गृहस्थ जीवन में पति-पत्नी में लड़ाई-झगड़े होते रहते हैं. कभी पति की ओर से तो कभी पत्नी की ओर से ऐसी कही-अनकही बातें हो जाती हैं, जो उनके बीच विवाद और कभी-कभी मारपीट का कारण बन जाती है. किसी शायर ने कहा था कि अगर पति-पत्नी में लड़ाई झगड़ा होने लगे तो समझ लो कि उनके बीच प्यार बढ़ रहा है. क्योंकि लड़ाई झगड़े के बाद पति-पत्नी के बीच होने वाली सुलह उनके प्यार को प्रगाढ़ बनाती है.
लेकिन तब जमाना कुछ और था. तब पति पत्नी समझदार होते थे. वर्तमान समय में ना तो पति में धैर्य होता है और ना पत्नी में सहनशीलता. छोटी सी बात बड़ी बन जाती है और कभी-कभी इसके फल स्वरुप दोनों को भयानक अंजाम भुगतना पड़ता है. पति-पत्नी में तलाक, कोर्ट कचहरी, हिंसा और यहां तक कि कत्ल की घटना भी आम बात बन गई है. सिलीगुड़ी में पहले भी यह देखा गया था. आज एक बार फिर से सिलीगुड़ी की इस घटना ने मौजूदा समय में पति-पत्नी के बीच टूटते-बिखरते संबंधों की पोल खोल कर रख देती है.
ऐसी ही एक घटना सिलीगुड़ी के नजदीक भोरर आलो थाना अंतर्गत आमबाड़ी के भोटपाड़ा इलाके में घटित हुई है. इस घटना ने एक तरफ कई सवाल खड़े किए हैं तो दूसरी तरफ बिखरते दांपत्य संबंधों के अनकहे दर्द को बयां करती है. वाकई पति-पत्नी में धैर्य की कमी,अहम का टकराव और हिंसा की बढती प्रवृत्ति शादी विवाह के पवित्र बंधन पर भारी पड़ रही है. इस घटना की पृष्ठभूमि में पुलिस, चश्मदीद, परिवारीजन के बयान और प्रारंभिक जांच में अब तक जो भी जानकारी सामने आई है, वह काफी हैरान कर देने वाली है.
लगभग 6 महीने पहले ही सोनाली और भवतोष की शादी हुई थी. जैसा कि देखा जाता है कि आरंभ के दिनों में पति-पत्नी में काफी प्यार रहता है. दोनों एक दूसरे पर जान छिड़कते थे. लेकिन जब घर गृहस्थी की जमीनी हकीकत से सामना हुआ तो उनका प्यार का बुखार भी कम होता चला गया. शादी के लगभग दो-तीन महीने के बाद उनके बीच विवाद शुरू हुआ जो धीरे-धीरे बढ़ता चला गया
एक दिन सोनाली और भवतोष के बीच वाद विवाद कुछ ऐसा बढा कि भवतोष ने सोनाली पर हाथ उठा दिया. सोनाली ने इसे अपने अहम का विषय बना लिया. भवतोष के काफी रोकने और मिन्नत करने के बावजूद सोनाली अपने मायके चली गई. सोनाली के मायके चले जाने के बाद भवतोष काफी परेशान था. उसकी समझ में नहीं आ रहा था कि वह सोनाली को घर कैसे वापस लाए. वह अपनी ससुराल पहुंच गया. वह चाहता था कि वह सोनाली को मना कर घर वापस लाए. इसके लिए वह कुछ भी करने को तैयार था.
सोमवार की रात यानी 17 अगस्त की रात भवतोष अपनी ससुराल पहुंचा. रात हो गई थी. खाना खाने के बाद भवतोष और सोनाली छत पर सोने चले गए. वहां दोनों में एक बार फिर से विवाद शुरू हो गया. नीचे कमरे में सो रहे सोनाली के घर वालों ने भी उनके बीच लड़ाई झगड़े की बात सुनी. लेकिन पति-पत्नी का मामला समझकर कोई भी बीच में उन्हें समझाने नहीं आया. काफी देर रात तक दोनों पति-पत्नी लड़ते झगड़ते रहे और फिर अचानक ही वहां सन्नाटा पसर गया.
तब तक सुबह हो चुकी थी. पड़ोस और घर के लोग मकान की छत पर गए तो उन्होंने वहां जो कुछ देखा, उसे देखकर उनकी चीख निकल गई. सोनाली का खून से लथपथ शव छत पर पड़ा था. उसके नजदीक ही धारदार हथियार रखा हुआ था. सोनाली के शव के कुछ ही दूरी पर भवतोष अचेत अवस्था में पड़ा हुआ मिला. यह सब देखकर वहां उपस्थित लोग दहल उठे. उन्होंने तुरंत ही नजदीकी थाना भोरेर आलो को सूचना दी. कुछ देर के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई.
पुलिस ने सोनाली के शव को पोस्टमार्टम के लिए उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया. जबकि उसके पति को गंभीर अवस्था में उत्तर बंगाल कॉलेज अस्पताल में भर्ती करवा दिया. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.भवतोष अभी बयान देने की स्थिति में नहीं है. उसका इलाज चल रहा है. वह जिंदगी और मौत से जूझ रहा है. पुलिस उसके होश में आने का इंतजार कर रही है. इसके साथ ही मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार है. इसके बाद ही घटना की पृष्ठभूमि से पर्दा उठ सकता है.
बहरहाल इस घटना ने लोगों को अवाक कर दिया है. जो भी सुनता है, वही सहम जाता है. 6 महीने पहले शादी हुई थी. दोनों के बीच काफी प्यार था.अचानक ऐसा क्या हो गया कि दोनों एक दूसरे के खून के प्यासे बन बैठे. गांव वाले भी समझ नहीं पा रहे हैं. पुलिस यह पता लगा रही है कि आखिर वह कौन सी घटना घटी थी, जिसके बाद भवतोष को अपनी पत्नी का खून करना पड़ गया. पुलिस के प्रारंभिक अनुमान में अब तक पता चला है कि भवतोष ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी और उसके बाद खुद जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया है.
