राजू बिष्ट के राजनीतिक कैरियर में चोली-दामन की तरह दो किरदार साथ-साथ चलते हैं. ये हैं क्षेत्र के युवा और चाय बागानों के श्रमिक. ये दोनों ही किरदार उनकी दिनचर्या का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में राजू बिष्ट को जो पहचान मिली है, उसमें उनके क्षेत्र खासकर पहाड़, समतल और Dooars के युवाओं तथा चाय बागान श्रमिकों का महत्वपूर्ण योगदान है. आज अपने साथ लगातार चलने वाले युवाओं और चाय बागान श्रमिकों को न्याय और हक दिलाने का उनका जारी प्रयास जमीन पर उतरता नजर आ रहा है!
दार्जिलिंग, सिलीगुड़ी, समतल, Dooars समेत उत्तर बंगाल के अनेक नौजवान लड़के-लड़कियां शिक्षा पूरी करके न जाने कब से नौकरी की तलाश कर रहे हैं. उनमें से कई युवा शिक्षा जगत में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करना चाहते हैं, तो कई युवा समाज को एक नई दिशा दिखाने का हुनर भी रखते हैं. उन्हें बस एक अवसर चाहिए. यह अवसर उन्हें तभी मिल सकता है, जब राज्य में एक ईमानदार, निष्पक्ष और पारदर्शी शासन व्यवस्था वाली सरकार हो. राजू बिष्ट का मंतव्य कुछ ऐसा ही है.
राज्य में इससे पूर्व की तृणमूल कांग्रेस की सरकार में युवाओं को अपना सपना साकार करने का अवसर नहीं मिला. शिक्षक भर्ती घोटाले ने किसी की बसी बसाई जिंदगी उजाड़ दी, तो कई लोगों को अर्श से फर्श तक गिरा दिया. जो वाकई ईमानदार, प्रतिभाशाली और समाज के लिए कुछ करने का जनून रखते थे, रिश्वत के बाजार में अवसर की बाट जोहते रह गए. अब समतल, Dooars और पहाड़ के ऐसे सभी नौजवानों के सपने पूरे होने की उम्मीद बढ़ गई है. इस बात की सबसे ज्यादा खुशी दार्जिलिंग के भाजपा नेता राजू बिष्ट में दिख रही है.
तभी तो उन्होंने राज्य कैबिनेट से मिली मंजूरी और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की पहल को अपने क्षेत्र समेत समस्त राज्य के प्रतिभाशाली, योग्य और निराश हो चुके युवाओं के लिए एक सुनहला अवसर मानते हुए अपनी खुशी जताई है और उम्मीद व्यक्त की है कि राज्य में 33000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति से राज्य की बदहाल शिक्षा व्यवस्था को एक नई रोशनी मिलेगी. राजू बिष्ट ने बंगाल के शिक्षित युवाओं के लिए यह एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम माना है और इसीलिए उन्होंने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की है.
वर्तमान में राजू विष्ट युवाओं का एक आदर्श चेहरा बन चुके हैं. युवाओं में उनकी लोकप्रियता देखी जाती है. पिछले एक दशक में युवाओं के हक के लिए उन्होंने हमेशा अपनी आवाज बुलंद की है. सूत्र बताते हैं कि पिछली सरकार में शिक्षक भर्ती घोटाले से कुंठित अपने क्षेत्र के युवाओं को उनका हक दिलाने के लिए राजू बिष्ट ने भाजपा सरकार बनने के बाद दार्जिलिंग से लेकर कोलकाता तक एक कर दिया. उनके लगातार प्रयास और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के प्रति विश्वास और निष्ठा का ही फल है कि राज्य सरकार ने राज्य में 45 000 नई भर्तियों को मंजूरी दे दी है. इनमें से 33,192 पद शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित है. बाकी पद पुलिस सेवा, तकनीकी शिक्षा व अन्य विभागों के लिए है.
दार्जिलिंग पहाड़, सिलीगुड़ी समतल और Dooars में बहुत से योग्य शिक्षित और प्रशिक्षित नौजवानों के सपने कुंठित हो रहे हैं. वे चाहते हैं कि उन्हें एक अवसर मिले, जहां वे अपनी प्रतिभा साबित कर सकें. एक ईमानदार, निष्पक्ष और पारदर्शी शासन व्यवस्था वाली सरकार में ही यह संभव है. राजू बिष्ट ने उम्मीद जताई है कि उनके क्षेत्र के योग्य युवाओं को अपने सपने पूरे करने का अवसर मिलेगा. उन्होंने कहा है कि हमारे जो नौजवान इस तरह के अवसर की वर्षों से प्रतीक्षा कर रहे थे, वह समय आ गया है. उन्होंने संतोष व्यक्त किया है कि पुरानी व्यवस्था का अंत और नई व्यवस्था के शुभारंभ का समय आ गया है
राजू बिष्ट ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि मुझे पूरा विश्वास है कि बंगाल और खासकर दार्जिलिंग, तराई तथा Dooars के कुंठित नौजवानों को न्याय मिलेगा. उन्होंने अपने क्षेत्र के नौजवानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा है कि उनके क्षेत्र में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है. हमारे नौजवान साथी कड़ी मेहनत करना चाहते हैं और समाज निर्माण तथा शिक्षा विकास में अपनी जिम्मेदारी को साबित करना चाहते हैं. मुझे पूरा विश्वास है कि राज्य सरकार ने उन्हें जो अवसर दिया है, उसका वे लाभ उठाएंगे और समाज के बहुआयामी विकास में अपनी भूमिका का सफल निर्वाह करेंगे. हमारी सरकार निष्पक्ष रूप से उनका साथ देगी.
आपको बताते चलें कि राज्य में पहली बार बंगाल सरकार ने दुर्गा पूजा में उत्तर बंगाल के बंद चाय बागानों के श्रमिकों को 5-5 हजार पूजा बोनस और उनके परिवार के लिए 50 किलो अतिरिक्त चावल देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. उत्तर बंगाल में जनवरी 2023 से ही 21 चाय बागान बंद हैं. उनमें 19,524 पात्र श्रमिकों को यह लाभ मिलेगा. पूजा से पहले पांच-पांच हजार पूजा बोनस के रूप में तो मिलेंगे ही, इसके साथ ही 50 किलो चावल भी मिलेगा.
राजू बिष्ट चाय बागान के श्रमिकों और मजदूरों के अधिकार व इंसाफ की लड़ाई लड़ते रहे हैं. यह किसी से छिपा नहीं है कि उनकी माली हालत सुधारने के लिए उन्होंने राज्य सरकार से लेकर केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रियों के दरवाजे खटखटाए हैं. राजू बिष्ट ने राज्य में भाजपा की सरकार बनते ही अपने क्षेत्र के चाय श्रमिकों का हक देकर उनके साथ यथासंभव न्याय करने की कोशिश की है. उन्होंने इस बात की खुशी व्यक्त करते हुए राज्य सरकार व मुख्यमंत्री सुबेंदु अधिकारी के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की है.
