पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले हिंसा की बड़ी वारदात नहीं देखी गई थी और ऐसा समझा जा रहा था कि बंगाल में रक्त रंजित चुनावी इतिहास बदल गया. लेकिन चुनाव के बाद भाजपा की सरकार बनते देखकर राज्य में जिला जिला हिंसा, तोड़फोड़, लूटपाट और कत्लेआम शुरू हो गया. भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या से पता चलता है कि उपद्रवियों की मंशा बंगाल को जलाने की है.
पुलिस कार्रवाई और अब तक की इन्वेस्टीगेशन से पता चलता है कि चंद्रनाथ रथ की हत्या प्लानिंग के साथ की गई है. जिस कार से चंद्रनाथ रथ की कार को ओवर टेक कर उनका रास्ता रोका गया, उस कार पर मिला नंबर प्लेट नकली था. हथियारों की तैयारी कितनी बड़ी और पूर्व नियोजित थी, यह इस बात से पता चलता है कि उन्होंने कार का चेसिस नंबर और इंजन नंबर को भी मिटा डाला था, ताकि घटना के बाद हत्यारों का कोई सबूत पुलिस को ना मिल सके.
यह घटना बुधवार रात लगभग 10:30 बजे की है, जब डोल ताला और मध्यम ग्राम के बीच दोहरिया के पास मोटरसाइकिल पर सवार हमलावरों ने चंद्रनाथ रथ की कार को रोका और एकदम फिल्मी स्टाइल में गोलीबारी शुरू कर दी. उसके बाद वहां से फरार हो गए. गोलीबारी में कम से कम 6 से 10 राउंड गोलियां चलाई गई हो सकती है. हमलावर हेलमेट पहन रखे थे और अपनी पहचान छुपाने के लिए बिना नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया था. खुद शुभेंदु अधिकारी ने यह बात मीडिया को बतायी.
राज्य के डीजीपी ने घटनास्थल से खाली कारतूस और जिंदा गोलियां बरामद की है. पुलिस को शक है कि हमले के दौरान अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया था. इस बात की संभावना है कि हमलावरों ने Glock 47x पिस्टल का इस्तेमाल किया होगा. सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ कोलकाता से मध्यमग्राम स्थित अपने घर लौट रहे थे. इस गाड़ी को बुद्धदेव बेरा चला रहे थे, जिन्हें भी गोली लगी और उनका कोलकाता के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है.
इस बीच सोशल मीडिया से लेकर आम लोगों में यह खबर फैल रही है कि हमलावरों का निशाना सुवेंदु अधिकारी थे. भाजपा नेता राहुल सिंहा ने भी यह बात कही है कि हमलावर शुभेंदु अधिकारी को मारना चाहते थे. इस ताजा हत्याकांड के बाद बंगाल में राजनीतिक आक्रोश चरम पर है. भारतीय जनता पार्टी इसके लिए टीएमसी को जिम्मेदार बताती है. जबकि टीएमसी की ओर से कहा जा रहा है कि इसमें उनकी पार्टी का कोई हाथ नहीं है. अगर भाजपा सरकार चाहे तो सीबीआई जांच करा सकती है. राज्य में भाजपा की भारी जीत के साथ ही बंगाल में हिंसा, कत्लेआम, लूटपाट और तोड़फोड़ का सिलसिला शुरू हो चुका है.
अब तक कई लोगों की हिंसा में मौत हो चुकी है. पुलिस मौजूदा हिंसा और गुंडागर्दी को रोकने की कोशिश कर रही है. भारतीय जनता पार्टी की ओर से भी अपने कार्यकर्ताओं को शांत रहने की अपील की जा रही है. भाजपा राज्य नेतृत्व ने पहले ही ऐलान कर दिया है कि पार्टी का झंडा लेकर अगर कोई तोड़फोड़ या विध्वंसक कार्रवाई करता है तो उसे पार्टी से निकाला जा सकता है. धीरे-धीरे स्थिति पर नियंत्रण पाने की कोशिश की जा रही है. अब तक राज्य में सैकड़ो लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
इस बीच चुनाव आयोग ने चुनाव बाद भड़की हिंसा पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस को सख्त निर्देश दिया है.सुरक्षा बलों को सतर्क कर दिया गया है. चुनाव आयोग से निर्देश प्राप्त करने के बाद पुलिस एक्शन में है. जेसीबी मशीन लेकर सड़कों पर जश्न मनाने के दौरान हुई कथित तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है.
न्यू मार्केट इलाके में भीड़ अचानक बुलडोजर लेकर पहुंच गई और टीएमसी कार्यालय पर हमला कर दिया था.चुनाव नतीजे के बाद राज्य के कई भागों में छिटपुट हिंसा,तोड़फोड़ और मारपीट की घटनाएं सामने आई है.संदेश खाली में भड़की हिंसा में बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग की है. देसी बम और हथियारों को बरामद किया गया है.
जिस समय हिंसा शुरू हुई ,उस समय संदेश खाली में पुलिस और केंद्रीय बल गश्त लग रहे थे. तभी बदमाशों ने पुलिस पर अचानक हमला कर दिया. इस हमले में पांच सुरक्षाकर्मी घायल हो गए हैं. यह घटना नाजत थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत के वार्ड नंबर 41 की बताई जा रही है .पुलिस के तलाशी अभियान में कुछ देसी बम और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है.
एक दिन पहले बीजेपी और टीएमसी की एक-एक कार्यकर्ता की मौत हो चुकी है.न्यू टाउन इलाके में विजय जुलूस के दौरान टीएमसी कार्यकर्ताओं की पिटाई से बीजेपी कार्यकर्ता मधु मंडल की मौत हो गई. उधर बीरभूम के नानूर में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा टीएमसी कार्यकर्ता अभिषेक की हत्या करने का आरोप है .
कोलकाता पुलिस एक्शन में आ चुकी है. अब तक सैकडों लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. बिना इजाजत जुलूस पर रोक लगा दी गयी है. कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय कुमार नंद ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पुलिस के उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी दी है.
पुलिस कमिश्नर अजय कुमार नंदिनी ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान ना दें और शांति बनाए रखें. पुलिस हर स्थिति पर नजर रख रही है.जहां भी गड़बड़ी की कोशिश होगी, वहां तुरंत कार्रवाई की जाएगी.पुलिस कमिश्नर ने कहा है कि न्यू टाउन इलाके में जो घटना सामने आई है उस पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है. इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.
राज्य के कई भागों में दो गुटो के आपसी टकराव में भी हिंसा की घटना घट रही है. कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर माहौल खराब कर रहे हैं.पुलिस कमिश्नर ने कहा कि अलग-अलग स्थान से अब तक सैकडों लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. विजय जश्न और विजय जुलूस को लेकर पुलिस ने कुछ नियम बनाए हैं. इसके अनुसार बिना अनुमति के कोई भी जुलूस नहीं निकाला जा सकता है.
किसी भी तरह के जश्न के दौरान जेसीबी का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. कोलकाता में सीआरपीएफ की 65 कंपनियां तैनात है. 240 क्विक रिस्पांस टीम भी बनाई गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके. अब देखना होगा कि पुलिस राज्य में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति पर किस तरह और कितनी जल्दी नियंत्रण पाती है.
