सिलीगुड़ी तो अभी ठीक-ठाक है. लेकिन इस हफ्ते सिलीगुड़ी से लेकर पहाड़ और देश के सभी राज्यों में मौसम एक नई करवट लेने जा रहा है. बारिश सब जगह होगी. लेकिन बंगाल, उड़ीसा, बिहार और झारखंड में यह तबाही का मंजर ला सकती है. पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन देखा जा सकता है. ऐसे में वैज्ञानिकों की सलाह है कि अगर जरूरी ना हो तो कम से कम 22 अगस्त तक पहाड या दूर दराज के क्षेत्रों में यात्रा करने से बचें.
बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव दिनों दिन उग्र होता जा रहा है. बंगाल को सबसे ज्यादा खतरा है.यह पता नहीं बंगाल का कितना नुकसान करेगा! और तो और, यह बंगाल में तो कहर मचाएगा ही, पूरे देश में भी इसका असर पड़ने जा रहा है. बंगाल, बिहार और उड़ीसा में बारिश और तूफान तांडव मचाएंगे. जबकि दिल्ली भी बारिश में झूमने वाली है.
बंगाल की खाड़ी में लगातार नए सिस्टम विकसित हो रहे हैं. जिसके कारण वर्षा का प्रबल वेग अपने रास्ते के सभी बांधों को तोड़ने वाला है! पहली बार ऐसा हो रहा है, जब निम्न दबाव का क्षेत्र बंगाल से लेकर पूर्व उत्तर राज्यों, उड़ीसा, बिहार ,झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में मुसीबत बन सकता है. खतरे की संभावना को महसूस करते हुए भारतीय मौसम विभाग ने सभी तरह के बचाव और सुरक्षा की तैयारी शुरू कर दी है.
मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे समंदर में नहीं उतरे. इसके अलावा तटवर्ती इलाके के लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर चले जाने का निर्देश दिया गया है. जिन क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश हो सकती है वहां स्थिति खराब भी हो सकती है. क्योंकि वहां तूफान, तेज हवा, आंधी देखने को मिल सकता है. कम से कम 7 दिनों तक यह स्थिति बनी रह सकती है.
बंगाल, उड़ीसा और झारखंड यह तीन राज्य ऐसे हैं जहां बारिश भारी से भारी हो सकती है. इसके अलावा तूफान भी मंडरा रहा है. आज उड़ीसा और पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों में कुछ स्थानों पर बारिश अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़ सकती है. बारिश का यह दौर अगले 1 हफ्ते तक पूरे देश में देखने को मिल सकता है. इनमें जम्मू कश्मीर भी शामिल है. जहां 17 अगस्त से 19 अगस्त के बीच अत्यंत भारी बारिश आ सकती है.
पहाड़ी राज्यों में भी मूसलाधार बारिश की भविष्यवाणी की गई है. इनमें हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड आदि राज्य शामिल है. हिमाचल प्रदेश में आज और कल जबकि उत्तराखंड में 18 से लेकर 22 तक भारी बारिश हो सकती है. बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र उत्तर प्रदेश होते हुए दिल्ली तक बढ़ेगा. जैसे-जैसे इसकी गति में वृद्धि होगी, यह उत्तर प्रदेश और दिल्ली तक को भी अपने वेग में समा देने पर मजबूर कर देगा.
कई क्षेत्रों में गरज, चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना व्यक्त की गई है.पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की गति बढ़ सकती है. अगर आप सिक्किम जाना चाहते हैं तो कम से कम 22 अगस्त तक इंतजार कर लें .क्योंकि मौसम विभाग ने बताया है कि 22 अगस्त तक सिक्किम में व्यापक क्षेत्र में व्यापक बारिश हो सकती है. यह बारिश पहाड़, समतल, मैदानी इलाके सब जगह होने वाली है और कम से कम 22 से 23 अगस्त तक इसका प्रभाव देखा जा सकता है.
असम,अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मेघालय आदि कई राज्यों में इस हफ्ते भारी बारिश होगी. असम में तो पहले ही बाढ आई हुई है.अब वहां और बुरा हाल होने वाला है.बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ने वाली है. मौसम विभाग ने कहां है कि लोग नदी के नजदीक न जाए. इसके अलावा पेडों या जर्जर मकानों के नजदीक आश्रय न ले.
यह बारिश पश्चिमी भारत में भी अपना असर दिखा सकती है. कोंकण और गोवा में 22 अगस्त तक जबकि गुजरात में आज से लेकर 22 23 अगस्त तक बारिश का असर रहेगा. आज कोकण ,गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भारी बारिश हो सकती है. केरल और लक्षद्वीप में 20 अगस्त तक भारी बारिश देखी जा सकेगी. इसी तरह से तमिलनाडु, पुडुचेरी, कलाई कलाम, आंध्र प्रदेश आदि राज्यों में भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है.
मौसम विभाग के बुलेटिन में पता चला है कि कुछ दक्षिणी राज्यों में चलने वाली हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे हो सकती है.वहां हवा एक झोके की तरह जीवन को प्रभावित कर सकती है. मौसम विभाग ने कहा है कि अरब सागर में गुजरात समुद्री तट पर 18 अगस्त तक बहुत ही खराब स्थितियां रह सकती हैं. इसलिए मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, बांग्लादेश, उत्तर आंध्र प्रदेश, अंडमान, सागर आदि में मछुआरों को 18 अगस्त तक पानी में नहीं उतरने की सलाह दी गई है. प्रशासनिक स्तर पर भी जन जीवन को सतर्क कर दिया गया है.

