May 14, 2026
Sevoke Road, Siliguri
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जल्द ही सिलीगुड़ी में 5 रू.में खाइए माछ-भात !

किसी समय सिलीगुड़ी में मां कैंटीन की चर्चा होती थी. इसके तहत ₹5 में अंडा भात दाल सब्जी वगैरह खाने को मिल जाते थे. अर्थात ₹5 में एक प्लेट खाना आपको मिल जाता था. उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज अस्पताल, सिलीगुड़ी जिला अस्पताल, इत्यादि कई स्थानों पर ममता बनर्जी की सरकार ₹5 में अस्पताल के रोगियों,श्रमिकों तथा जरूरतमंदों को खाना खिलाती थी.

मां कैंटीन की व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं चल रही थी. लिहाजा उसका पतन तो होना ही था. अनियमित रखरखाव और सुनियोजित प्रबंधन के अभाव में बंद हो गया. समय रहते ना तो सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर गौतम देव ने इस पर ध्यान दिया और ना ही राज्य सरकार की ओर से सही दिशा में प्रयास किया गया.

मा कैंटीन तो बंद हो गई. लेकिन अब उसकी जगह पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार मा कैंटीन का नाम बदलकर ₹5 में नयी योजना व्यवस्था शुरू करने जा रही है. शुभेंदु अधिकारी की सरकार पूर्ववर्ती सरकार के कुप्रबंधन से सीख लेते हुए इस योजना को सुनियोजित तरीके से शुरू करना चाहती है. इसलिए इसमें थोड़ा वक्त लग सकता है.

लेकिन राज्य सरकार की यह योजना भविष्य में लंबी रेस का घोड़ा साबित हो सकती है. सूत्र बता रहे हैं कि पहले से भी ज्यादा बेहतर प्रबंधन की इसमें गुंजाइश है. ममता बनर्जी की सरकार में गरीबों को 5 रू में भात और अंडा मिलता था. लेकिन भाजपा सरकार में ₹5 में माछ और भात दोनों खा सकते हैं. वो भी भर पेट. क्योंकि ₹5 में केवल मछली भात ही नहीं होगा बल्कि और भी बहुत से आइटम होंगे. भाजपा सरकार ने इसकी हरी झंडी दे दी है.

भारतीय जनता पार्टी की नई सरकार ने पहले ही घोषणा कर रखी है कि पिछली सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को बंद नहीं किया जाएगा. इसके अंतर्गत लक्ष्मी भंडार योजना और मा कैंटीन व्यवस्था भी शामिल है. नई सरकार मां कैंटीन व्यवस्था को सुचारू रूप से क्रियान्वित करने के लिए योजना बना रही है.

यह योजना बदले अंदाज में फ्लोर पर जाने वाली है. आपको बताते चलें कि ममता बनर्जी की सरकार ने 2021 चुनाव से पहले इस तरह की व्यवस्था शुरू की थी. सर्वप्रथम दक्षिण बंगाल में यह व्यवस्था शुरू की गई थी. बाद में उसका विस्तार होता चला गया. लेकिन सही प्रबंधन और संसाधन के अभाव में मां कैंटीन व्यवस्था लंबे समय तक नहीं चल सकी और बंद हो गई

भाजपा की नई सरकार इस व्यवस्था को फिर से शुरू करने के लिए ब्लूप्रिंट तैयार कर चुकी है. सूत्र बता रहे हैं कि सुफल बंगला से भी संपर्क किया जा रहा है. साथ ही कैंटीन के लिए सभी तरह के संसाधन खासकर सब्जियों की आपूर्ति और खाद्य की आपूर्ति नियमित रूप से होती रहे, इस तरह की परफेक्ट योजना तैयार की जा रही है. उम्मीद की जानी चाहिए कि भाजपा सरकार की नई व्यवस्था टिकाऊ साबित होगी.

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