September 27, 2026
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सिलीगुड़ी में गंदगी फैलाने वालों पर नहीं हो रही कार्रवाई!

No action is being taken against those spreading filth in Siliguri!

जिस तरह से पश्चिम बंगाल सरकार की मंत्री अग्निमित्र पॉल ने साफ सफाई को लेकर कानून निर्माण से लेकर कानून का पालन पर जोर दिया था, उसका कम से कम सिलीगुड़ी पर कोई असर पड़ता नजर नहीं आ रहा है. सितंबर में ही सिलीगुड़ी में सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का कानून कागजों में लागू हो गया था, लेकिन उसका पालन हो रहा है, इस संदर्भ में कोई तथ्य सामने नहीं आया है.

ना तो सिलीगुड़ी नगर निगम के प्रशासक की तरफ से और ना ही राज्य सरकार की ओर से इस संदर्भ में कोई स्पष्टता दिख रही है. सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वाले लोगों पर नजर रखने के लिए प्रहरी टीम भी कहीं नजर नहीं आ रही है. ऐसे में यह कैसे कहा जा सकता है कि पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने के जुर्म में कितने लोगों को दंडित किया है और उनसे जुर्माना वसूल किया है ? जब स्पष्टता ही नहीं तो जुर्माना कैसा?

आपको याद होगा कि मंत्री अग्निमित्र पाॅल ने स्वच्छता को लेकर कहा था कि सार्वजनिक स्थानों पर पान या गुटखा खाकर थूकने या किसी तरह से गंदगी फैलाने पर व्यक्ति से ₹200 का जुर्माना वसूला जाएगा. एक सितंबर से ही कागजों पर नियम लागू हो चुका है. परंतु जुर्माना वसूलने वाले अथवा दोषी लोगों को ‘ताड़ने’ वाले ही गायब हैं.

राज्य सरकार के नियमों की जानकारी देने और लोगों को जागरूक करने के लिए सिलीगुड़ी नगर निगम की तरफ से प्रत्येक बोरो में पांच लोगों की टीम गठित की गई थी. इन्हीं टीमों को प्रहरी कहा गया. टीम के लोगों को दायित्व दिया गया था कि वे घूम-घूम कर यह पता लगाएं कि लोग साफ सफाई और स्वच्छता के नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं.अब जब टीम के लोगों की सक्रियता गायब हो चुकी है तो ऐसे में यह नियम कैसे प्रभावी होता.

आपको याद होगा कि कुछ समय पहले सिलीगुड़ी नगर निगम के प्रशासक ने सड़क पर उतर कर साफ सफाई का मुआयना जरुर किया था. लेकिन उसके बाद से इस संदर्भ में उनका कोई ताजा बयान सामने नहीं आया है. जब तक प्रशासन की सख्ती नहीं होगी, तब तक ऐसे नियम सिर्फ कागजों पर ही चलते रहेेंगे. जमीन पर उसका कोई असर नहीं होगा.

लोगों को तो यह भी पता नहीं है कि सिलीगुडी में इस तरह के कोई नियम भी बने हैं. यही कारण है कि आज भी आप सड़कों- नालों के किनारे गंदगी का अंबार देख सकते हैं. चाहे वह बर्दवान रोड हो या फिर झंकार मोड या फिर S.F रोड या फिर सिलीगुड़ी का कोई चौराहा, वहां लोग खुलेआम सड़क पर थूकते नजर आएंगे. छिपकर लघु शंका करते नजर आएंगे. यानी कानून तो बना, लागू करने की घोषणा भी हो गई, परंतु गंदगी फैलाने वाले इन सबसे अभी तक बेखबर हैं.

सबसे ज्यादा दुखद तो यह है कि लोग एक दूसरे को गंदगी फैलाते देखते रहते हैं, लेकिन कोई किसी को कुछ कहता नहीं. बाजार में तो और भी बुरा हाल है. सड़क, कोने पर खुलेआम पान अथवा गुटखा की पीक देख सकते हैं. अगर किसी का घर सड़क पर स्थित है तो घर का कूड़ा सीधे सड़क पर आता है. जब तक प्रशासन के द्वारा गंदगी के खिलाफ लोगों को जागरूक नहीं किया जाता और कानून का पालन करने के लिए सख्ती नहीं दिखाई जाती, तब तक सिलीगुड़ी की स्वच्छता और सौंदर्यीकरण की उम्मीद नहीं की जा सकती है!

ऐसे में प्रशासन को एक प्रभावी और दूरदर्शी तरीका अपनाने की जरूरत है. पहले लोगों को समझाया जाए, फिर उन्हें चेतावनी दी जाए और उसके बाद जुर्माना वसूल करने की रणनीति पर काम किया जाता है तो निश्चित रूप से हमारा शहर स्वच्छ और सुंदर बनेगा!

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