May 18, 2024
Sevoke Road, Siliguri
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बंगाल में सारदा… के निवेशकों का होगा भुगतान?

सिलीगुड़ी और पूरे बंगाल में अनेक लोगों ने सारदा ,रोज वैली, एमपीएस समेत अनेक चिटफंड कंपनियों में छोटे-बड़े कई निवेश किए थे. निवेशकों को चिटफंड कंपनियों ने अनेक सब्जबाग दिखाए थे और उनके रुपए कुछ ही दिनों में डबल करने का वादा भी किया था. इस चक्कर में सिलीगुड़ी और आसपास के अनेक निवेशक लुट गए. कई लोगों ने आत्महत्या तक कर ली.

चिटफंड कंपनियों को निवेशकों के पैसे तो वापस करने थे नहीं. जब पूरा होने का समय आया तब तक चिटफंड कंपनियां फरार हो चुकी थी. बाद में यह मामला गरमाया तो चिटफंड कंपनियों और निदेशकों के खिलाफ सिलीगुड़ी और पश्चिम बंगाल के विभिन्न थानों में अलग-अलग मामले दर्ज किए गए. वर्तमान में चिटफंड कंपनियों के प्रमुख चेहरे जेल में हैं. मामला अदालत में चल रहा है.

सारदा, रोज वैली आदि चिटफंड कंपनियों के निवेशक अब अपने पैसे रिटर्न की उम्मीद लगभग छोड़ चुके हैं. ठीक उसी तरह से जैसे सहारा के निवेशक भुगतान पाने की उम्मीद छोड़ चुके थे. लेकिन अब उनका भुगतान होगा यह निश्चित हो चुका है सारदा, रोज वैली के निवेशकों को भी अब लग रहा है कि उनका भी भुगतान हो सकता है. दरअसल इसकी एक बड़ी वजह भी है.

कोलकाता हाईकोर्ट ने चिटफंड कंपनियों के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. कोलकाता हाई कोर्ट के न्यायाधीश इंद्र प्रसाद मुखर्जी ने चिटफंड से संबंधित सभी मामलों की सुनवाई एक जगह करने का आदेश दिया है. आपको बताते चलें कि सारदा, रोज वैली, एनपीएस समेत कई मामलों में पूरे बंगाल में 28 मामले दर्ज हैं और इन सभी की सुनवाई अलग-अलग निचली अदालतों में हो रही है.

जानकार मानते हैं कि अगर सभी मामलों को एक जगह क्लब कर दिया जाता है तो इससे मामले की सुनवाई में और सरलता होगी तथा साक्ष्य भी एक साथ उपलब्ध हो जाएंगे. इनके आधार पर फैसला आने में भी विलंब नहीं होगा. बताते चलें कि एमपीएस के मुखिया प्रवीण कुमार तथा दूसरे लोगों ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी. कोलकाता हाई कोर्ट के न्यायाधीश ने इस पर विचार करते हुए यह फैसला सुनाया है. इससे सुनवाई और जांच में तेजी आएगी. कोर्ट ने कहा है कि सभी मामलों की सुनवाई सीबीआई की विशेष अदालत में ही होगी.

चिटफंड कंपनियों के अलग-अलग मामले एक दूसरे से जुड़े हुए हैं. जिस वजह से अदालत का वक्त जाया होता है. साथ ही साक्ष्यों के अभाव में वैधानिक समस्याएं भी सामने आती हैं फैसला आने में विलंब भी होता है. अब सभी मामले एक साथ क्लब होंगे तो निवेशकों को न्याय मिलने में विलंब नहीं होगा. सारदा चिटफंड के मालिक सुदीप्त सेन और रोज वैली के मालिक गौतम कुंडू अभी जेल से बाहर नहीं आ पाए हैं.

सहारा प्रकरण के बाद जिस तरह से कोलकाता हाई कोर्ट चिटफंड मामले में दिलचस्पी ले रहा है, यह सब देखते हुए इन चिटफंड कंपनियों के निवेशकों को लगता है कि उनका भुगतान भी होगा. हो सकता है कि इसमें कुछ विलंब हो. परंतु सहारा की तरह ही उन्हें भी कोई ना कोई चमत्कारिक खबर भविष्य में सुनने को मिल सकती है.

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