July 13, 2024
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लाइफस्टाइल

क्या आप सालाना 15-17 लाख कमाते हैं? नहीं देनी पड़ सकती है टैक्स!

लोकतंत्र के इतिहास में शायद यह पहला मौका होगा, जब देश के मध्यम वर्ग को बजट में भारी राहत मिलने जा रही है. अंतरिम बजट के बाद मोदी सरकार 3 का यह महत्वपूर्ण बजट है, जो जुलाई के तीसरे सप्ताह में सदन में पेश किया जाएगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करने जा रही है. दिल्ली में इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं.

इस बार केंद्र में जो सरकार बनी है, वह कई दलों की सरकार है. भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत हासिल नहीं है. सहयोगी दलों के साथ यह सरकार चल रही है. इसलिए सरकार गठन के समय ही यह कयास लगने लगा था कि इस बार केंद्र सरकार का जो बजट होगा,वह सख्त नहीं होगा और कम से कम आम आदमी के हितों के अनुकूल होगा. इससे पहले के बजट में मोदी सरकार ने मध्यमवर्ग को कोई बड़ी राहत नहीं दी थी. इसलिए कहीं ना कहीं मोदी सरकार से मध्यम वर्ग भी नाराज है.

अब सूत्र बता रहे हैं कि मोदी सरकार मध्यम वर्ग को खुश करने की तैयारी कर रही है. सूत्रों ने बताया कि इस बार के बजट में सरकार सालाना 15 से 17 लाख आमदनी करने वालों को आयकर में बड़ी राहत दे सकती है. इससे मध्यम वर्ग की जेब में ज्यादा पैसा आएगा. सूत्र बता रहे हैं कि केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण टैक्स स्लैब में कई बदलाव कर सकती हैं और यह आम आदमी के हितों के अनुकूल सिद्ध हो सकता है. मध्यम वर्ग प्रधानमंत्री से नाराज है.

हालांकि केंद्र सरकार की ओर से महंगाई पर नियंत्रण रखा गया है परंतु इसमें कोई दो राय नहीं है कि बहुत सी चीजें महंगी हुई है. सूत्रों ने बताया कि इस बार के बजट में सस्ती होने वाली वस्तुओं की सूची लंबी होगी. कई चीज सस्ती हो जाएंगी. सरकार कई चीजों की कीमत घटा सकती है. आपको याद होगा कि जब नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में एनडीए ने चुना था तब प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा था कि स्वस्थ लोकतंत्र और लोकतंत्र की मजबूती के लिए यह जरूरी है कि देश के मध्यम और निम्न वर्ग तक सरकार की पहुंच रहे.

इसका मतलब यह है कि प्रधानमंत्री चाहते हैं कि देश के मध्यम और निम्न वर्ग को ज्यादा से ज्यादा लाभ हो सके. समझा जाता है कि इस बार का बजट प्रधानमंत्री की इन्हीं आकांक्षाओं को साबित करने वाला हो सकता है. चुनाव के समय प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी कहा था भारत अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में दुनिया में पांचवें नंबर पर है उसे तीसरे नंबर पर लाना है. इसके लिए यह जरूरी होता है कि लोगों की उत्पादक शक्ति और उत्पादकता दोनों बढ़ाई जाए.जब जब में पैसे आएंगे तो क्रय शक्ति बढ़ेगी और इसका भारतीय अर्थव्यवस्था पर अनुकूल असर पड़ता है. भारतीय अर्थव्यवस्था और अधिक सशक्त होगी.

आपको बता दूं कि लोकसभा 24 जून से शुरू हो जाएगी और 3 जुलाई तक चलेगी. जुलाई में ही बजट सत्र शुरू होगा. उम्मीद की जा रही है कि 20 जुलाई से बजट सत्र शुरू होगा और अगस्त के प्रथम सप्ताह तक चलेगा. 20 जुलाई के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश कर सकती हैं.

(अस्वीकरण : सभी फ़ोटो सिर्फ खबर में दिए जा रहे तथ्यों को सांकेतिक रूप से दर्शाने के लिए दिए गए है । इन फोटोज का इस खबर से कोई संबंध नहीं है। सभी फोटोज इंटरनेट से लिये गए है।)

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