February 8, 2026
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बंगाल में SIR लगभग पूरा! मतदाता सूची से 63 लाख नाम कटेंगे!

SIR almost complete in Bengal! 6.3 million names to be deleted from voter lists

पश्चिम बंगाल में चल रही SIR की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है. मतदाता सूची से 63 लाख नाम कट सकते हैं. इनमें से 5 लाख लोगों के नाम इसलिए कटेंगे क्योंकि उन्होंने हियरिंग में भाग नहीं लिया था. यह जानकारी राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय से प्राप्त हुई है. आपको बता दें कि एस आई आर की प्रारंभिक मसौदा सूची से पहले ही 58 लाख नाम कट चुके हैं.

राज्य में एक ही चरण में चुनाव कराने की चर्चा शुरू हो गई है. चर्चा के अनुसार भारतीय चुनाव आयोग के समक्ष इस तरह का प्रस्ताव रखा जा सकता है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से बाहर किए गए हैं, क्या वे 2026 के चुनाव में मतदान करने के अधिकार से वंचित हो जाएंगे? उनके लिए चुनाव आयोग क्या विकल्प लेकर आएगा? अभी यह ज्ञात नहीं हो सका है. वैसे इस बात की संभावना व्यक्त की जा रही है कि ऐसे लोग 2026 के विधानसभा चुनाव में मतदान नहीं कर सकेंगे.

जो जानकारी मिल रही है, उसके अनुसार राज्य चुनाव आयोग निर्धारित तिथि को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन नहीं कर सकेगा. निर्धारित तिथि 14 फरवरी है. मिली जानकारी के अनुसार अभी कुछ विधानसभा क्षेत्रों में हियरिंग की प्रक्रिया चल रही है. इन विधानसभा क्षेत्रों में उत्तर कोलकाता, दक्षिण 24 परगना तथा उत्तर बंगाल में कर्सियांग और मालदा विधानसभा क्षेत्र हैं, जहां अभी सुनवाई चल रही है. सूत्रों ने बताया कि यहां सुनवाई पूरी होने में कम से कम तीन-चार दिन का समय लग सकता है.

ऐसे में चुनाव आयोग अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन नहीं कर सकेगा. बताया जा रहा है कि राज्य में 15 से लेकर 20 ऐसी विधानसभा सीटें हैं, जहां अभी सुनवाई की प्रक्रिया चल रही है. इसके अलावा अभी तक फॉर्म 6 यानी नए मतदाताओं के आवेदन पर भी विचार नहीं किया गया है. नवंबर दिसंबर महीने में जिन लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया था, चुनाव आयोग के द्वारा अभी उन पर विचार नहीं किया गया है. ऐसे में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन की समय अवधि बढ़ सकती है.

मिल रही जानकारी के अनुसार चुनाव आयोग ने नए वोटर का असाइनमेंट स्थानीय बीएलओ को सौंप रखा है. जबकि बीएलओ के पास यह देखने का समय नहीं है. बीएलओ पहले ही काम के दबाव में है. ऐसे में वे नई असाइनमेंट को छूना तक नहीं चाहते हैं. संभावना यह भी है कि राज्य चुनाव आयोग इस महीने के आखिर तक अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर सकेगा.

चुनाव आयोग के सूत्रों से जो जानकारी मिल रही है, अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन होने के बाद बीएलओ को एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. इसके अनुसार बीएलओ को घर-घर जाकर मतदाताओं को वोटर स्लिप देना होगा. पहले यह काम राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता करते थे. उन पर पक्षपात के आरोप लगते थे. लेकिन इस बार यह काम बीएलओ को करना होगा. उन्हें घर-घर जाकर वोटर स्लिप देना होगा.

इस नियम का पालन करने के लिए राज्य चुनाव आयोग सख्त है. बीएलओ को खुद ही सत्यापन कर मतदाताओं के हाथों में पर्चियां थमानी होगी. प्रत्येक बीएलओ पर कम से कम 900 से लेकर 1000 मतदाताओं की जिम्मेदारी रहेगी, यह भी जानकारी मिल रही है.

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