April 19, 2024
Sevoke Road, Siliguri
उत्तर बंगाल लाइफस्टाइल सिलीगुड़ी

सिलीगुड़ी में ना तो सड़क जाम होगी, ना ही होगी सड़क दुर्घटना!

कल्पना करिए कि वर्धमान रोड पर बहुत तेज गति से कोई बस जा रही है. जलपाई मोड़ के पास काफी भीड़भाड़ है. वहां बाजार भी है. लोग आ जा रहे हैं. दुर्घटना होने का अंदेशा रहता है. अगर काफी तेज गति से आ रहे वाहन को समय रहते रोक लिया जाए तो दुर्घटनाओं का खतरा नहीं रहता. इसी तरह का एक सिस्टम है इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस सिस्टम, जो जल्द ही सिलीगुड़ी में देखा जा सकेगा.

सिलीगुड़ी में ट्रैफिक नियंत्रण और आए दिन होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार जल्द ही ऐसी व्यवस्था करने जा रही है, जो अब तक केवल कोलकाता में ही है. सरकार का यह फार्मूला कोलकाता में काफी कारगर सिद्ध हुआ है. इसलिए इसका प्रयोग सिलीगुड़ी और उत्तर बंगाल में भी किया जाएगा.

सड़क दुर्घटनाओं को रोकने का यह फार्मूला है इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस सिस्टम, जिसका इस्तेमाल कोलकाता में परिवहन सेवाओं पर किया जा चुका है. इस सिस्टम से तेज चलने वाले वाहनों को कैमरे में देखकर विशेष डिवाइस के माध्यम से उनकी गति पर नियंत्रण किया जा सकता है. ऐसे में दुर्घटनाओं को टालना आसान हो जाएगा.

राज्य के परिवहन मंत्री ने माना है कि कोलकाता में सड़क दुर्घटनाओं में आई कमी का कारण वहां इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस सिस्टम का विकसित होना है. अगर राज्य के सभी भीड़भाड़ वाले शहरों में यह सिस्टम लगाया जाता है तो सड़क दुर्घटनाओं में काफी कमी आ जाएगी. ट्रैफिक को कम करने तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी के लिए सरकार के पास एक और नजरिया है. वह है गैर पंजीकृत टोटो को बंद करना.

सिलीगुड़ी में हजारों ऐसे टोटो चल रहे हैं, जिन्हें TIN नंबर प्राप्त नहीं है.ऐसे अनेक ई रिक्शा और टोटो के निर्माण में लोहे का प्रयोग होता है.ऐसे टोटो और ई-रिक्शा को चलने नहीं दिया जाएगा. यह बात परिवहन मंत्री स्नेहाशीष चक्रवर्ती ने स्पष्ट कर दी है. केवल वही टोटो या ई रिक्शा सिलीगुड़ी में चलेंगे, जो पंजीकृत होंगे. सिलीगुड़ी से जलपाईगुड़ी, कूचबिहार, माथाभांगा और राज्य के अन्य भागों में चलने वाली अधिकांश बसें आने वाले समय में बैटरी से संचालित की जा सकती है. इसकी भी सरकार ने तैयारी कर ली है.

राज्य सरकार और परिवहन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि हाई कोर्ट के आदेश के अनुरूप राष्ट्रीय सड़क पर टोटो को चलने नहीं दिया जाएगा. टोटो के कारण भी कभी-कभी सड़क दुर्घटना होती है. इसलिए सरकार का अगला कदम हाईवे से पूरी तरह टोटो को हटाना है. अब देखना होगा कि सरकार और राज्य परिवहन विभाग सिलीगुड़ी समेत उत्तर बंगाल में दुर्घटना रोकने तथा ट्रैफिक नियंत्रण के लिए यह सभी व्यवस्था कब तक कर पाती है!

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