September 25, 2026
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प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्त के नाम पर कथित कट मनी! वार्ड 42 में हंगामा, पूर्व काउंसिलर के करीबी पर गंभीर आरोप !

https://khabarsamay.com/alleged-cut-money-in-the-name-of-installments-under-the-prime-ministers-housing-scheme-uproar-in-ward-42-serious-allegations-against-a-close-associate-of-a-former-councilor/

सिलीगुड़ी नगर निगम के वार्ड नंबर 42 से आवास योजना की किस्त के नाम पर कथित तौर पर कट मनी और कमीशन मांगने का मामला सामने आने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है। वार्ड निवासी अमल सरकार ने इस संबंध में भक्तिनगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत मिलने के बाद भक्तिनगर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता अमल सरकार का आरोप है कि रवि घोष नामक व्यक्ति, जो तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस के काउंसिलर के करीबी बताए जाते हैं, ने आवास योजना की किस्त दिलाने के नाम पर उनसे पैसे की मांग की। शिकायतकर्ता के मुताबिक, यह पूरा मामला तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल के दौरान हुआ था।
अमल सरकार का दावा है कि जिस स्थान पर रवि घोष का घर था, वहीं तत्कालीन काउंसिलर का कार्यालय भी संचालित होता था। आरोप है कि रवि घोष उसी काउंसिलर कार्यालय में बैठता था और कथित तौर पर पूर्व काउंसिलर के प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए लोगों से बातचीत करता था।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर के लिए पहली किस्त के रूप में करीब 45 हजार रुपये मिले थे। इसके बाद कथित तौर पर उन्हें फोन कर बताया गया कि वे काउंसिलर कार्यालय से बोल रहे हैं और उन्हें रवि घोष से मिलने के लिए कहा गया।
अमल सरकार का आरोप है कि रवि घोष से मुलाकात के बाद वह उनके घर आया और कथित तौर पर कहा कि अगर आवास योजना की अगली किस्त समय पर और जल्दी चाहिए तो प्रत्येक किस्त पर 4 हजार रुपये देने होंगे। आर्थिक स्थिति खराब होने की बात कहने के बावजूद शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने किसी तरह उस समय 3 हजार रुपये दिए।
आरोप है कि इसके बाद रवि घोष ने कथित तौर पर कहा कि आगे मिलने वाली प्रत्येक किस्त के लिए भी 4 हजार रुपये देने होंगे। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्हें यह भी कहा गया कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो किस्त समय पर नहीं मिलेगी और घर का निर्माण भी उन्हीं लोगों के माध्यम से करवाना होगा।
अमल सरकार का कहना है कि उन्होंने किसी तरह पहली किस्त के 45 हजार रुपये से घर का निर्माण शुरू किया। लेकिन जब दूसरी किस्त के लिए बिल तैयार कराने की बात आई तो कथित तौर पर रवि घोष ने सहयोग नहीं किया और उन्हें निगम में अपना बिल जमा करने के लिए कह दिया गया।
शिकायतकर्ता ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर कथित तौर पर जुड़े सभी लोगों की भूमिका सामने लाने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर उनके साथ आवास योजना की किस्त के नाम पर पैसे की मांग की गई है, तो वार्ड के अन्य लाभार्थियों से भी इसी तरह पैसे लिए गए हैं या नहीं, इसकी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने सरकार और प्रशासन से अपनी लंबित आवास योजना की किस्त दिलाने की भी अपील की है। उनका कहना है कि किस्त नहीं मिलने के कारण उनका मकान अभी भी अधूरा पड़ा हुआ है।
इधर, भक्तिनगर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी हैl

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