देश में जो हालात उत्पन्न हुए हैं, उन्हें देखकर सबसे पहला सवाल जो जेहन में आता है, वह यह है कि क्या सिलीगुड़ी में होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर खतरा मंडरा रहा है? क्या शाम के समय सिलीगुड़ी के लोगों को नजदीकी रेस्टोरेंट और ढाबों पर बनने वाली डिशों के स्वाद से वंचित होना पड़ सकता है? क्या सिलीगुड़ी के होटल रेस्टोरेंट कारोबारियों की रोजी-रोटी पर ग्रहण लगने जा रहा है? क्या हमारा देश एक बार फिर से लॉकडाउन के रास्ते पर बढ रहा है?
लॉकडाउन शब्द सुनते ही सिहरन होने लगती है. वर्ष 2020-21 का लॉकडाउन शायद ही कोई भूल सकता है. यह जख्म अभी तक भरा नहीं है. ऐसा लगता है कि एक बार फिर से हमारे जख्म हरे होने जा रहे हैं. मध्य पूर्व में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के चलते दुनिया के देशों की हालत खराब है. भारत भी इससे अछूता नहीं है. अन्य एशियाई देशों में बांग्लादेश और श्रीलंका के साथ-साथ पाकिस्तान में तो लॉक डाउन की नौबत आ गई है.
पाकिस्तान में स्कूल बंद, सरकारी दफ्तर में चार दिन का काम, वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य कर दिया गया है. बांग्लादेश में मोटरसाइकिल के लिए 2 लीटर की दैनिक सीमा निर्धारित की गई है. श्रीलंका में एलपीजी की कीमतों में 8% की बढ़ोतरी की गई है. जर्मनी की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है. फ्रांस और पोलैंड जैसे देशों में पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारें लग रही है. इसी तरह से अमेरिका में भी गैस पंपों पर आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान उत्पन्न हुआ है.
हालांकि भारत सरकार ने भारत की जनता को आश्वासन दिया है कि भारत में पेट्रोलियम पदार्थों की कोई किल्लत नहीं है, परंतु धरातल पर सच्चाई कुछ और ही नजर आती है. सिलीगुड़ी से लेकर पूरे देश में एलपीजी को लेकर त्राहि त्राहि मची है. मीडिया खबरों में बताया गया है कि पंजाब और दूसरे राज्यों ने एलपीजी के संकट को दूर करने के लिए को लेकर नए-नए निर्देश जारी कर दिए हैं. मिली जानकारी के अनुसार तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की बिक्री रोक दी है. इसके चलते होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर भारी प्रभाव पड़ा है. मुंबई और जयपुर जैसे कई शहरों में कई होटल बंद हो चुके हैं.
पुडुचेरी में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह रुक गई है. इससे वहां 750 होटल बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं. पुडुचेरी होटल ओनर्स एसोसिएशन ने कहा है कि अगर स्थिति नहीं सुधरी तो कल तक पुडुचेरी के लगभग सभी होटल पूरी तरह बंद हो सकते हैं. दक्षिण भारत के कई अन्य राज्यों में भी कमोबेश यही स्थिति है. उत्तर प्रदेश के कई अन्य शहरों में भी कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई में देरी हो रही है और इसका प्रभाव होटल रेस्टोरेंट उद्योग पर पड़ रहा है.
सूत्र बता रहे हैं कि लखनऊ में हाल बेहाल है और वहां कई होटल और रेस्टोरेंट बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं. पेट्रोलियम पदार्थों को लेकर जिस तरह के हालात पूरे देश में बन गए हैं, ऐसे में सरकार को आवश्यक वस्तु अधिनियम एक्ट लागू करना पड़ा है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने मौजूदा हालात को देखते हुए तेल रिफायनरी को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है. मंत्रालय का स्पष्ट निर्देश है कि इस अतिरिक्त उत्पादन का इस्तेमाल सिर्फ घरेलू एलपीजी आपूर्ति के लिए किया जाएगा.
भारत सरकार ने एलपीजी को लेकर घरेलू उपभोक्ताओं और संस्थाओं के लिए कुछ कडे फैसले लिए हैं. जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए अब दो सिलेंडरों की बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतराल रखा जाएगा. होटल रेस्टोरेंट और फूड इंडस्ट्री की चिताओं को दूर करने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक विशेष समिति बनाई है. यह समिति समीक्षा करके अलग-अलग इंडस्ट्री को कुछ मात्रा में एलपीजी उपलब्ध कराने की कोशिश करेगी.
मिल रही जानकारी के अनुसार जयपुर में गैस की किल्लत की वजह से 50000 से ज्यादा होटल और रेस्टोरेंट बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं. सिलीगुड़ी में हालांकि गैस एजेंसियों की ओर से दावा किया जा रहा है कि यहां गैस की कोई किल्लत नहीं है. परंतु पेट्रोलियम पदार्थों के संकट को लेकर देश में बह रही हवा आज नहीं तो कल सिलीगुड़ी में भी दस्तक दे सकती है.
सिलीगुड़ी समेत पूरे उत्तर बंगाल में होटल और रेस्टोरेंट उद्योग के कारोबार पर खतरा मंडरा रहा है. होटल व्यापारी चिंतित है. अभी तक तो सब ठीक है, लेकिन कल का कोई भरोसा नहीं है. सिलीगुड़ी में होटल चलाने वाले खुदरा व्यापारी जिनकी रोजी-रोटी होटल कारोबार से ही चलती है, उनकी सबसे बड़ी चिंता कल को लेकर है. अगर कमर्शियल एलपीजी गैस की सप्लाई रूकी तो क्या होगा? इसका जवाब किसी के पास नहीं है.
