May 7, 2026
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बंगाल में सत्ता बदली तो इधर-उधर होने लगे अपराधी! बंगाल का 1600 करोड़ का हवाला किंग कानपुर से गिरफ्तार!

बंगाल में सत्ता बदल चुकी है. पूर्ववर्ती टीएमसी सरकार में राज्य में पनाह लिए अपराधी अब बंगाल छोड़कर इधर-उधर जा रहे हैं. उन्हीं अपराधियों में से एक मास्टर माइंड महफूज भी है, जिस पर 1600 करोड़ का घपला करने का आरोप है. उसे बंगाल से भाग कर उत्तर प्रदेश में जाते गिरफ्तार किया गया है.

कानपुर पुलिस को महफूज के खिलाफ कई सबूत मिल चुके थे. वह उत्तर प्रदेश पुलिस का मोस्ट वांटेड अपराधी भी था. उसके खिलाफ कानपुर में चार मुकदमे चल रहे थे. लेकिन महफूज को इसकी कोई परवाह नहीं थी. वह शान से कोलकाता में अपनी ससुराल में रह रहा था. उसे अपनी गिरफ्तारी का कोई भय नहीं था. क्योंकि कहां जा रहा है कि अनुसार उसके ऊपर टीएमसी के कुछ प्रभावशाली नेताओं और मंत्रियों का हाथ था.

उसके पूर्ववर्ती टीएमसी सरकार के संरक्षण में रहने का आरोप लगाया जा रहा है. ऐसे में कानपुर पुलिस भी कुछ करने की स्थिति में नहीं थी. लेकिन जैसे ही बंगाल में सत्ता बदली, बंगाल के अपराधियों में भी आपा धापी मच गई. पकड़े जाने के भय से अपराधी और बदमाश बंगाल से भाग रहे हैं. उन्हीं में से एक महफूज भी था, जिसके बारे में कहा जाता है कि वह 1600 करोड़ का हवाला किंग है.

महफूज बंगाल से भाग कर कानपुर आया. कानपुर पुलिस को गुप्तचर सूत्रों से जानकारी मिली तो उसकी गिरफ्तारी का जाल भी बिछा दिया गया. आखिरकार महफूज कानपुर पुलिस के जाल में फस गया और गिरफ्तार हुआ. कानपुर पुलिस महफूज से पूछताछ कर रही है. उसकी पृष्ठभूमि का पता लगाया जा रहा है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसके खेल में कौन-कौन लोग मिले हुए थे. और किनके इशारे पर यह खेल खेला जा रहा था.

महफूज की गिरफ्तारी के लिए कानपुर पुलिस पहले भी कोलकाता पुलिस से संपर्क कर चुकी थी लेकिन उसकी गिरफ्तारी अब हुई है. महफूज के परिवार में उसकी पत्नी, बेटे और साले के अलावा अन्य लोगों की जानकारी नहीं मिल सकी है. आरोप है कि उसके इस खेल में उसकी पत्नी, बेटा और रिश्तेदार भी शामिल थे. कानपुर पुलिस यह पता लगाना चाहती है कि उसके इस खेल में टीएमसी का कोई नेता या मंत्री तो प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं था.

अब आपको महफूज की पूरी स्टोरी बताते हैं, जो 1600 करोड रुपए का हवाला किंग कहा जाता है. महफूज एक ऐसा शख्स है जो काफी महत्वाकांक्षी व्यक्ति है. उसने रातों-रात करोड़पति बनने के लिए एक नायाब योजना बनाई. इसके अनुसार वह अपने आसपास के गरीब, निर्धन व्यक्तियों, रोज कमाने खाने वाले, ठेले वाले, रिक्शा चलाने वाले आदि को लोन दिलाने का झांसा दिया करता था. ऐसे लोग महफूज के झांसे में आते गए.

महफूज ने लोन लेने वाले गरीब लोगों के कागजात लेकर सर्वप्रथम बैंकों में उनके नाम से खाते खुलवाए. जिन बैंकों में वह खाता खुलवाता था वहां के कर्मचारियों से भी उसकी सेटिंग रहती थी. आरोप है कि उन्हें भी हवाला की कुछ रकम मिल जाती थी. या फिर कमीशन मिलता था. गरीब खातेदारों के खाते खुलवाने के बाद महफूज उन्हें कुछ कमीशन भी दिया करता था. इसके बदले में वह उनके खातों में करोड़ों का अवैध लेनदेन करता था. जाहिर है कि यह पैसे साइबर फ्रॉड के होते थे.

खातेदारों को इसके बारे में कुछ पता नहीं होता था. उन्हें सिर्फ कमीशन मिलता था. बाकी खेल महफूज स्वयं करता था. महफूज के बारे में कानपुर पुलिस को उस समय जानकारी मिली जब 16 फरवरी को कानपुर में हुई 24 लाख की लूट की जांच के क्रम में कानपुर पुलिस ने एक बड़े हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़ किया. तब उसमें मास्टरमाइंड महफूज का भी नाम सामने आया. कानपुर पुलिस ने पता लगाया कि महफूज कोलकाता में रहकर वहीं से यह खेल खेलता है. उसके ऊपर कुछ राजनीतिक नेताओं और मंत्रियों का भी हाथ था.

कोलकाता में महफूज का सिंडिकेट खूब फल फूल रहा था. वह बहुत ही शातिराना तरीके से काम करता था. वह शिकार को फसाने में माहिर था. आज के समय में लोन की जरूरत किसे नहीं होती है. खासकर छोटे व्यवसाईयों को हमेशा लोन की जरूरत होती है. महफूज ऐसे लोगों का ब्रेन वास करता था और उनके कागजात लेकर बैंकों से लोन पास करा देता था. फिर उनके नाम पर खाते खुलवाकर हवाला का काला कारोबार शुरू कर देता था.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कानपुर पुलिस ने अब तक हवाला कारोबार का जो रिकॉर्ड हासिल किया है, उसके अनुसार 1600 करोड रुपए का टर्नओवर महफूज के जरिए सामने आ चुका है. हालांकि 14 फरवरी के केस में कानपुर पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. पर इसका मास्टरमाइंड महफूज कोलकाता में छिपा हुआ था. पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी.

कानपुर पुलिस ने महफूज के खिलाफ कानपुर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पांच मुकदमे दर्ज किए थे और उसकी गिरफ्तारी के लिए उच्च अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा था. पुलिस बंगाल पुलिस से भी संपर्क रख रही थी. पर राजनीतिक संरक्षण के कारण महफूज की गिरफ्तारी नहीं हो रही थी. लेकिन जैसे ही बंगाल में सत्ता बदली, महफूज को भी एहसास हो गया कि उसका खेल अब खत्म होने वाला है. इसलिए उसने अपनी सुरक्षा के लिए कानपुर में पनाह ली, जहां पुलिस के बिछाए जाल में वह फस गया और अब वह सलाखों के पीछे पहुंच चुका है.

कानपुर के एसीपी अभिषेक पांडे के अनुसार पुलिस यह पता लगा रही है कि महफूज अपनी फरारी के दौरान कहां-कहां छिपा था और किन-किन लोगों से मिलता था. पुलिस इस मामले में तह तक जाना चाहती है. पुलिस यह भी पता लगाना चाहती है कि बैंक कर्मचारियों में से कितने लोग इस मामले से जुड़े हुए हैं और उसके इस खेल में बैंक कर्मचारियों की भूमिका क्या थी.

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