May 6, 2026
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भाजपा का Side Effect ! सिलीगुड़ी नगर निगम में पसरा सन्नाटा! गौतम देव मेयर पद से इस्तीफा देंगे?

BJP's side effect! Silence prevails in Siliguri Municipal Corporation! Gautam Dev will resign as mayor.

भाजपा राज्य में सरकार बनाने जा रही है. लेकिन सिलीगुड़ी नगर निगम में टीएमसी का शासन है. पर भाजपा की जीत ने सिलीगुड़ी नगर निगम को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है. अब निगम दफ्तर में कोई हलचल नहीं देखी जा रही है. सन्नाटा रहता है. टीएमसी के पार्षद, मेयर इन काउंसिल सदस्य, डिप्टी मेयर, मेयर या तो नदारद हैं या फिर खामोश. टीएमसी पार्षदों के कक्ष में भी हलचल नहीं दिख रही है. यह भाजपा की जीत का साइड इफेक्ट ही कहा जा सकता है . सूत्र बता रहे हैं कि टीएमसी के पार्षद इधर से उधर होने की तैयारी कर रहे हैं और मेयर गौतम देव नियर पद से इस्तीफा लगाने जा रहे हैं.

कहते हैं कि वक्त से बड़ा कोई बलवान नहीं होता है. किसी समय टीएमसी में गौतम देव एक कद्दावर नेता के रूप में जाने जाते थे. ममता बनर्जी के सबसे करीबी और विश्वासपात्र नेताओं में गौतम देव की चर्चा होती है. वह 2011 में विधायक बने. उन्हें राज्य मंत्रिमंडल में ममता बनर्जी ने पर्यटन मंत्री बनाया. वह नगर विकास मंत्री भी बने. उन्होंने पार्टी के कई महत्वपूर्ण फैसलों में ममता बनर्जी का साथ दिया. लेकिन 2021 में डाबग्राम फुलबारी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले गौतम देव को भाजपा की शिखा चटर्जी से मात मिली तो उन्होंने डावग्राम को छोड़कर सिलीगुड़ी को ही अपनी कर्मभूमि बना ली.

ममता बनर्जी ने उन्हें सिलीगुड़ी नगर निगम का दायित्व सौंप दिया. गौतम देव ने काउंसिलर का चुनाव लड़ा. टीएमसी सत्ता में आई और गौतम देव मेयर बन गए. एक मेयर के रूप में भी गौतम देव ने सिलीगुड़ी के विकास के लिए हर संभव कदम उठाए. कल तक गौतम देव की सिलीगुड़ी में तूती बोल रही थी. आज जैसे वह अलग-थलग पड़ गए हैं. टीएमसी की करारी शिकस्त के बाद टीएमसी के कई नेता पार्टी छोड़ रहे हैं. इसकी शुरुआत पापिया घोष से हो चुकी है.

अब चर्चा तो यह भी है कि सिलीगुड़ी नगर निगम और टीएमसी के कई पार्षद पार्टी छोड़ने के संकेत दे चुके हैं. क्योंकि हवा का रुख बदल चुका है. टीएमसी टूट सकती है. लगभग 69 साल के हो चुके गौतम देव बहुत जल्द अपने व्यक्तिगत जीवन को लेकर भी कोई महत्वपूर्ण घोषणा कर सकते हैं. जैसे सक्रिय राजनीति में रहेंगे या नहीं, राजनीतिक गलियारो में यह भी चर्चा शुरू हो गई है. लोगों की उत्सुकता है कि उनका अगला कदम क्या होगा.

सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर और सिलीगुड़ी विधानसभा क्षेत्र से टीएमसी के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले गौतम देव चुनाव में मुंह की खाने के बाद सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर पद से इस्तीफा दे सकते हैं. उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देने की पूरी तैयारी कर ली है. उन्होंने अपने फैसले से राज्य नेतृत्व को भी सूचित कर दिया है.

सिलीगुड़ी विधानसभा चुनाव में गौतम देव की इस तरह करारी हार होगी, यह उन्होंने कभी नहीं सोचा था. उन्हें अपनी हार का सदमा भी लगा है. यही कारण है कि उन्होंने मीडिया से भी दूरी बना ली है और बहुत कम लोगों से मिलजुल रहे हैं. गौतम देव ने सिलीगुड़ी नगर निगम दफ्तर जाना भी छोड़ दिया है. उनका कहना है कि निगम दफ्तर जाने से विपक्षी पार्टी कहीं यह आरोप ना लगा दे कि उन्होंने फाइलों से छेड़छाड़ की है. इसलिए वह घर से ही निगम का काम देख रहे हैं.

सूत्र बताते हैं कि चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद गौतम देव ने अपने लोगों और सलाहकारों से चर्चा की. उसके बाद उन्होंने सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर पद से इस्तीफा देने का विचार किया और इस संबंध में राज्य नेतृत्व को सूचित कर दिया है. कयास लगाया जा रहा है कि गौतम देव किसी भी समय मेयर पद से इस्तीफा दे सकते हैं.

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