अगर आपको गुटखा खाने, बीड़ी और सिगरेट पीने की लत लग चुकी है तो आपके लिए चिंता की बात है. क्योंकि गुटखा, बीड़ी और सिगरेट के दाम 1 फरवरी से अत्यधिक बढ़ रहे हैं. अगर आपने ऐसे खतरनाक शौकों को पाल रखा है तो आपकी जेब पर बोझ बढ़ने वाला है.
यूं तो शराब, गुटखा, बीड़ी, सिगरेट इत्यादि तंबाकू वाले मादक पदार्थ हैं जो सेहत के लिए हानिकारक होते हैं. लेकिन इसके बावजूद लोग ऐसे व्यसनों के लती हो जाते हैं. वे सब जानते समझते हुए भी इन बुरे व्यसनों से आजाद नहीं हो पाते हैं. इससे एक तरफ उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ता ही है, इसके साथ ही ऐसे शौक को अपनाने से उनकी जेब पर भी भारी असर पड़ता है.
केंद्र सरकार ने पहले ही गुटखा,बीडी, सिगरेट पर gst टैक्स बढ़ा दिए हैं. पर अब इन वस्तुओं पर और अधिक टैक्स लगाया जा रहा है. सरकार ने संशोधित कर ढांचे के अंतर्गत सिगरेट तथा अन्य तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाने का फैसला किया है, जो 1 फरवरी 2026 से लागू हो जाएगा. सबसे ज्यादा सिगरेट के शौकीनों पर इसका असर पड़ने वाला है.
लंबी और प्रीमियम सिगरेट पर सबसे अधिक टैक्स लगाया गया है. यह टैक्स सिगरेट की लंबाई के आधार पर बढ़ाया गया है. प्रति 1000 सिगरेट पर 2050 रुपए से लेकर 8500 तक का उत्पादन शुल्क लगाया जा रहा है.
आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने पहले ही इन तंबाकू उत्पादों पर 40% जीएसटी लगाया है. अब जो टैक्स लगेगा, वह इसके अतिरिक्त होगा. अब पान मसाला पर कुल टैक्स बढकर 88% हो जाएगा. इसी से अंदाजा लगा सकते हैं कि तंबाकू उत्पाद कितने महंगे हो जाएंगे.
