सिलीगुड़ी में अलग-अलग क्षेत्रों में दो बड़ी घटनाएं घटी हैं. दो भोली भाली मासूम नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म, एक लड़की को अगवा करने, बहलाने फुसलाने से लेकर उसके साथ यौन संबंध बनाने, एक अन्य लड़की के साथ न केवल दुष्कर्म किया गया, बल्कि उसे 5 महीने का गर्भवती भी बना दिया गया. इस तरह की घटनाओं ने सिलीगुड़ी के सभ्य समाज को अचंभित कर दिया है. इसके साथ ही लड़कियों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं.
हमारा समाज किस दिशा में जा रहा है, समाज में महिलाओं को पुरुष किस नजरिए से देखता है, इन घटनाओं ने पोल खोल कर रख दी है. अब तो आलम यह हो गया है कि आए दिन इस तरह की घटनाएं हो रही है. समाज के इन हैवानों को ना तो कानून का कोई डर है और ना ही सामाजिक प्रतिष्ठा का. जब मामला पुलिस थानों में जाता है तो पुलिस कार्रवाई करती है.लेकिन हमारा कानून और सिस्टम कुछ ऐसा है कि अपराधी कुछ समय तक जेल में रहने के बाद आसानी से जमानत पर छूट जाते हैं.
सिलिगुड़ी महिला पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई शिकायत और प्रारंभिक छानबीन के बाद जो घटना प्रकाश में आई है, वह कुछ इस प्रकार से है. पीड़िता की पहचान छुपाने के लिए यहां स्थान और नाम का उल्लेख नहीं किया जा रहा है. बहरहाल पीड़िता जहां रहती थी, उसके घर के सामने एक फैक्ट्री थी. इसी फैक्ट्री में एक उम्रदराज व्यक्ति, जिसका नाम मुन्ना पासवान था, काम करता था. इस फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर और श्रमिक अपने छोटे-छोटे सामान के लिए सामने ही दुकान पर आते थे. दुकान पर अक्सर एक लड़की बैठी मिलती थी.
फैक्ट्री के श्रमिकों में मुन्ना पासवान अक्सर ही लड़की की दुकान में आकर उसे निकट से देखने के बहाने कुछ-कुछ सामान खरीदता रहता था. लड़की के माता-पिता काम धंधे के सिलसिले में सुबह ही चले जाते थे. लड़की घर में अकेली रह जाती थी. इसका उस व्यक्ति ने फायदा उठाया. पिछले कुछ समय से दुकान पर मुन्ना पासवान का आना जाना बढ़ गया था. वह व्यक्ति दोपहर के समय जब दुकान बंद हो जाती थी तो वह लड़की के घर में भी चला जाता था.
अब तक लड़की के घर वालों को कुछ पता नहीं चला था. लेकिन जब युवती के शरीर में बदलाव आने लगा और वह बीमार हो गई तो घर वाले उसे डॉक्टर के पास ले गए, जहां चेकअप करने के बाद डॉक्टर ने युवती के माता-पिता को बताया कि वह 5 महीने की गर्भवती है. तब एक-एक करके सारा भेद खुल गया. दरअसल लड़की के घर में अकेला होने का व्यक्ति ने पूरा फायदा उठाया और उसे बहला फुसलाकर उसे अपनी हवस का शिकार बनाया. इसी का नतीजा था कि युवती 5 महीने की गर्भवती थी.
एक दूसरी घटना भक्ति नगर थाना अंतर्गत वार्ड नंबर 40 दुर्गा नगर की है, जहां एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने, उसे बहलाने फुसलाने और अगवा करने के संबंध में भक्ति नगर पुलिस ने आरोपी अभिरंजन कुमार शर्मा को गिरफ्तार किया है. भक्ति नगर पुलिस ने पीड़िता की मां की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया और उसके कब्जे से नाबालिग युवती को भी बरामद कर लिया है. भक्ति नगर पुलिस ने अभिरंजन कुमार शर्मा को जलपाईगुड़ी कोर्ट में पेश किया. जबकि मुन्ना पासवान को सिलीगुड़ी सब डिविजनल कोर्ट में पेश किया गया है.
इन दोनों ही घटनाओं में पीड़िता को उचित इंसाफ मिल सकेगा, इसमें संदेह ही है. सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि जवान तथा समझदार होने से पहले ही समाज के दरिंदों ने उनकी जिंदगी बर्बाद कर दी. पुलिस और कोर्ट इन्हें कैसे इंसाफ दिलवा सकेंगे, जहां ऐसे मामलों में हमारा कानून और संविधान कुछ ऐसा है कि कत्ल का एक आरोपी भी जेल में रहने के बाद जमानत पर छूट जाता है!
