सिलीगुड़ी शहर के प्रधान नगर थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक स्कूल के सामने 12 वर्षीय नाबालिग बच्ची के अपहरण की कोशिश की गई। गनीमत रही कि बच्ची की समझदारी और स्थानीय लोगों की तत्परता से यह खौफनाक मंसूबा नाकाम हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना आज दोपहर की है। स्कूल की छुट्टी के बाद नाबालिग बच्ची सड़क किनारे खड़ी होकर टोटो का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान एक स्कूटी पर सवार महिला और पुरुष वहां पहुंचे और बच्ची को बहला-फुसलाकर घर छोड़ने की बात कहने लगे। बच्ची ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए साफ शब्दों में कहा कि वह उन्हें नहीं जानती और उनके साथ नहीं जाएगी।
बताया जा रहा है कि इसके बाद दोनों आरोपियों ने बच्ची को जबरन स्कूटी पर बैठाने की कोशिश शुरू कर दी। बच्ची के शोर मचाने पर वहां से गुजर रहे एक परिचित राहगीर की नजर इस हरकत पर पड़ी। उसने बिना देर किए हस्तक्षेप किया और आसपास के लोगों को मौके पर बुला लिया।
जब स्थानीय लोगों ने बच्ची से पूछा कि क्या वह इन लोगों को पहचानती है, तो बच्ची ने साफ तौर पर इनकार कर दिया। वहीं पूछताछ के दौरान आरोपी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिससे लोगों का शक और गहरा गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और बच्ची के परिजनों को सूचना दी गई।
परिजनों के मौके पर पहुंचते ही इलाके में आक्रोश और तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही प्रधान नगर थाने की पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और हालात को काबू में लेते हुए महिला और पुरुष दोनों को हिरासत में लेकर थाने ले गई। इसके बाद बच्ची के परिजनों ने प्रधान नगर थाने में अपहरण के प्रयास को लेकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पत्रकारों से बातचीत में परिजनों ने कहा कि वे इस घटना से बेहद डरे और सदमे में हैं। उनका कहना है कि अगर समय रहते लोगों की नजर न पड़ती, तो उनकी बच्ची के साथ कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। परिजनों ने आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की घिनौनी हरकत करने से पहले सौ बार सोचे।
फिलहाल प्रधान नगर थाने की पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। अब पुलिस जांच में यह सामने आना बाकी है कि हिरासत में लिए गए दोनों आरोपी कौन हैं, कहां के रहने वाले हैं और नाबालिग बच्ची के अपहरण की कोशिश के पीछे उनका असली मकसद क्या था।
यह घटना एक बार फिर शहर की सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

