दार्जिलिंग, 18 सितंबर: पहाड़ों की खूबसूरत वादियों में हनीमून मनाने पहुंचा एक नवविवाहित जोड़ा दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया। दार्जिलिंग जिले के सिटोंग में होमस्टे परिसर में बारबेक्यू तैयार करने के दौरान अचानक लगी आग में दुल्हन गंभीर रूप से झुलस गई। हादसे में उसके पति को भी आंशिक रूप से चोटें आई हैं। घटना के बाद होमस्टे की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
अग्निकांड में घायल दुल्हन की पहचान निकिता साहा (दास) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि उनके शरीर का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा झुलस गया है। उन्हें सिलीगुड़ी के कावाखाली स्थित एक निजी नर्सिंगहोम के आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। पत्नी को बचाने की कोशिश में उनके पति समीर दास (सौविक) भी आंशिक रूप से झुलस गए।
परिवार और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, उत्तर दिनाजपुर के चोपड़ा बाजार इलाके के रहने वाले समीर और निकिता ने करीब दो महीने पहले प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद यह उनकी पहली साथ की यात्रा थी। कुछ दिन पहले ही दोनों हनीमून के लिए सिटोंग पहुंचे थे और वहां एक होमस्टे में ठहरे थे।
बताया गया है कि 13 सितंबर को होमस्टे परिसर में उनके लिए बारबेक्यू का आयोजन किया गया था। इसी दौरान आग अचानक भड़क उठी और देखते ही देखते लपटें निकिता की ओर पहुंच गईं। आरोप है कि ज्वलनशील पदार्थ के कारण आग तेजी से फैली। पहाड़ी इलाके में शुष्क मौसम और तेज हवा के कारण आग की लपटें और भी विकराल हो गईं।
पत्नी को बचाने के लिए समीर ने तत्काल आग बुझाने की कोशिश की, जिसमें उनके हाथ भी झुलस गए। हालांकि तब तक निकिता गंभीर रूप से आग की चपेट में आ चुकी थीं।
हादसे के बाद निकिता को पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। लेकिन उनकी हालत बिगड़ने पर उसी रात उन्हें सिलीगुड़ी के एक निजी नर्सिंगहोम में स्थानांतरित किया गया। परिवार के मुताबिक, पहाड़ी रास्ते से सिलीगुड़ी पहुंचने में करीब तीन घंटे का समय लगा।
होमस्टे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
घटना के बाद घायल महिला के पति समीर दास ने होमस्टे प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि आग बुझाने के लिए होमस्टे में पर्याप्त अग्निशमन उपकरण या आपातकालीन व्यवस्था मौजूद नहीं थी। उनका यह भी आरोप है कि हादसे के बाद होमस्टे प्रबंधन की ओर से परिवार को अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।
समीर ने घटना को लेकर कार्शियांग थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पूरे मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटना के समय का सीसीटीवी फुटेज हासिल कर लिया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आग आखिर किस वजह से लगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आग के दौरान किसी ज्वलनशील तरल पदार्थ का अतिरिक्त इस्तेमाल किया गया था या नहीं और सुरक्षा व्यवस्था में किसी स्तर पर लापरवाही हुई थी या नहीं।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद हादसे के वास्तविक कारण और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
पर्यटन स्थलों की सुरक्षा पर उठे सवाल
पहाड़ी इलाकों में होमस्टे और रिसॉर्ट में कैंपफायर तथा बारबेक्यू पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। सिटोंग की इस घटना के बाद ऐसे पर्यटन स्थलों पर अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन चिकित्सा सुविधा और सुरक्षा प्रोटोकॉल की उपलब्धता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
फिलहाल निकिता का आईसीयू में इलाज जारी है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। मामले में पुलिस की जांच जारी है।

