April 16, 2024
Sevoke Road, Siliguri
उत्तर बंगाल जुर्म सिलीगुड़ी

सिलीगुड़ी का अनिल बर्मन अपहरण कांड: फिरौती की रकम तो नहीं मिली, मिल गई सलाखें!

अनिल बर्मन सिलीगुड़ी के आशीघर इलाके में अपने परिवार के साथ रहते थे. परिवार में सुख शांति थी. संपन्न परिवार था. आमदनी थी. कुछ लोग मन ही मन उनकी समृद्धि और सुख से जलते भी थे. जबकि कुछ लोग इस परिवार को नुकसान पहुंचाने की सोच भी रखते थे. देखा भी जाता है कि पड़ोसी का सुख देखकर पड़ोसियों को जलन होने लगती है.

सिलीगुड़ी के कुछ युवकों ने अनिल बर्मन का फिरौती के लिए अपहरण करने की योजना बनाई और उन्होंने अनिल बर्मन की रेकी भी शुरू कर दी. वे अनिल बर्मन का अपहरण कुछ इस तरह से करना चाहते थे कि स्वयं अनिल बर्मन को भी ना लगे कि उसका अपहरण किया गया है. वह अनिल बर्मन के जरिए उसके परिवार से लाखों रुपए हासिल करना चाहते थे. बताया जा रहा है कि अनिल बर्मन के अपहरण की योजना में सिलीगुड़ी के चार-पांच युवक शामिल थे.

अपहरण कर्ताओं ने अपनी सुनियोजित योजना के अनुसार ही अनिल बर्मन का अपहरण कर लिया और एक अज्ञात स्थान पर रखकर फिरौती की रकम के लिए उसके परिवार वालों से संपर्क किया. अपहर्ताओं ने कहा कि अगर अनिल बर्मन को जीवित देखना चाहते हैं तो पैसे देकर अनिल बर्मन को वापस ले जाएं. अन्यथा अनिल बर्मन जीवित नहीं बचेगा. अपहर्ताओं ने यह भी कहा कि पुलिस में शिकायत करने का अंजाम भुगतना होगा.

घर वालों के लिए घर के सदस्य से ज्यादा पैसा महत्वपूर्ण नहीं था. लेकिन परिवार के कुछ सदस्य चाहते थे कि इस मामले की जानकारी आशीधर पुलिस चौकी को दे दी जाए. क्योंकि अगर कुछ गड़बड़ हुआ तो पुलिस उल्टे उनका ही दोष निकालेगी. लिहाजा परिवार वालों ने आशीधर पुलिस चौकी से मिलकर पुलिस के निर्देशानुसार अपहरण कर्ताओं तक रकम पहुंचाने का फैसला कर लिया.

अपहरण कर्ताओं ने वह जगह भी बता दी, जहां वे अनिल बर्मन को लेकर आने वाले थे. इधर पुलिस ने भी अपनी तैयारी कर ली और अपहर्ताओं को मौके पर धर दबोचने के लिए पुलिस की सादी वर्दी की टीम तैयार की गई. इसके बाद पुलिस के निर्देशानुसार अनिल बर्मन के परिवार वाले रकम लेकर उस स्थान पर पहुंच गए, जहां अपहर्ता अनिल बर्मन को लेकर आने वाले थे. कुछ देर का इंतजार करना पड़ा.

पैसे लेने के लिए दो लड़के मौके पर पहुंचे. जबकि बाकी लड़के इधर-उधर छिपे थे. जैसे ही अनिल बर्मन के घर वालों ने उन दोनों लड़कों को पैसे देने के लिए हाथ आगे बढ़ाया, तभी घात लगाकर छिपी पुलिस की टीम ने उन पर धावा बोल दिया. लड़कों ने वहां से भागने की कोशिश की. लेकिन तब तक पुलिस की गिरफ्त में आ चुके थे. यह देखकर बाकी अपहरण कर्ता अनिल बर्मन को छोड़कर नौ दो ग्यारह हो गए.

पुलिस ने जिन दो लड़कों को अपनी हिरासत में लिया है, उनमें से एक का नाम शुभंकर सरकार है. और वह सिलीगुड़ी के सुभाष पल्ली का रहने वाला है. जबकि दूसरे अपहर्ता का नाम नीलाद्री तालुकदार है और वह दक्षिण शांति नगर का रहने वाला है. अनिल बर्मन की रिपोर्ट पर आसीधर पुलिस चौकी में अपहरण कर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.

आज पुलिस ने शुभंकर सरकार और नीलाद्री तालुकदार को जलपाईगुड़ी कोर्ट में पेश किया. जहां से असीधर पुलिस चौकी ने उन्हें अपने रिमांड में ले लिया है.अब पुलिस अपहरणकर्ताओं से पूछताछ करेगी तथा उनके बाकी साथियों की तलाश में उनकी मदद लेगी. इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगाएगी कि आखिर अनिल बर्मन का अपहरण क्यों और कैसे किया गया था. अपहरण कर्ताओं का मकसद सिर्फ पैसे ऐंठना था या कुछ और? बहरहाल पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है. इसके साथ ही पकड़े गए अपहरणकर्ताओं के बाकी साथियों की भी तलाश की जा रही है.

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