मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के लोगों को लगभग हर दिन कोई ना कोई तोहफा देना शुरू कर दिया है. मुख्यमंत्री ने एक तरफ राज्य के युवाओं को पुलिस बनने का अवसर दिया तो दूसरी तरफ राज्य की महिलाओं को अभय दान भी दिया है.मुख्यमंत्री सुबेंदु अधिकारी ने बंगाल पुलिस को महिला अपराध के खिलाफ कोई भी कार्रवाई करने की पूरी छूट दे डाली है. उनकी घोषणा के बाद महिलाओं में सुरक्षा के प्रति एक वातावरण का निर्माण हुआ है.
बंगाल में कानून व्यवस्था तथा न्याय प्रक्रिया को नियमित रूप से बहाल करने के लिए और भी कई बड़े कदम उठाए गए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य की सभी संवैधानिक और वैधानिक संस्थाएं 1 अगस्त से पूरी तरह सक्रिय होकर काम करेगी. उनका आरोप था कि इससे पहले की सरकार ने वैधानिक इकाइयों को लागू ही होने नहीं दिया या फिर निष्क्रिय करके रख दिया, जिसके कारण कानून व्यवस्था में गिरावट आई.
यह वे संस्थाएं हैं जिन्हें उनके अधिकार से वंचित रखा गया. जैसे राज्य मानवाधिकार आयोग ,राज्य महिला आयोग, शिशु संरक्षण आयोग, अनुसूचित जाति जन आयोग, अनुसूचित जनजाति आयोग, पिछड़ा वर्ग आयोग, अल्पसंख्यक आयोग, सूचना आयोग इत्यादि में विभिन्न संगठनों के द्वारा कोई उल्लेखनीय योगदान नहीं किया गया. लेकिन अब एक अगस्त से इन संस्थाओं के द्वारा काम करने शुरू कर दिए जाएंगे. संबंधित संस्थाएं अपने अधिकार क्षेत्र के मामलों में आवश्यक कार्रवाई करनी शुरू कर देगी.
उधर राज्य के युवाओं को नौकरी देने के मामले में सुवेंदु अधिकारी की सरकार ने कदम बढ़ाया है .पश्चिम बंगाल की पूर्ववर्ती ममता बनर्जी की सरकार में सरकारी सेवा में नौकरी करने के लिए उम्मीदवारों को क्या-क्या करने पड़ते थे, यह किसी से छिपा नहीं है. भुक्तभोगी और जानकार बताते हैं कि वैकेंसी कब निकलती थी, यह पता ही नहीं चलता था और पता भी चलता था तो नौकरी मिलने की कोई गारंटी नहीं थी. नौकरी उन्हीं लोगों को मिलती थी, जो नौकरी की कीमत चुकाते थे. ऐसा लोगों का कहना है.
लेकिन अब राज्य में सरकार बदल चुकी है. भाजपा की सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की घोषणा से सुबह सवेरे सिलीगुड़ी की सड़कों पर दौड़ते- भागते, कसरत करते युवाओं के चेहरे पर उम्मीद की चमक जरूर देखी जा रही है. सुवेंदु सरकार राज्य में 26000 पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती करने वाली है. जल्द ही वैकेंसी निकाली जाएगी . इनमें से 16000 वैकेंसी दुर्गा पूजा से पहले पूरी की जाएगी. अगर आप पुलिस विभाग में नौकरी करना चाहते हैं तो आपके लिए यह बड़ा अवसर है.
इसके लिए आपके पास सिर्फ योग्यता होनी चाहिए. किसी तरह की कोई रिश्वत या approach काम नहीं करेंगे. यह नौकरी आपकी योग्यता और आपकी तैयारी के बल पर मिलेगी. मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद राज्य और खासकर सिलीगुड़ी के युवाओं में उत्साह देखा जा रहा है. उन्होंने पुलिस सेवा में जाने के लिए इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है.
अब देखना होगा कि राज्य सरकार की ओर से पुलिस में भर्ती होने की विज्ञप्ति कब निकाली जाती है. यह भी देखना होगा कि जिन लोगों को पुलिस सेवा में नौकरी मिलती है, क्या उन्हें उनकी योग्यता और तैयारी के बल पर मिलती है या फिर हाथी के दांत खाने के और दिखाने के और की तर्ज पर नौकरी की कीमत अदा करनी पड़ती है? इस तरह के कई सवाल हैं, उनके उत्तर भविष्य के गर्भ में छिपे हैं.
