों को मतदाता सूची में बहाल रखा था.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *