कोलकाता के बहुचर्चित सूटकेस कांड का सच सामने आ गया है. इस कांड ने सिलीगुड़ी को भी हिला कर रख दिया है. सूटकेस में एक महिला की लाश को टुकड़ों में रखा गया था. मृतका उस महिला की सास थी, जिसकी लाश के तीन टुकड़े करके सूटकेस में रख बहू और उसकी मां कोलकाता में गंगा नदी में ठिकाने लगाने ले जा रही थी. पुलिस ने आज बहू और उसकी मां को अदालत में पेश किया, जहां से दोनों को पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है. सास की इस कातिल बहू का संबंध सिलीगुड़ी से बताया जा रहा है.
कातिल बहू का नाम फाल्गुनी घोष है. जबकि मृतका सुमिता घोष असम की जोरहाट की रहने वाली थी. आरती घोष और उसकी बेटी फाल्गुनी घोष पर सुमिता घोष की हत्या का आरोप लगा है. फाल्गुनी घोष का सिलीगुड़ी के सुभाष पल्ली में रिश्तेदार का घर है. यहां फाल्गुनी घोष के मामा ससुर रहते हैं. आज फाल्गुनी घोष के मामा द्वारा नियुक्त एक वकील ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि फाल्गुनी घोष की पृष्ठभूमि अपराध पर आधारित है.
फाल्गुनी घोष ने इससे पहले भी सिलीगुड़ी में एक चोरी की घटना को अंजाम दिया था. जिसमें वे पकड़ी गई. हालांकि बाद में उसकी जमानत हो गई थी. इसके बाद वह कोलकाता चली गई. आज भी सिलीगुड़ी थाना मे फाल्गुनी घोष के खिलाफ चोरी का मामला चल रहा है. फाल्गुनी घोष जमानत पर है. आरती घोष अपनी बेटी फाल्गुनी घोष के साथ कोलकाता के मध्य ग्राम में एक किराए के मकान में रहती थीं.
फाल्गुनी की फुफेरी सास अपनी बहू से मिलने के लिए उसके किराए के मकान में आई थी. आरती घोष उस समय अपने घर में नहीं थी. और कहीं बाहर गई थी. फाल्गुनी का अपनी सास के साथ शुरू से ही अच्छा संबंध नहीं था. परंतु सास ने हमेशा ही अपनी बहू का भला चाहा था.उस दिन दोनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया. बातों ही बातों में गुस्से में आकर फाल्गुनी ने ईट से अपनी सास पर वार कर दिया, जिसे उनकी मौत हो गई. यह बात पुलिस की पूछताछ में फाल्गुनी घोष ने बताया है.
जब आरती घोष बाहर से घर लौटी तो उसे सच्चाई का पता चला. इसके बाद दोनों मां बेटी तुरंत शव को ठिकाने लगाने के लिए तैयार हो गई. उन्होंने महिला की लाश के टुकड़े किए और सूटकेस में भर दिया. उसके बाद दोनों सूटकेस को लेकर कोलकाता आ गई. पुलिस ने दोनों ही महिलाओं के पास से लोकल ट्रेन की टिकट बरामद किया है. यह टिकट सियालदह और हासनाबाद सेक्शन के कांजीपाड़ा स्टेशन का है.
पुलिस ने जांच में पता लगाया है कि पहले मां बेटी दोनों सूटकेस लेकर प्रिंसेप घाट गई थी. लेकिन वहां लोगों की काफी चहल-पहल देखी तो वहां से लौट गई और कुम्हार टोली घाट पहुंच गई. यहां लाश प्रवाहित करते समय स्थानीय लोगों ने देख लिया. उनकी गतिविधियों पर कुछ शक हुआ. इसके बाद कुछ लोग आगे आए और उन्होंने महिलाओं से पूछा कि सूटकेस में क्या है. पहले तो उन्होंने बताया कि सूट केस में कुत्ते की लाश है, जिसे वह प्रवाहित करने के लिए यहां लेकर आई है.लेकिन जब सूटकेस को खोलकर देखा गया तो उसमें महिला की लाश पड़ी थी.
स्थानीय लोगों के अनुसार पहले तो महिलाओं ने सूटकेस खोलने से मना कर दिया था. लेकिन बाद में वह बताने लगी कि उनके बैग में पालतू कुत्ता का शव पड़ा हुआ है, जिसे वह ठिकाने लगाने के लिए लाई है. बाद में पुलिस मौके पर पहुंची तो महिलाओं को बैग खोलना ही पड़ा. इसके बाद पुलिस ने दोनों मां बेटी को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें पूछताछ के लिए नॉर्थ पोर्ट पुलिस स्टेशन लेकर चली गई. फाल्गुनी घोष ने बताया कि उसकी सास अपने पति से अलग होकर असम से उसके यहां रहने आई थी. वह 11 फरवरी से उनके साथ रह रही थी.
फाल्गुनी घोष का अपने पति के साथ अच्छा संबंध नहीं था. वह अपने पति से अलग रहती थी. पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए कोलकाता मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है. पुलिस को अभी इस सवाल का जवाब नहीं मिला है कि सुमिता घोष फाल्गुनी घोष के घर क्यों गई थी. पुलिस अभी पता लग रही है कि किस बात को लेकर सास और बहू में झगड़ा हुआ था.
हालांकि पुलिस ने प्राथमिक जांच के आधार पर पता किया है कि मृतका की असम व कोलकाता में कुछ संपत्ति है. कहीं संपत्ति को लेकर तो मां बेटी ने उनकी हत्या नहीं कर दी. यह भी जांच में पाया गया है कि फाल्गुनी घोष काफी समय से अपने ससुराल वालों से अलग अपनी मां के साथ रह रही थी. जो भी हो, यह मामला सास बहू के रिश्ते और बहू के बदलते चरित्र का आईना है. सभ्य समाज में इसका कोई स्थान नहीं है. इस घटना की जितनी निंदा की जाए, कम है. पुलिस को चाहिए कि मामले की शीघ्र जांच कर दोषी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करे. ताकि सास बहू के रिश्तों और धर्म पर से लोगों का भरोसा ना उठ सके.