April 19, 2024
Sevoke Road, Siliguri
उत्तर बंगाल लाइफस्टाइल सिलीगुड़ी

बच्चों की जान को जोखिम में डालता सिलीगुड़ी का यह स्कूल वाहन!

सिलीगुड़ी के एक चर्चित निजी स्कूल का यह वाहन है. स्कूल के पास ऐसे ऐसे कई वाहन हैं, जिनमें बच्चे बैठकर स्कूल आते जाते हैं. यह स्कूल सिलीगुड़ी के अत्यंत लोकप्रिय स्कूलों में गिना जाता है. यहां शहर और शहर के आसपास के इलाकों से बच्चे पढ़ने आया करते हैं. माता-पिता तो समझते हैं कि उनके बच्चे स्कूल बस में सुरक्षित हैं. क्योंकि इन बच्चों पर नजर रखने वाला स्कूल बस ड्राइवर के अलावा कंडक्टर भी होता है.

पर तस्वीरें झूठ नहीं बोलतीं. इस वीडियो को ही देख लीजिए. क्या आप यह कहेंगे कि आपके बच्चे स्कूल बस में सुरक्षित हैं? बस में कंडक्टर भी है और ड्राइवर भी. ड्राइवर की अपनी ड्यूटी होती है. उसे सुरक्षित रूप से बस चलाना होता है. लेकिन बस के अंदर कंडक्टर यात्रियों की सुरक्षा और उन्हें गंतव्य स्थल तक पहुंचाने के लिए जिम्मेदार होता है. इस बस का गेट खुला हुआ है. कंडक्टर भी गाड़ी के अंदर मौजूद है. लेकिन उसे इसकी कोई परवाह नहीं. आने जाने के क्रम में जब बच्चे एक साथ बस में होते हैं तो वे आपस में मस्ती भी करते हैं और शैतानियां भी.

यह बच्चों का स्वभाव भी है. जिस तरह से इस बस का गेट खुला हुआ है, जरा कल्पना करिए कि बच्चे शैतानी करते हुए गेट तक आ जाएं तब क्या होगा. क्योंकि गेट तो बंद है नहीं. ऐसे में बच्चे नीचे गिर भी सकते हैं. इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा? हो सकता है कि सिलीगुड़ी के इस चर्चित स्कूल को पता नहीं हो. लेकिन इस वीडियो को देखने के बाद उन्हें भी सच्चाई समझ में आ गई होगी कि उनके बच्चे स्कूल बस में सुरक्षित नहीं है.

माता-पिता अपने बच्चों को ऐसे नामी स्कूल में भेजने के बाद कहीं ना कहीं उनकी अच्छी शिक्षा और सुरक्षा को लेकर आश्वस्त हो जाते हैं. महंगे स्कूल में फीस भी महंगी होती है. ट्रांसपोर्ट महंगा होता है. अभिभावक अपने बच्चों के लिए यह सब करते हैं ताकि उन्हें अच्छी शिक्षा मिले और स्कूल में वे अधिक सुरक्षित महसूस करें. पर जब ऐसे माता-पिता इस तस्वीर को देखेंगे तो उनके दिल पर क्या गुजरेगा. निश्चित रूप से यह घटना अभिभावक, स्कूल प्रबंधन और प्रशासन के लिए एक सबक है.

इस वीडियो को देखने के बाद निश्चित रूप से बच्चों के अभिभावक स्कूल प्रबंधन से इस पर जवाब मांगना जरूर चाहेंगे. स्कूल प्रबंधन को भी अभिभावकों को जवाब देना होगा. क्योंकि महंगी फीस और महंगा ट्रांसपोर्ट का वहन करने वाले अभिभावक कभी नहीं चाहेंगे कि उनके बच्चे ऐसी स्कूल बस से आना-जाना करें, जहां उनकी जान को खतरा रहे. इस घटना के बाद चर्चित निजी स्कूल प्रबंधन भी चुप नहीं बैठेगा. यह एक ट्रेलर मात्र है. अगर शुरू में नहीं संभले तो भविष्य में बड़े हादसे भी हो सकते हैं.

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