क्या आप एक रोगी हैं? काफी परेशान व चिंतित हैं? नजदीकी मेडिकल स्टोर्स पर सस्ती दवाइयां नहीं मिल रही हैं? क्या आपको सस्ती दवाइयों की तलाश है? तो अब चिंता करने की जरूरत नहीं है. महंगी से महंगी दवाई भी मात्र ₹20 से ₹25 में उपलब्ध हो जाएगी. जो टैबलेट का पैकेट ₹200 से ₹250 मिलता है, वह अब मात्र ₹40 से ₹50 में मिल जाएगा यानी 40 से ₹50 में पूरे 10 टैबलेट उपलब्ध होंगे. वर्तमान में इसके लिए आपको ₹200 से 250 रुपए ढीले करने पड़ते हैं.
आज की वर्तमान जीवन शैली में दवाइयां लोगों के जीवन की जरूरत बन गई हैं. ऐसे बहुत कम लोग होंगे, जो बिना दवाई के रहते होंगे. घर घर में अलमारी के ऊपर, ताख पर, टेबल पर कुछ नजर आए या ना आए, लेकिन उनमें अंग्रेजी दवाइयां जरूर नजर आएंगी. इन दवाइयों में बीपी, डायबिटीज आदि दवाइयां आप जरूर देख सकते हैं. सिलीगुड़ी में बहुत से लोगों का जीवन तो दवाइयों पर ही निर्भर रह गया है.
लेकिन दूसरी ओर जीवनोपयोगी दवाइयों का दाम लगातार बढ़ता जा रहा है. यहां तक कि सर्दी, खांसी,बुखार जैसे साधारण रोगों के टैबलेट भी काफी महंगे हो गए हैं. एंटीबायोटिक से लेकर पेन किलर तक महंगे हो गए हैं. अगर आप किसी मेडिकल स्टोर पर चले जाएं तो साधारण सर्दी खांसी बुखार की दवाई का डोज कम से कम ₹500-1000 में आता है. कभी एक या दो ₹ में मिलने वाला पेन किलर आज ₹20 से ₹25 प्रति टैबलेट बिक रहा है.
दवाइयों की महंगाई ने मरीज को और बीमार बना दिया है. सिलीगुड़ी में हालांकि सभी मेडिकल स्टोर्स पर बेची जाने वाली दवाइयों पर 20% से लेकर 30% तक की छूट ग्राहकों को दी जा रही है. केवल जन औषधि केंद्र और दवा इंडिया जैसी फार्मेसियां ग्राहकों को दवाई की खरीद पर 50% तक की छूट दे रही हैं. इसके अलावा प्रधानमंत्री जन आरोग्य केंद्र भी दवाइयों की खरीद पर 50% से अधिक की छूट देता है. पर उसका लाभ सिलीगुड़ी के सभी उपभोक्ताओं को नहीं मिल पाता है.
सिलीगुड़ी में एकमात्र जलपाई मोड पर जन औषधि केंद्र है, जहां दवाइयों की खरीद पर 50% तक की छूट मिलती है. जलपाई मोड़ के अलावा सिलीगुड़ी में यह जन औषधि केंद्र शायद और कहीं नहीं है. यही कारण है कि यहां से दवाई लेने के लिए दूर-दूर से मरीज पहुंचते हैं. इसके अलावा डाबग्राम में फुलेश्वरी के पास दवा इंडिया फार्मेसी है, जहां दवाई की खरीद पर 50% तक की छूट मिलती है. नजदीक में जन औषधि केंद्र नहीं होने के कारण उपभोक्ताओं को नजदीकी मेडिकल स्टोर से महंगी दवाइयां लेनी पड़ती है.
लेकिन अब आपको महंगी दवाइयां लेने की जरूरत नहीं है. पश्चिम बंगाल सरकार ने रोगियों और उनके परिजनों को आर्थिक परेशानी से बचाने के लिए पूरे राज्य में अमृत फार्मेसी अभियान चलाने का फैसला किया है. इसकी शुरुआत कर दी गई है. सभी सरकारी अस्पतालों में दवाइयां और चिकित्सा सामग्री 50 से 80% की भारी छूट पर उपभोक्ताओं को उपलब्ध हो जाएंगी. वर्तमान सरकार की यह योजना 100 अस्पतालों में लागू की जा रही है. इससे लाखों लोगों को लाभ मिलेगा.
पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना शुरू हो चुकी है. हालांकि इसका लाभ केवल 70 साल या उससे ऊपर के व्यक्तियों को ही मिलेगा. इसके साथ ही मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना भी शुरू कर दी है, जो आयुष्मान भारत योजना के समकक्ष है. सरकार ने अस्पतालों के साथ-साथ रोगियों को राहत देने के लिए दवाइयां भी सस्ती दर पर उपलब्ध कराने का फैसला किया है. इसके लिए अमृत फार्मेसी शुरू की गई है.
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने बताया है कि अमृत फार्मेसी के तहत लोगों को दवाई खरीदने पर प्रत्येक दवाई की कीमत से 50 से 80% की छूट पर दवाई उपलब्ध हो जाएगी. केवल सर्दी खांसी या बुखार की साधारण दवाइयां ही नहीं, बल्कि कैंसर जैसी बीमारी की दवाइयां भी लगभग 80% की छूट पर मरीज को प्राप्त होंगी. फिलहाल अमृत फार्मेसी राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में शुरू की जा रही है. इस संबंध में राज्य सरकार ने एक कंपनी के साथ समझौते के ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर दिए हैं.
अमृत फार्मेसी में साधारण और विशेष रोगों की सभी दवाइयां उपलब्ध रहेंगी.अगर किसी व्यक्ति को स्टैंट की जरूरत होगी तो अमृत फार्मेसी में वह भी उपलब्ध रहेगी. स्टैंट की कीमत के 80% की छूट पर रोगी को स्टैंट प्रदान की जाएगी. इसी तरह से अगर कोई व्यक्ति आंखों का चश्मा बनवाना चाहता है तो यहां लेंस भी सस्ते दाम पर उपलब्ध रहेंगे. सरकार ने योजना के पहले चरण में लगभग 100 फार्मेसी को खोलने का फैसला किया है. प्रारंभिक चरण की सफलता के बाद इसका विस्तार किया जाएगा.
यहां यह भी बता दूं कि अमृत फार्मेसी की विशेष छूट का फायदा उठाने के लिए मरीज या मरीज के रिश्तेदार को डॉक्टर का प्रिसक्रिप्शन और कुछ मामलों में पहचान पत्र लाना जरूरी होगा. सिलीगुड़ी के रोगियों को राज्य सरकार की इस विशेष योजना का बेसब्री से इंतजार है.
