October 14, 2026
Sevoke Road, Siliguri
प्रमुख हेडलाइंस और अपडेट्स

अमेरिकी सिंगर के पोस्ट से मचा बवाल! क्या कॉकरोचों के जरिए अमेरिका भारत को अस्थिर करना चाहता है?

पिछले कुछ दिनों से दिल्ली समेत पूरा भारत कॉकरोच जनता पार्टी और विपक्षी आंदोलन की आग में सुलग रहा है. जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन से लेकर देश के विभिन्न भागों में कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले देश के नौजवान, छात्र और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता हंगामा कर रहे हैं. वे चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे हैं. अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया है. लेकिन आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है.

इसी बीच सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है. अमेरिका की प्रख्यात सिंगर मेरी मिलबेन का यह पोस्ट है. मेरी मिलबेन ने लिखा है कि भारत में कॉकरोच जनता पार्टी का चल रहा आंदोलन भारत को अस्थिर, अराजक बनाने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय साजिश है. इस साजिश का ताना बाना अमेरिका में तैयार किया गया है. इसके लिए अभिजीत दीपके तथा कॉकरोच जनता पार्टी को अपना मोहरा बनाया गया है. उन्हें अमेरिका से फंडिंग किया जा रहा है, ताकि भारत में अस्थिरता और अराजकता उत्पन्न कर सके. ऐसे में कई सवाल उठने लगे हैं. संदेह और साजिश की बू भी आ रही है.

कॉकरोच और विपक्षी आंदोलन के चलते देश की अर्थव्यवस्था को काफी धक्का पहुंचा है. शेयर मार्केट का भी बुरा हाल है. विदेशी निवेशक अपना हाथ खींच रहे हैं. देश के लगभग सभी राज्यों व शहरों में सरकार विरोधी आंदोलन चल रहा है. दिल्ली में तो सबसे ज्यादा बुरा हाल है. ठीक त्यौहार के पहले इस तरह का हंगामा और अव्यवस्था पैदा करने की कोशिश किसी तरह से उचित नहीं है. इससे सीधा-सीधा मार्केट प्रभावित होता है. कुछ लोगों का मानना है कि इस तरह की अव्यवस्था तो इमरजेंसी के दौरान भी नहीं देखी गई थी. अब देश के कुछ शांतिप्रिय लोग सरकार विरोधी आंदोलन के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ मान रहे हैं.

क्या सचमुच देश में अराजकता लाने की साजिश हुई है? क्या भारत को अस्थिर करने की विदेशी ताकतें साजिश रच रही हैं? आखिर भारत से किन देशों को खतरा है? अब मेरी मिलबेन का पोस्ट आ जाने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. क्या सचमुच अमेरिका भारत को अस्थिर करना चाहता है? लेकिन इससे अमेरिका को क्या लाभ होगा? जानकार मानते हैं कि अमेरिका पूरे विश्व में दादागिरी स्थापित करने के लिए भारत को कमजोर करना चाहता है. वह भारत को इस स्थिति में लाना चाहता है, जहां भारत में बनने वाली सरकार अमेरिका के इशारे पर चले और रूस से दूरी बना कर चले. जानकारों का मानना है कि अमेरिका का यह सपना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में रहते संभव नहीं हो सकता है.

इसलिए अमेरिका चाहता है कि भारत में एक कमजोर और अस्थिर सरकार बने, जो अमेरिका के हर कदम का आंख मूंद कर समर्थन करे. जैसे पड़ोसी देश पाकिस्तान. अमेरिका भारत को भी दूसरा पाकिस्तान बना देना चाहता है. यह तभी संभव है, जब केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार गिर जाए. मेरी मिलबेन ने कुछ इसी तरह की साजिश की ओर भारत के नौजवानों और खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थकों को सावधान किया है. मेरी मिलबेन ने संकेत दिया है कि आप अमेरिका की साजिश को समझने की कोशिश करें. अमेरिका कॉकरोच जनता पार्टी के कंधे पर बंदूक रखकर निशाना साधने की कोशिश कर रहा है.

अमेरिकी सिंगर मेरी मिलबेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है, जिन्होंने लगातार 25 सालों से भारत की सेवा की है और 12 सालों से वे भारत के प्रधानमंत्री हैं. उन्होंने सबसे लंबे समय तक भारत का प्रधानमंत्री बनने का जवाहरलाल नेहरू का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है. देश के कुछ बुद्धिजीवों के अनुसार क्योंकि नरेंद्र मोदी ने एक प्रधानमंत्री के रूप में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय जवाहरलाल नेहरू का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है, यह देश के कुछ राजनीतिक दल पचा नहीं पा रहे हैं. इसलिए वे अमेरिका की साजिश के शिकार हुए हैं. वे नहीं चाहते हैं कि नरेंद्र मोदी देश में और अधिक दिनों तक शासन संचालन कर सकें.

अमेरिकी सिंगर ने भारत के नौजवानों से अपील की है कि वे भारत के लोकतंत्र को बचाने तथा विदेशी साजिश का मुहतोड़ जवाब देने के लिए सामने आए. भारत की आवाज बने. अंतरराष्ट्रीय साजिश को जन-जन तक पहुंचाएं और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करें. मेरी मिलबेन का यह पोस्ट निश्चित रूप से भारत के राजनीतिक गलियारों में तूफान ला सकता है. हालांकि उनका दावा कितना सच है, इस पर अभी से कुछ कहना ठीक नहीं होगा. लेकिन अगर उन्होंने कुछ इस तरह की अंतरराष्ट्रीय साजिश का इशारा किया है तो भारत सरकार को इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है. सत्यता की पड़ताल भी होनी चाहिए. अगर ऐसा कुछ है तो भविष्य में भारत को अमेरिका समेत विश्व के देशों से सावधान रहते हुए अमेरिका से संबंधों की समीक्षा भी करनी चाहिए.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *